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देश की बेस्ट इंवेस्टमेंट सिटी का तैयार हो रहा ड्राफ्ट:मास्टर प्लान तैयार कर रही एजेंसी ने नोएडा भेजा ड्राफ्ट, अब संसोधन के लिए दिया जाएगा 10 दिन का समय

नोएडा3 महीने पहले
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दादरी-नोएडा-गाजियाबाद इन्वेस्टमेंट रीजन (DNGIR) दुनिया की बेस्ट इन्वेस्टमेंट सिटी होगी। स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) ने नए नोएडा के मास्टर प्लान का ड्राफ्ट प्राधिकरण को सौंपा है। इसमें बहुत सी खामियां हैं, जिसकी एक सूची प्राधिकरण का प्लानिंग सेक्शन तैयार कर रहा है। इसे वापस SPA को दिया जाएगा। संशोधन व फाइनल ड्राफ्टिंग के लिए 10 दिन का समय दिया जाएगा। फाइनल ड्राफ्ट शासन के पास भेजा जाएगा।

सैटेलाइट इमेज में मिलने में परेशानी
मास्टर प्लान की ड्राफ्टिंग के लिए सैटेलाइट इमेज की आवश्यकता है। हैदराबाद स्थित मुख्य केंद्र में इन इमेज के लिए कई बार पत्र भेजा गया, लेकिन अब तक रिप्लाई नहीं आ सका। ऐसे में एजेंसी ने गूगल अर्थ और मैन्युअल फुटेज के जरिए ही ड्राफ्टिंग की है। सूत्रों ने बताया कि फाइनल ड्राफ्ट के लिए सैटेलाइट इमेज मिल सकती है।

इन देशों की तर्ज पर बसाया जाएगा नया नोएडा
इनवेस्टर्स के लिहाज से नए नोएडा को अबुधाबी, दुबई, लंदन, हांगकांग, सियोल, पेरिस, टोक्यो, सिंगापुर, मकाऊ की तर्ज पर बसाने पर जोर दिया जा रहा है। प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया, जून के दूसरे सप्ताह तक फाइनल ड्राफ्ट बनकर आ जाएगा। इसके बाद आगे की प्रक्रिया की जाएगी।

देश के इन कॉरिडोर को जोड़ेगा नया नोएडा

  • वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर दादरी से मुंबई
  • ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर लुधियाना से कोलकाता तक वाया खुर्जा से एक SPUR दादरी तक जाएगी।

3 अर्ली बर्ड प्रोजेक्ट को भी जोड़ेगा

  • इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप इन ग्रेटर नोएडा
  • मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब इन बोड़ाकी
  • मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक इन दादरी

एक नजर में DNGIR

  • बुलंदशहर के 60 गौतम बुद्ध नगर के 20 यानी कुल 80 ग्रामों की जमीन लैंड पूल की जाएगी।
  • लैंड पूल नीति के तहत भू-स्वामी को 5 वर्ष तक अथवा विकसित भूखंड प्राप्त होने तक क्षतिपूर्ति के आधार पर मासिक रूप से मुआवजा 5000 रुपए प्रति एकड़ प्रतिमाह होगा।
  • योजना के तहत पूलिंग में दी गई भूमि का 25 प्रतिशत भू-स्वामी को आवंटित की जाएगी। विकसित भूमि का 80 प्रतिशत भूमि औद्योगिक उपयोग के लिए जो कम से कम 450 वर्गमीटर का होगा।
  • लैंड पूल नीति में बाई-बैक का प्रावधान नहीं होगा। आवंटित भूमि पर मास्टर प्लान, बिल्डिंग बॉयलॉज , स्वीकृत जोनल प्लान, लीज डीड की शर्ते मान्य होंगी।
  • विकसित भूखंडों पर बेस्ट यूटिलिटीज का प्रावधान किया जाए।