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गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों की महापंचायत शुरू:टिकैत बोले- MSP गारंटी कानून बने, मृतक किसानों को मुआवजा दें और केस वापस ले सरकार

गाजियाबाद9 महीने पहले
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तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली के बॉर्डरों पर चल रहे किसानों के धरने को आज यानी 26 नवंबर 2021 को एक साल पूरा हो रहा है। गाजीपुर समेत सिंघु, टीकरी और शाहजहांपुर बॉर्डर पर किसान महापंचायतें शुरू हो गई हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों से सैकड़ों किसान गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचे हैं। यहां राकेश टिकैत, योगेंद्र यादव सहित कई किसान नेता मौजूद हैं।

टिकैत ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि MSP पर गारंटी कानून बने। 750 मृतक किसानों के परिवारों को मुआवजा मिले। किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस हो। अन्य समस्याओं को हल करने के लिए कमेटी बने। ये सब मांग पूरी होती हैं तो हम बॉर्डर से वापस चले जायेंगे।

गाजीपुर बॉर्डर पर महापंचायत में मौजूद राकेश टिकैत, योगेंद्र यादव, गौरव टिकैत, अशोक धेवले समेत कई किसान नेता मौजूद हैं।
गाजीपुर बॉर्डर पर महापंचायत में मौजूद राकेश टिकैत, योगेंद्र यादव, गौरव टिकैत, अशोक धेवले समेत कई किसान नेता मौजूद हैं।
वेस्ट यूपी के किसान पंचायत के लिए गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे हैं।
वेस्ट यूपी के किसान पंचायत के लिए गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे हैं।

उत्तराखंड से ट्रैक्टरों से पहुंचे किसान
उत्तराखंड से किसानों का बड़ा जत्था ट्रैक्टरों से गाजीपुर बॉर्डर पहुंचा है। इसके अलावा पश्चिमी यूपी के गाजियाबाद, मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, मुजफ्फरनगर, बागपत, नोएडा आदि जिलों से भी भाकियू के पदाधिकारी पहुंचे हैं।

किसान यहां जश्न मनाते भी दिखे। उनका कहना है कि किसानों की मांगों को सरकार ने मान लिया है।
किसान यहां जश्न मनाते भी दिखे। उनका कहना है कि किसानों की मांगों को सरकार ने मान लिया है।

'दिल्ली चलो' आह्वान से शुरू हुआ था यह आंदोलन
यह आंदोलन 26 नवंबर 2020 को 'दिल्ली चलो' नामक आह्वान से शुरू हुआ था। तीन कानूनों के खिलाफ उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा समेत कई राज्यों के किसान पैदल ही दिल्ली की तरफ बढ़ रहे थे। उन्हें बॉर्डरों पर रोक दिया तो वे वहीं पर बैठ गए। संयुक्त किसान मोर्चा के अनुसार, इस आंदोलन में अब तक 683 किसानों की मौत हो चुकी है। आंदोलन की पहली बरसी पर (एसकेएम) संयुक्त किसान मोर्चा ने सिंघु बॉर्डर पर शुक्रवार को मोर्चा की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इसमें आगामी आंदोलन पर भी चर्चा होगी।

किसान नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि जब तक हमारी सभी मांगें पूरी नहीं हो जाती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। संघर्ष का स्वरूप कैसा होगा, यह संयुक्त किसान मोर्चा कल यानि शनिवार को होने वाली बैठक में तय करेगा।
किसान नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि जब तक हमारी सभी मांगें पूरी नहीं हो जाती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। संघर्ष का स्वरूप कैसा होगा, यह संयुक्त किसान मोर्चा कल यानि शनिवार को होने वाली बैठक में तय करेगा।

किसान पीछे हटने को राजी नहीं
कैबिनेट सत्र में कानून वापसी को मंजूरी मिल चुकी है। यह प्रस्ताव 29 नवंबर को शीतकालीन संसद सत्र के पहले दिन पास हो सकता है। इसके बावजूद किसान पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत कह चुके हैं कि संसद में कानून वापस हुए बिना वापस नहीं जाएंगे। इसके साथ ही एमएसपी पर गारंटी कानून बने और मृतक किसानों को मुआवजा मिले। यह सारी मांगें पूरी हों, तब वह बॉर्डरों से हटेंगे।इन सब मांगों को लेकर किसान 29 नवंबर से संसद मार्च निकालने की तैयारी कर रहे हैं।

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