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गैंगस्टर यशपाल तोमर की 135 बीघे जमीन हुई कुर्क:100 करोड़ रुपए से अधिक है जमीन की कीमत, ग्रेटर नोएडा में मेरठ पुलिस ने की कार्रवाई

ग्रेटरनोएडा3 महीने पहले
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पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड में कल तक जिस गैंगस्टर यशपाल तोमर की तूती बोलती थी। थाने-चौकी के हवलदार-सिपाही यहां तक कि कई इंस्पेक्टर और दरोगा भी उसकी चाकरी करने को उतावले रहते थे, आज उसी यशपाल तोमर पर मेरठ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। ग्रेटर नोएडा में यशपाल तोमर की 135 बीघे जमीन पर कुर्की की कार्रवाई हो रही है। जमीन की कीमत करीब 100 करोड़ रुपए है। बड़ी संख्या में मेरठ पुलिस के जवान ग्रेटर नोएडा में मौजूद हैं। साथ में पुलिस के आला अधिकारी भी हैं।

मेरठ एसपी विवेक ने बताया, ब्रह्मपुरी थाने में यशपाल तोमर के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। वह गैंगस्टर एक्ट में भी वांछित है। पुलिस ने इसकी संपत्ति की जानकारी निकाली तो पता चला कि अपने 3 नौकर कर्मवीर, बेलू और कृष्णपाल के नाम पर यहां जमीन ली है। तीनों का एक जॉइन अकाउंट खुलवाया है। यशपाल के ससुर ज्ञानचंद के अकाउंट से उस खाते में रुपए का ट्रांजैक्शन किया गया।

एसपी विवेक ने बताया, जिस खातों से ट्रांजैक्शन हुए हैं, उनको फ्रीज कर दिया गया है। जमीन का मुआवजा भी इसी खाते द्वारा जमा किया गया था, जो कि प्राधिकरण ने दिया था। इस खाते से बड़े चेक द्वारा रुपए निकाल लिए गए। वह रुपए यशपाल तोमर तक पहुंचाए गए। इसकी जांच परतापुर कोतवाली कर रही है।

यशपाल तोमर की इसी संपत्ति पर आज पुलिस कुर्की की कार्रवाई करेगी।
यशपाल तोमर की इसी संपत्ति पर आज पुलिस कुर्की की कार्रवाई करेगी।

बता दें, ग्रेटर नोएडा में जिला स्तरीय एंटी टास्क फोर्स समिति ने चिटहेरा भूमि घोटाले के मुख्य आरोपी यशपाल तोमर और उसकी कंपनी को भू-माफिया घोषित कर दिया था। समिति ने ग्रेनो वेस्ट में हिंडन के डूब क्षेत्र में अवैध कॉलोनी काटने वाले 5 कालोनाइजर को भी भू-माफिया घोषित किया था।

जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने बताया, चिटहेरा गांव में पट्टों की जमीन का अवैधानिक तरीके से क्रय-विक्रय किया गया है। साथ ही, भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) और दादरी SDM की तरफ से भू-माफिया घोषित करने का प्रस्ताव भेजा गया था। प्रस्ताव पर समिति ने यशपाल तोमर को भू-माफिया घोषित कर दिया है।

यशपाल की 140 बीघा जमीन होगी कुर्क
मूलरूप से बागपत के बरवाला थाना क्षेत्र रमाला गांव निवासी यशपाल इस समय दिल्ली के पटपड़गंज स्थित यूनेस्को अपार्टमेंट में रहता है। समिति ने यशपाल से जुड़ी फर्म त्रिदेव रिटेल प्राइवेट लिमिटेड को भी भू-माफिया घोषित किया है। फर्म दिल्ली के फिरोजशाह रोड स्थित दिवान सी अपार्टमेंट के पते पर पंजीकृत है। दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कराया जाएगा।

मेरठ पुलिस के जवान बड़ी संख्या में मौजूद है। ताकि किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना न घटित होने पाए।
मेरठ पुलिस के जवान बड़ी संख्या में मौजूद है। ताकि किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना न घटित होने पाए।

