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इस्लामिक जिहाद पर अब कोई धर्म संसद नहीं:यति नरसिंहानंद गिरि का बड़ा ऐलान, बोले- हिन्दुओं की उदासीनता से खिन्न हूं, अब धार्मिक जीवन जीऊंगा

गाजियाबादएक महीने पहले
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यति नरसिंहानंद गिरि पंचम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर हैं और गाजियाबाद में डासना मंदिर के पीठाधीश्वर भी हैं। - Money Bhaskar
यति नरसिंहानंद गिरि पंचम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर हैं और गाजियाबाद में डासना मंदिर के पीठाधीश्वर भी हैं।

मुस्लिमों को लेकर हमेशा विवादित टिप्पणी करने वाले पंचम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर और गाजियाबाद स्थित डासना देवी मंदिर के पीठाधीश्वर यति नरसिंहानंद गिरि ने गुरुवार को बड़ा ऐलान कर दिया। उन्होंने कहा कि अब देश में इस्लामिक जिहाद पर कोई धर्म संसद नहीं होगी। उन्होंने हर तरह के सामाजिक जीवन को छोड़कर पूरी तरह धार्मिक जीवन जीने का संकल्प लिया है। आपको बता दें कि नरसिंहानंद गिरि के नेतृत्व में विभिन्न शहरों में जो धर्म संसद हुई हैं, वे विवादित रही हैं और उनमें से कुछ पर मुकदमे भी दर्ज हुए हैं।

वसीम रिजवी की रिहाई पर हरिद्वार में किया ऐलान
नरसिंहानंद गिरि ने गुरुवार को यह ऐलान हरिद्वार में किया है। आज वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी की जेल से रिहाई हुई है। वे 13 जनवरी 2022 से हरिद्वार जेल में बंद थे। 17 से 19 दिसंबर 2021 तक हरिद्वार में चली धर्म संसद में हेट स्पीच पर यति नरसिंहानंद गिरि, वसीम रिजवी समेत कुछ अन्य धर्मगुरुओं पर हरिद्वार पुलिस ने FIR दर्ज की थी। नरसिंहानंद गिरि को जमानत मिल गई थी, जबकि वसीम उर्फ जितेंद्र 13 जनवरी से जेल में बंद थे। सुप्रीम कोर्ट ने दो दिन पहले उन्हें अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था। करीब चार महीने बाद वसीम उर्फ जितेंद्र गुरुवार को जेल से बाहर आ गए।

हेट स्पीच के मुकदमों में समाज की उदासीनता पर लिया फैसला
यति नरसिंहानंद गिरि ने कहा, धर्म संसद मामले में हुए मुकदमे में हमने अपने साथियों की रिहाई के लिए चार महीने से ज्यादा लड़ाई लड़ी। इस पूरी लड़ाई में हिन्दू समाज की उदासीनता से खिन्न होकर उन्होंने अपने बचने हुए जीवन को महायज्ञ और श्रीमदभागवत गीता को समर्पित करने का संकल्प लिया है। नरसिंहानंद ने यह भी कहा, साल-2012 में उत्तर प्रदेश के देवबंद से इस्लामिक जिहाद के विरुद्ध धर्म संसद का सिलसिला शुरू हुआ था, जो आज समाप्त हो रहा है।

उन्होंने कहा कि अब ऐसी कोई धर्म संसद नहीं होगी। वे इस बात से खिन्न हैं कि हिन्दू समाज के योद्धाओं की दुर्गति हो रही है। समाज तक उनके साथ ऐसे मौकों पर नहीं खड़ा है। गिरि ने कहा कि अब वो अपना जीवन नवयुवकों को श्रीमद भागवत गीता पढ़ाने और अन्य धार्मिक कार्यों में लगाएंगे। सामाजिक जीवन से अब उनका कोई वास्ता नहीं रहेगा।

बयानों के लिए विवाद में रहते हैं गिरि
नरसिंहानंद गिरि गाजियाबाद में डासना देवी मंदिर के पीठधीश्वर हैं। पिछले साल उन्होंने इसी मंदिर में वसीम रिजवी का धर्मांतरण कराया था। इसके बाद उन्हें नया नाम जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी दिया गया था। मुसलमानों पर विवादित टिप्पणी को लेकर नरसिंहानंद गिरि अक्सर चर्चाओं में रहते हैं। उन पर 12 से ज्यादा मुकदमे भी दर्ज हैं। हरिद्वार धर्म संसद की हेट स्पीच में नरसिंहानंद गिरि कुछ दिनों तक जेल में बंद रहे थे।