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कलेक्शन एजेंट को लूटने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार:डिलीवरी बॉय ने रची थी पटकथा, सुपारी किलर जग्गू पहलवान का बेटा भी लूट में शामिल

गाजियाबाद2 महीने पहले
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एसएसपी मुनीराज जी ने पुलिस लाइन में प्रेस कान्फ्रेंस करके कलेक्शन एजेंट से हुई लूट के खुलासे की जानकारी दी। - Money Bhaskar
एसएसपी मुनीराज जी ने पुलिस लाइन में प्रेस कान्फ्रेंस करके कलेक्शन एजेंट से हुई लूट के खुलासे की जानकारी दी।

गाजियाबाद पुलिस ने इंदिरापुरम इलाके में 13 जून को कलेक्शन एजेंट से हुई 12 लाख रुपए की लूट का रविवार को खुलासा कर दिया। पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। उनसे सारे रुपए, लूट में प्रयोग में किए कार , डंडा आदि सामान बरामद कर लिया है। इसमें एक आरोपी पूर्व में मारे गए सुपारी किलर जग्गू पहलवान का बेटा है। लूट करने के बाद यह गैंग ऋषिकेश घूमने चला गया था। जैसे ही वहां से लौटा तो पुलिस ने धर दबोचा।

पुलिस लाइन में कॉन्फ्रेंस में एसएपी मुनीराज जी. ने बताया कि वीर बहादुर सिंह राइटर सेफ गार्ड प्राइवेट लिमिटेड में कलेक्शन एजेंट है। 13 जून को इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में हैबिटेट सेंटर के पास बाइक सवार बदमाशों ने डंडा मारकर वीर बहादुर से करीब 12 लाख रुपए लूट लिए गए थे। वारदात के खुलासे के लिए कई पुलिस टीमें काम कर रही थीं। रविवार को पुलिस ने इस मामले में तीन बदमाश गिरफ्तार किए हैं।

पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर उनसे लूटी गई रकम, लूट में प्रयुक्त डंडा आदि सामान बरामद किया है।
पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर उनसे लूटी गई रकम, लूट में प्रयुक्त डंडा आदि सामान बरामद किया है।

आईजी ने टीम को दिया 50 हजार का इनाम

पकड़े गए बदमाशों की पहचान सचिन निवासी भेड़ापुर, चांदीनगर (बागपत), रितिक निवासी बागूराना, लोनी (गाजियाबाद) और कशिश उर्फ कनिष्क निवासी निठौरा, लोनी (गाजियाबाद) के रूप में हुई है। कशिश साल-2012 में मारे गए जग्गू पहलवान का बेटा है। जग्गू दिल्ली-एनसीआर का सुपारी किलर रहा था। मेरठ रेंज के आईजी प्रवीण कुमार ने बदमाशों को पकड़ने वाली टीम को 50 हजार रुपए का पुरस्कार देने की घोषणा की है।

ऐसे बनी लूट की प्लानिंग

एसएसपी मुनीराज ने बताया कि आरोपी सचिन एक ग्रोफर स्टोर पर परिचित व्यक्ति से मिला, जो डिलीवरी बॉय है। उसने नौकरी के बहाने सचिन को बुलाया था और नौकरी की बजाय उसको लूटने का काम सौंप दिया। सचिन को बताया गया कि वीर बहादुर सिंह के पास सोमवार को सबसे ज्यादा कैश होता है, जो उसे लूटना है। 13 जून को सचिन, कशिश और रितिक लोनी से गाजियाबाद की तरफ आए। रितिक मोहननगर में उतर गया। सचिन और कशिश ग्रोफर स्टोर पर आए। स्टोर पर काम करने वाले व्यक्ति ने सचिन और कशिश को वीर बहादुर सिंह की पहचान कराई। एजेंट वीर बहादुर सिंह जैसे ही पैसा लेकर स्टोर से रवाना हुआ तो दोनों युवक उसके पीछे लग गए और हैबिटेट सेंटर के पास पहुंचकर उसको लूट लिया।