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सिरसागंज विधानसभा का चुनावी हाल:क्या मुलायम के समधी और भाजपा नेता हरिओम पलटेंगे बाजी या सपा मारेगी बाजी ?

सिरसागंज4 महीने पहले
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सिरसागंज विधानसभा का 2012 में जनपद फिरोजाबाद की नई पांचवी विधानसभा के रूप में गठन हुआ। इससे पूर्व यह घिरोर विधानसभा में सम्मिलित थी।

जनपद फिरोजाबाद की सिरसागंज विधानसभा का 5वीं विधानसभा के रूप में 2012 में गठन किया गया था। जिसकी कुल मतदाता संख्या 319681 है। जिसमें पुरुष मतदाता 1712170 तथा महिला मतदाता 147495 है वही जिसमे नवीन मतदाता 13981 है।

क्षेत्र की दृष्टि से सिरसागंज विधानसभा उत्तर एवं पूरव में जनपद मैनपुरी की सीमा तक फैला हुआ है। और दक्षिण में यमुना नदी के किनारे तक है। जबकि पश्चिमी क्षेत्र सीमा शिकोहाबाद विधानसभा से लगती है। सिरसागंज विधानसभा का क्षेत्र शिकोहाबाद विधानसभा एवं करहल विधानसभा और घिरोर विधानसभा के क्षेत्र को काटकर नई सिरसागंज विधानसभा के रूप में 2012 में सृजित किया गया।

यह विधानसभा क्षेत्र यादव बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण विशेष रुप से गठन से पूर्व ही समाजवादी पार्टी का गढ़ माना जाता है। जिसमें 2012 में एवं 2017 में भी समाजवादी पार्टी के वर्तमान विधायक हरिओम यादव विजयी रहे थे। तथा 2012 से भी पूर्व का इतिहास बताते हुए यह क्षेत्र जब घिरोर विधानसभा में सम्मिलित था। तब यहां से भारोल निवासी उर्मिला यादव विधायक रही थी।

चूंकि वर्तमान बदलते हुए परिवेश में समाजवादी पार्टी से निष्कासित विधायक हरिओम यादव पहले प्रसपा से जुड़ चुके थे लेकिन प्रसपा और सपा का मिलन हो जाने के बाद विधायक हरिओम यादव अपनी नई पारी खेलते हुए भाजपा की गोद में बैठ चुके हैं। अतः क्षेत्र की जनता को विशेष उत्सुकता है कि सिरसागंज विधानसभा क्षेत्र 2022 के चुनाव में क्या गुल खिलाने जा रहा है।

साथ ही आपको बताते चलें कि हरिओम यादव समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव के समधी भी हैं और क्षेत्र में सपा के कद्दावर नेता है। इस प्रकार से जनता उत्सुक है कि सपा का गढ़ 2022 के चुनाव में कितना सुरक्षित रह सकता हैं एवं भाजपा कितना लाभ ले सकती है यह उत्सुकता क्षेत्र की जनता में विशेष दिखाई पड़ रहा है।

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