यशपाल तोमर पर दर्ज हैं 18 मुकदमे
आज यशपाल सिंह तोमर की लगभग 135 बीघे जमीन पर आज पुलिस की बड़ी कार्रवाई देखने को मिलेगी। मेरठ पुलिस गैंगस्टर यशपाल तोमर की संपत्ति को कुर्क करेगी। बता दें, यशपाल तोमर पर 18 मुकदमे मेरठ के साथ-साथ कई जिलों में दर्ज हैं। वहीं यशपाल तोमर ने सिंडिकेट बनाकर कई राज्यों में जमीन हड़पने का काम किया है। साथ ही अलग-अलग जगहों पर गरीब और मजदूर लोगों से जबरदस्ती जमीन हथियाने जैसे कई मामले भी संज्ञान में आए हैं।

मेरठ पुलिस के जवानों के साथ-साथ पुलिस के आला अधिकारी भी कार्रवाई के समय मौजूद हैं।
मेरठ पुलिस के जवानों के साथ-साथ पुलिस के आला अधिकारी भी कार्रवाई के समय मौजूद हैं।

5 कालोनाइजर भी भू-माफिया घोषित
जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने बताया, ग्रेनो वेस्ट में हिंडन के डूब क्षेत्र में अवैध कॉलोनी काटी जा रही थीं। हैबतपुर गांव के खसरा नंबर 346, 345, 350, 348, 351 और 349 पर अवैध कॉलोनी काटी जा रही थीं। ग्रेनो प्राधिकरण से इसकी अनुमति नहीं थी। नक्शा स्वीकृत भी नहीं था। एसडीएम दादरी की रिपोर्ट पर नोएडा के बहलोलपुर निवासी रामवीर, ओमपाल, अरुण और सर्फाबाद निवासी मुकेश और मनोज को भू-माफिया घोषित किया गया है। इन पर FIR भी दर्ज कराई जाएगी।

बता दें, यशपाल तोमर उत्तराखंड का बड़ा गैंगस्टर है। यह पहले अपने गिरोह के लोगों द्वारा हत्या, बलात्कार, अपहरण-जान से मारने की धमकी, रोड एक्सीडेंट जैसे काम को अंजाम देकर लोगों को उसमें फंसाता था और लोगों पर मुकदमा दर्ज कराकर उन्हें जेल भिजवा देता था। सलाखों के पीछे भेजते ही शातिर यशपाल तोमर पीड़ित लोगों से समझौते के नाम पर ब्लैकमेल का खेल खेलता था।

यशपाल तोमर लोगों की जमीन अपने नाम कराने के लिए पहले उन पर फर्जी मुकदमे लिखाता उसके बाद समझौता करता।
यशपाल तोमर लोगों की जमीन अपने नाम कराने के लिए पहले उन पर फर्जी मुकदमे लिखाता उसके बाद समझौता करता।

बागपत बरवाला थाना क्षेत्र रमाला गांव निवासी यशपाल तोमर पेशे से किसान था। परिवार में 5 भाइयों के पास करीब 9 बीघा जमीन थी। साल 2002 में हरिद्वार के थाना कोतवाली में पुलिस पर जानलेवा हमला, हथियार लूटने और धोखाधड़ी के आरोप में यशपाल को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके बाद उसने अपना ऐसा नेटवर्क स्थापित किया कि 2004 में हरिद्वार के व्यापारी के खिलाफ थाना सरसावा व साहिबाबाद थाने में अपने साथियों के साथ मिलकर अपहरण, बलात्कार के फर्जी मुकदमे दर्ज कराए।

मुकदमे वापस लेने के एवज में दबाव बनाकर व्यापारी की भूपतवाला स्थित करोड़ों की जमीन औने-पौने दाम में खरीद ली। यशपाल के गैंग से जुड़े महिला और पुरुष उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान के अलग-अलग जगहों पर लोगों को फर्जी मुकदमों में फंसाकर उनकी जमीनें हड़पने का काम करते थे।

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