पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

नोएडा में 22वीं मंजिल से कूदे प्रेमी-प्रेमिका:फ्लैट पर पहले लड़का पहुंचा था, परिवार वाले बोले- लड़की को हम जानते थे, दोनों साथ पढ़ चुके हैं

गौतमबुद्धनगर4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

ग्रेटर नोएडा की गौर सिटी की 22वीं मंजिल से प्रेमी-प्रेमिका कूद गए। घटना के वक्त फ्लैट में वहीं दोनों मौजूद थे। पुलिस को फ्लैट का दरवाजा अंदर से बंद मिला। पुलिस सुसाइड की आशंका जता रही है। वहीं मरने वाले लड़के सचिन के परिवार के लोगों ने पुलिस को बताया कि ये फ्लैट उसके बड़े भाई का है।

जिस लड़की के साथ सचिन कूदा था। वो उसके साथ ही पढ़ती थी। परिवार ने लड़की की शिनाख्त भी की। वो सचिन की अच्छी दोस्त थी। पुलिस ने फ्लैट की तलाशी ली। लेकिन, सुसाइड नोट नहीं मिला है। ऐसे में, पुलिस सोसाइटी में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से साक्ष्य जुटाने का प्रयास करेगी।

गौर सिटी में रहने वालों के भी पुलिस ने बयान दर्ज किए।
गौर सिटी में रहने वालों के भी पुलिस ने बयान दर्ज किए।

सचिन ने ही फोन के प्रेमिका को बुलाया, शाम तक दोनों साथ रहे

पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज किए। शुरुआती कहानी में प्रेम प्रसंग ही सामने आया है। दरअसल, सचिन शेड्यूल कास्ट था। जबकि लड़की ओबीसी। दोनों एक-दूसरे से मिला करते थे। शुक्रवार सुबह सात बजे सचिन के बड़े भाई और उनकी बहन इसी फ्लैट से गाजियाबाद अपने घर के लिए सुबह 7 बजे निकले थे। पड़ोसियों के मुताबिक सचिन सुबह ही फ्लैट पर आ गया था।

अनुमान है कि सचिन ने ही फोन करके अपनी प्रेमिका को फ्लैट पर बुलाया था। शाम को 4 बजे तक दोनों फ्लैट में ही थे। जिसके बाद उन्होंने दरवाजा अंदर से बंद किया। बालकनी से छलांग लगा दी। एसीपी योगेंद्र सिंह ने बताया कि लड़के के परिजनों को बुलाकर फ्लैट को दोबारा जांचा जाएगा।

लड़की के परिवार वालों ने कहा-हमें नहीं पता सुसाइड क्यों किया
थाना प्रभारी उमेश बहादुर सिंह ने बताया कि लड़की गाजियाबाद के शास्त्री नगर की रहने वाली थी। उसके परिजनों से संपर्क हो गया है। फिलहाल आत्महत्या के बारे में उसके परिवार के लोगों को कोई जानकारी नहीं थी। वो लोग अपनी बेटी की आत्महत्या की वजह भी नहीं बता पाए हैं। पुलिस शनिवार को दोबारा पूछताछ करने की तैयारी में है।

अनसुलझे सवाल :

  • बालकनी से कूदकर सुसाइड ही करना था तो फ्लैट के दरवाजे क्यों बंद किए।
  • अमूमन ऐसे मामलों में सुसाइड नोट भी मिलता है।
  • दोनों कुछ घंटे फ्लैट में ही थे। लेकिन, पुलिस को झगड़ा होने के साक्ष्य नहीं मिले।
  • सचिन गाजियाबाद से ग्रेटर नोएडा के फ्लैट तक कैसे पहुंचा।
  • मोबाइल कॉल रिकार्ड पुलिस के साथ प्राथमिक साक्ष्य हो सकते हैं।
खबरें और भी हैं...