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UP में अग्निपथ पर किसानों का प्रदर्शन:चौधरी अशोक बोले- जो न माने झंडे से, वो मानेगा डंडे से; जिला मुख्यालयों पर दिया धरना

गाजियाबाद/सहारनपुर/मेरठ2 महीने पहले
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सेना भर्ती से जुड़ी अग्निपथ स्कीम के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) शुक्रवार को सड़क पर उतरा। जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया। सहारनपुर में भाकियू टिकैत के जिला महामंत्री चौधरी अशोक कुमार ने धरना-प्रदर्शन में लोगों को संबोधित किया। उन्होंने नारे लगाए, "जो न माने झंडे से, वो मानेगा डंडे से... जब किसान एकता करता है, मरने से नहीं डरता है।" प्रशासनिक अधिकारी को राष्ट्रपति ने नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा और स्कीम को वापस लेने की मांग की।

  • सहारनपुर में धरना-प्रदर्शन का वीडियो

मेरठ में भाकियू यानी भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता और युवक कलेक्ट्रेट के सामने धरने पर बैठ गए। बुलंदशहर में काला आम चौराहा पर भाकियू महिला विंग की पदाधिकारियों ने सीओ को ज्ञापन दिया। अग्निपथ स्कीम को वापस लेने की मांग की गई।

मेरठ में पुलिस से नोकझोंक हुई। कलेक्ट्रेट में डीएम आवास के बाहर कार्यकर्ता जमीन पर ही धरने पर बैठ गए। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि मोदी सरकार युवाओं के साथ धोखा कर रही है।

बुलंदशहर में कलेक्ट्रेट का गेट बंद कर दिया गया है। पुलिस फोर्स तैनात है। बाहर किसानों ने प्रदर्शन किया।
बुलंदशहर में कलेक्ट्रेट का गेट बंद कर दिया गया है। पुलिस फोर्स तैनात है। बाहर किसानों ने प्रदर्शन किया।

अपडेट्स-

  • गाजियाबाद में भाकियू टिकैत और अम्बावत के करीब सौ कार्यकर्ता जुलूस निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और एसडीएम सदर को ज्ञापन सौंपा।
  • वाराणसी में संयुक्त किसान मोर्चा के धरना-प्रदर्शन का कार्यक्रम नहीं है।
  • गौतमबुद्ध नगर में DM कार्यालय पर SKM और भाकियू कार्यकर्ता धरने पर बैठे हैं।
  • सभी जिला और तहसील मुख्यालयों पर संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रदर्शन का ऐलान किया है।
  • मुख्यालयों पर किसान और सेना की तैयारी करने वाले युवक पहुंच रहे हैं।
  • आर्मी भर्ती के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया भी आज से शुरू हो रही है।
बुलंदशहर में DM कार्यालय के सामने पहुंचे भाकियू कार्यकर्ता। पुलिस ने फिलहाल इन्हें गेट के बाहर ही रोक लिया है।
बुलंदशहर में DM कार्यालय के सामने पहुंचे भाकियू कार्यकर्ता। पुलिस ने फिलहाल इन्हें गेट के बाहर ही रोक लिया है।

जुमे का हवाला देकर कन्नौज में किसानों को रोका गया
कन्नौज में भाकियू जिलाध्यक्ष और उनकी टीम को जिला मुख्यालय पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया है। उन्हें जुमे का हवाला दिया गया है। यहां कार्यकर्ताओं से ADM ने ज्ञापन ले लिया है। मुरादाबाद में वाम दल ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। मुजफ्फरनगर में भाकियू नेताओं ने कहा कि सरकार युवाओं को बेवकूफ बनाना चाह रही है। युवा वर्ग भविष्य को लेकर परेशान है और 4 साल ठेके पर नौकरी का प्रलोभन देकर सरकार उसको छलने का प्रयास कर रही है।

मुजफ्फरनगर में भाकियू नेताओं ने केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना का विरोध जताते हुए कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया।
मुजफ्फरनगर में भाकियू नेताओं ने केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना का विरोध जताते हुए कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया।

राष्ट्रपति से की गई 5 मांगें

  • अग्निपथ योजना को तत्काल और पूरी तरह रद्द किया जाए। इस योजना के तहत भर्ती का नोटिफिकेशन वापस लिया जाए।
  • सेना में पिछली बकाया सवा लाख वैकेंसी और इस साल रिक्त होने वाले लगभग 60 हजार पदों पर पहले की तरह नियमित भर्ती तत्काल शुरू की जाए।
  • जहां भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी, उसे पूरा किया जाए और पिछले दो साल भर्ती न होने के एवज में युवाओं को सामान्य भर्ती की आयु सीमा में 2 साल की छूट दी जाए।
  • किसी भर्ती के लिए आवेदकों से ऐसा हलफनामा लेने की शर्त न रखी जाए, जो उन्हें लोकतांत्रिक प्रदर्शन के अधिकार से वंचित करती हो।
  • अग्निपथ विरोधी प्रदर्शनों में शामिल युवाओं के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएं। गिरफ्तार युवाओं को रिहा किया जाए ।
गाजियाबाद में धरने पर बैठे संयुक्त किसान मोर्चा के कार्यकर्ता।
गाजियाबाद में धरने पर बैठे संयुक्त किसान मोर्चा के कार्यकर्ता।

अग्निपथ पर SKM का तर्क

  • अगर यह योजना अपने वर्तमान स्वरूप में लागू होती है, तो आने वाले 15 वर्षों में हमारे सैन्य बलों की संख्या आधी या उससे भी कम रह जाएगी।
  • यह सोचना भी हास्यास्पद है कि 4 साल में अग्निवीर क्या वो तकनीकी दक्षता और संस्कार हासिल कर पाएंगे, जिसके आधार पर वह देश की रक्षा के लिए प्राणों की बाजी लगा सकेंगे।
  • रेजिमेंट की सामाजिक बुनावट को रातों-रात बदलने से सेना के मनोबल पर बुरा असर पड़ेगा।
  • यह अफसोस की बात है कि सरकार ऐसे बदलाव उस समय ला रही है, जबकि पिछले कुछ वर्षों में पड़ोसी देशों की ओर से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा गहरा हुआ है।
  • इस परिस्थिति में सरकार द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा के बजट को वर्ष 2017-18 में केंद्र सरकार के खर्च के 17.8% से घटाकर 2021-22 में 13.2% करना चिंताजनक है।
  • सेना के भूतपूर्व जनरल, अफसरों, परमवीर चक्र जैसे शौर्य पदक प्राप्त सैनिकों और सैन्य विशेषज्ञों ने इस योजना के गंभीर दुष्परिणाम के बारे में आगाह भी किया है।

प्रोटेस्ट से नई भाकियू ने बनाई दूरी
टिकैत गुट से अलग होकर बनी नई भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने इस प्रोटेस्ट से दूरी बना ली है। इस यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष हरिनाम सिंह वर्मा ने ‘दैनिक भास्कर’ से कहा, 'हम इस प्रोटेस्ट का हिस्सा नहीं हैं। गन्ना भुगतान, बिजली बिल आदि तमाम दिक्कतें हैं जो किसानों से सीधे तौर पर जुड़ी हैं। हम इन मांगों को लेकर जल्द ही यूपी मुख्यमंत्री से मिलेंगे।'

(इनपुट: गाजियाबाद से सचिन गुप्ता, मेरठ से शालू अग्रवाल, मनु चौधरी, सहारनपुर से अमित गुप्ता, वाराणसी से पुष्पेंद्र त्रिपाठी, मुजफ्फरनगर से राशिद अली, मुरादाबाद से उमेश शर्मा।)

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