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पुतला दहन पर संयुक्त किसान मोर्चा का फैसला:अब 15 और 16 अक्टूबर किसी भी दिन जला सकते हैं भाजपा नेताओं के पुतले

गाजियाबाद10 महीने पहले
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हरियाणा के कुछ जिलों में किसान - Money Bhaskar
हरियाणा के कुछ जिलों में किसान

लखीमपुर खीरी कांड में मंत्री अजय मिश्र टेनी की गिरफ्तारी नहीं होने से किसान नाराज हैं। संयुक्त किसान मोर्चा नरेंद्र मोदी, अमित शाह समेत अन्य नेताओं के पुतले जलाने का ऐलान पहले ही कर चुकी है। पहले केवल 15 अक्टूबर के दिन ही भाजपा नेताओं का पुतले दहन करने की बात कही गई थी लेकिन अब संयुक्त किसान मोर्चा ने एक बयान जारी करके कहा है कि किसान 15 और 16 अक्टूबर अब दोनों में से किसी भी दिन पुतला दहन कर सकते हैं। हालांकि संवेदनशील (अल्पसंख्यक) इलाकों में विवाद की आशंका के मद्देनजर पुतले नहीं जलाने का फैसला लिया गया है।

पहले सिर्फ 15 को पुतले फूंकने का था कार्यक्रम

किसान मोर्चा ने कहा कि शुरू में मोर्चा ने अपने सभी घटकों से दशहरा पर 15 अक्टूबर को भाजपा नेताओं के पुतले दहन करने का आह्वान किया था। अब इस योजना में थोड़ा बदलाव किया गया है। SKM अब सभी घटकों से आह्वान करता है कि वह अपनी सुविधानुसार और माहौल के अनुसार 15 या 16 अक्टूबर को किसी भी दिन नेताओं के पुतले दहन कर सकते हैं।

खीरी में माहौल खराब होने की आशंका

SKM ने जारी बयान में कहा कि उन्हें विशेष रूप से तराई (लखीमपुर खीरी) के संवेदनशील इलाकों में BJP-RSS द्वारा साम्प्रदायिक तनाव बढ़ाने के लिए योजना तैयार करने की जानकारी मिली। इसके बाद पुतले दहन के कार्यक्रम में बदलाव किया गया है।

भाकियू ने 16, किसान सभा ने कहा- 15 को पुतले दहन होंगे

हालांकि भारतीय किसान यूनियन के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन ने 'दैनिक भास्कर' से बातचीत में कहा कि भाजपा नेताओं के पुतले अब 15 की बजाय 16 अक्टूबर को दहन किए जाएंगे। भाकियू के एनसीआर प्रभारी मांगेराम त्यागी ने भी किसानों से 16 अक्टूबर को पुतले दहन के कार्यक्रम करने के लिए कहा है। वहीं, किसान सभा की उत्तर प्रदेश कमेटी के सचिव कामरेड चंद्रपाल सिंह ने बताया कि बुलंदशहर जिले में वह 15 अक्टूबर को दशहरे वाले दिन ही नेताओं के पुतले दहन करेंगे।

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