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रैपिड रेल स्टेशनों पर लगेंगे 162 एस्केलेटर और 111 लिफ्ट:गाजियाबाद के गुलधर स्टेशन पर पूरा हुआ काम, 7 पॉइंट में पढ़िए एक्सकेलेटर की खूबियां

गाजियाबाद2 महीने पहले
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गाजियाबाद में रैपिड रेल के गुलधर स्टेशन पर एस्केलेटर और लिफ्ट लगाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। - Money Bhaskar
गाजियाबाद में रैपिड रेल के गुलधर स्टेशन पर एस्केलेटर और लिफ्ट लगाने का काम लगभग पूरा हो चुका है।

82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर पर एस्केलेटर और लिफ्ट्स लगाने का काम शुरू हो गया है। इसकी शुरुआत गाजियाबाद में गुलधर स्टेशन से हुई है। गुलधर स्टेशन पर ये काम पूरा हो चुका है। अब साहिबाबाद स्टेशन पर भी एस्केलेटर लगाने का कार्य शुरू हो चुका है।

प्रायोरिटी सेक्शन में सबसे पहले काम
रैपिड रेल का प्रायोरिटी सेक्शन गाजियाबाद में साहिबाबाद से दुहाई डिपो तक है। इसकी लंबाई करीब 17 किलोमीटर है। इस प्रायोरिटी सेक्शन में 5 स्टेशन साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई और दुहाई डिपो हैं। इन सभी स्टेशनों में कुल 36 एस्केलेटर और 26 लिफ्ट लगाई जाएंगी। इनमें से अब तक 8 एस्केलेटर्स और 4 लिफ्ट का इस्टॉलेशन पूरा कर लिया गया है। गुलधर स्टेशन पर 4 एस्केलेटर इंस्टॉल किए गए हैं तथा 2 लिफ्ट का इस्टॉलेशन किया जा रहा है। वहीं साहिबाबाद स्टेशन पर 4 एस्केलेटर्स के इंस्टॉलेशन का कार्य पूरा किया जा चुका है।

प्रायोरिटी सेक्शन में अब यह काम साहिबाबाद स्टेशन पर चल रहा है।
प्रायोरिटी सेक्शन में अब यह काम साहिबाबाद स्टेशन पर चल रहा है।

पुणे में एक्सकेलेटर, बंगलुरू में बन रही लिफ्ट्स
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर पर एस्कलेटर्स लगाने के लिए NCRTC ने शिंडलर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ अनुबंध किया है, जो 162 एस्केलेटर डिलीवर करेगी। यह कंपनी महाराष्ट्र के पुणे में एस्कलेटर्स बना रही है। इसी तरह कॉरिडोर के लिए लिफ्ट का अनुबंध ओटिस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ किया गया है, जो 111 लिफ्ट्स की डिलीवरी करेगी। इन सभी लिफ्ट्स का निर्माण बंगलुरु फैक्ट्री में किया जा रहा है।

इन एस्केलेटर की प्रमुख विशेषताएं

  1. एस्केलेटर के साइड के पैनल और स्टेप (सीढ़ी) के बीच में साड़ी जैसे ढीले कपड़ों के उलझने की संभावना को कम करने के लिए स्कर्ट गार्ड का प्रयोग।
  2. एस्केलेटर पर यात्रा करते समय यात्रियों की उंगलियों की सुरक्षा के लिए एस्केलेटर के हैंडरेल पर फिंगर गार्ड लगा होगा।
  3. एस्केलेटर के असामान्य संचालन पर यात्रियों को एस्केलेटर से गिरने से बचाने के लिए कई स्वचालित सुरक्षा उपकरण होंगे, जिनमें एंटी-रिवर्सल डिवाइस, ड्राइव चेन ब्रोकन डिवाइस, हैंडरेल ब्रोकन डिवाइस, एस्केलेटर ओवर स्पीड डिवाइस, स्टेप सैग/स्टेप ब्रोकन डिवाइस, स्टेप अप-थ्रस्ट डिवाइस, स्टेप मिसिंग डिवाइस, हैंडरेल मॉनिटरिंग डिवाइस आदि।
  4. एस्केलेटर पर मजबूत पकड़ के लिए "V" प्रकार के हैंडरेल होंगे।
  5. प्रत्येक एस्केलेटर पर आसानी से बोर्डिंग और डी-बोर्डिंग करने के लिए पीली लाइन और पीली लाइट के साथ चार समतल स्टेप होंगे।
  6. स्टेशन के अंदर पेड एरिया में लगाए गए एस्केलेटर के साइड में शीशे लगे होंगे, जबकि नॉन पेड एरिया में यह स्टेनलेस स्टील का होगा।
  7. यात्रियों की सुरक्षा के लिए एस्केलेटर के ऊपर और नीचे अतिरिक्त इमरजेंसी स्टॉप स्विच होंगे, जिन्हें जरूरत पड़ने पर प्रयोग करके एस्केलेटर को रोका जा सकेगा।