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गाजीपुर में मनरेगा मजदूरों के भुगतान में लापरवारही:4 विकास खण्डों के टीए का वेतन डीएम ने रोकने का दिया निर्देश, अपूर्ण आवासों की रिकवरी का आदेश

गाजीपुर2 महीने पहले
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गाजीपुर जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने विभिन्न विभागों के अन्तर्गत संचालित विकास कार्यक्रमों की प्रगति समीक्षा की। जिलाधिकारी ने मनरेगा के तहत कराये जा रहे कार्यों में मजदूरों के भुगतान में लापरवारही पर 04 विकास खण्डों के टीए का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने का निर्देश दिया। कहा कि मजदूरों का पसीना सूखने से पहले उनकी मजदूरी दे दी जाए।

समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने जनपद के 28 विभागों और 16 विकास खण्डों में के अन्तर्गत संचालित विकास कार्यक्रमो की प्रगति समीक्षा करते हुए जानकारी ली। उन्होंने मनरेगा योजना के तहत कराए जा रहे समस्त बिन्दूओं पर समीक्षा की। जिसमें कई विकास खण्डों की प्रगति धीमी और कई ग्राम पंचायतों में कार्य प्रारम्भ ही नहीं हुआ और 04 विकास खण्ड जिसमें सादात, करण्डा, बिरनो एंव देवकली मे मनरेगा कार्यो में मजदूरों के भुगतान पेण्डिंग होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सम्बन्धित टीए का वेतन रोकने का निर्देश दिया।

अपूर्ण आवासों की रिकवरी के आदेश
उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत जो भी कार्ययोजना बनी है। उसे निश्चित समयान्तर्गत में ही पूर्ण कराए, जिससे मजदूरो को रोजगार मिले। उन्होंने वर्ष 2020-21 और वर्ष 2021-22 के अपूर्ण प्रधानमंत्री आवास और मुख्यमंत्री आवास की रिकवरी कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि खण्ड विकास अधिकारी सचिव और ग्राम प्रधान संग प्रतिदिन बैठक करते हुए, यह निर्देशित करें कि शासन की किसी भी योजनाओं में यदि किसी भी तरह की धन उगाही की सूचना प्राप्त होती है, तो उन्हें बक्सा नहीं जाएगा। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवासों की एक जिला स्तरीय कमेटी बनाकर जांच का निर्देश दिया।

डीएम ने की बैठक।
डीएम ने की बैठक।

अधूरे सामुदायिक शौचालयों​ को 5 अक्टूबर तक पूर्ण कराने के निर्देश
खण्ड विकास अधिकारी स्वयं आवास योजना में पात्रों से दूरभाष के माध्यम से वार्ता करते हुए उन्हें किसी भी व्यक्ति या दलाल को पैसे देने से रोकेगे और यह बताएंगे की यह आवास उनके पात्रता के क्रम में उन्हें मिला है। उन्होंने अधूरे सामुदायिक शौचालयो को 15 अक्टूबर तक पूर्ण कराते हुए हैण्डओवर का निर्देश दिया। कहा कि हैण्डओवर हुए सामुदायिक शौचालय अपने रोस्टर के अनुसार क्रियाशील रहे। यह जिला पंचातय राज अधिकारी की जिम्मेदारी है, जिसे वह बराबर चेक करते रहेंगे।

डीएम ने इन विभागीय योजनओं की विस्तारपूर्वक की समीक्षा
जिलाधिकारी ने पंचायत भवन निर्माण, अन्त्येष्टि स्थल निर्माण, ओ डी एफ प्लस की प्रगति, ग्राम पंचातय सचिवो के विरूद्ध लंबित कार्रवाई, वृद्धा पेंशन, दिव्यांगजन पेंशन, शादी अनुदान और छात्रवृत्ति, निराश्रित विधवा पेंशन, कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, हर घर जल योजना, आयुष्मान कार्ड, हेल्थ वेलनेस सेन्टर, पीएचसी निर्माण, टीकाकरण की प्रगति, परिवार नियोजन, पोषाहार वितरण, आपरेशन कायाकल्प, एमडीएम संचालन, डीडीयूजी के वाई की प्रगति, मत्स्य विकास, औद्यानिक मिशन, निराश्रित गौ-वंश आश्रय स्थलो के संचालन व सत्यापन, लम्पी वायरस , फसल बीमा, सोलर पंम्प स्थापना, नहरो की सिल्ट सफाई, संचालन की स्थिति, राजकीय नलकूप की स्थापना एंव संचालन की स्थिति, सोलर लाईटो की स्थापना, पर्यटन विकास, एवं अन्य विभागीय योजनओ की विस्तारपूर्वक समीक्षा की।