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गाजियाबाद की 119 साल पुरानी रामलीला में सन्नाटा:बारिश ने बिगाड़ा खेल, 4 दिन से स्टेज मंचन नहीं; सिर्फ यूट्यूब पर प्रसारण

गाजियाबाद2 महीने पहले
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119 साल पुरानी रामलीला में आज वो रौनक नहीं है। कुर्सियां खाली पड़ी हैं। स्टेज पर सन्नाटा पसरा है। न दर्शक हैं और न रामलीला कमेटी के मेंबर। कोरोना के दो साल बाद हो रही रामलीला पर गाजियाबाद में चार दिन तक हुई बारिश ने पानी फेर दिया है। हालात ये है कि रामलीला शुरू हुए चार दिन हो गए हैं, लेकिन स्टेज पर मंचन एक दिन भी नहीं हुआ। शहरवासियों तक यूट्यूब के जरिये रामलीला पहुंचाई जा रही है।

रामलीला मेले से ग्राहक नदारद हैं। दुकानदार हाथ पर हाथ रखे बैठे हैं।
रामलीला मेले से ग्राहक नदारद हैं। दुकानदार हाथ पर हाथ रखे बैठे हैं।

चार दिन बारिश से रामलीला मैदान हुआ पानी-पानी
गाजियाबाद में श्री सुल्लामल रामलीला कमेटी के बैनर तले रामलीला का आयोजन घंटाघर मैदान में होता है। 23 सितबंर को इसका शुभारंभ हुआ था। कोरोना में 2 साल रामलीला का संचालन बंद रहा। साल-2021 में जिला प्रशासन ने सिर्फ 2 दिन संचालन करने की परमिशन दी। एक तरह से तीन साल बाद जाकर रामलीला का संचालन पूरी तरह होना था।

इस बार बारिश ने आयोजकों की सारी मेहनत पर पानी फेर दिया। रामलीला शुभारंभ के पहले दिन से मूसलाधार बारिश हुई। पूरा रामलीला ग्राउंड पानी-पानी हो गया। एकमात्र 26 सितंबर ऐसी तारीख थी, जब गाजियाबाद में बारिश नहीं हुई। ऐसे में रामलीला कमेटी आयोजकों ने पूरे दिन ग्राउंड को साफ करने का काम किया।

मेले की दुकानों पर रौनक नहीं
सोमवार रात रामलीला मेले में थोड़ी बहुत रौनक नजर आई। लेकिन खरीदारों की अच्छी-खासी भीड़ नहीं थी। झूलों पर चुनिंदा बच्चे नजर आ रहे थे। कई झूले खाली पड़े थे। रामलीला स्टेज के बराबर में जो स्टॉल थे, वे पूरी तरह खाली पड़े थे। हलवा-पराठा, सॉफ्टी समेत कई दुकानों से ग्राहक नदारद थे। हलवा-पराठा बेच रहे विवेक ने बताया, रामलीला संचालन शुरू नहीं होने की वजह से लोग मेले में नहीं आ रहे हैं। इसका असर दुकानदारों पर सीधा है। उन्हें नुकसान हो रहा है।

झूले वालों का कहना है कि उनका भी ठीक से खर्चा नहीं निकल पा रहा है।
झूले वालों का कहना है कि उनका भी ठीक से खर्चा नहीं निकल पा रहा है।

अध्यक्ष बोले- आज से संचालन शुरू होने की उम्मीद
सुल्लामल रामलीला कमेटी के अध्यक्ष वीरू बाबा ने कहा, हमारी 23 सितंबर से रामलीला की तैयारियां पूरी थी। इसी हिसाब से पूरा शेड्यूल जारी किया गया था। लेकिन ऐन वक्त पर बारिश हो गई और बारिश भी ऐसी हुई कि पूरे ग्राउंड में कीचड़ फैल गई। 26 सितंबर को बारिश थमी तो दिनभर ग्राउंड में मिट्टी भरने और पानी निकालने का काम चला। 26 सितंबर की रात्रि श्रीराम बारात निकाली गई। इस वजह से संचालन शुरू नहीं हो पाया। उम्मीद है कि 27 सितंबर यानि मंगलवार से रामलीला संचालन विधिवत शुरू होगा।

राजनगर में भी डिजिटल प्रसारण
गाजियाबाद के राजनगर सेक्टर-10 में भी इस बार रामलीला का स्टेज मंचन नहीं हो रहा है। रामलीला का मंचन डिजिटल हो रहा है और इसका प्रसारण यूट्यूब पर किया जा रहा है। कथा व्यास मथुरा के हैं।