पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

ट्रेनों के साथ बढ़ेगी चूड़ी की खनक:फिरोजाबाद में वादे नहीं, प्रमुख ट्रेनों का ठहराव चाहिए और बस डिपो की सौगात

फिरोजाबाद4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

फिरोजाबाद में इन दिनों चुनावी माहौल है। विभिन्न राजनीतिक दलों के लोग जनता को विकास कार्य कराने का आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन अब सुहाग नगरी की जनता को केवल आश्वासन नहीं बल्कि रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव, रोडवेज बस डिपो, सीवर लाइन, मेडिकल कॉलेज में डायलिसिस की सुविधा, सिटी स्कैन मशीन और ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट की आवश्यकता है।

4 बार जीते रघुवर दयाल वर्मा

सुहाग नगरी के नाम से विख्यात फिरोजाबाद सदर सीट खुद की पहचान है। इस सीट से सबसे ज्यादा 4 बार विधानसभा जाने का मौका रघुवर दयाल वर्मा को मिला था। इस सीट का प्रतिनिधित्व 5 बार मुस्लिम प्रत्याशियों ने भी किया है। विधानसभा क्षेत्र में ओबीसी और मुस्लिम मतदाताओं की संख्या अच्छी खासी है। पिछले 4 चुनावों की बात करें तो 2 बार भाजपा, एक बार बसपा, एक बार सपा ने जीत दर्ज की है। शहर के प्रबुद्ध वर्ग के लोगों का कहना है कि अब वादों पर मतदान नहीं होगा। जनप्रतिनिधियों को सड़क पर उतर कर काम करना पड़ेगा।

व्यापार मंडल के राजेंद्र बिहारी गुप्ता कहते हैं कि फिरोजाबाद की चूड़ियां देश-विदेश में जाती हैं। ऐसे में यहां प्रमुख ट्रेनों का ठहराव होना चाहिए, लेकिन आज तक नहीं हो सका। चूड़ी कारोबारी अतुल कुमार का कहना है कि फिरोजाबाद से चूड़ी ही नहीं कांच के उत्पाद भी विभिन्न राज्यों में जाते हैं। प्रमुख ट्रेनों का ठहराव न होने के कारण मजबूरन व्यापारियों को ट्रक द्वारा माल भेजना पड़ता है। ऐसे में उन्हें काफी नुकसान होता है। ट्रेनों का ठहराव हो तो उससे माल भेज सकते हैं।

1957 के बाद से यह रही विजेताओं की सूची

फिरोजाबाद सदर सीट पर पहली बार 1957 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जगन्नाथ लहरी ने जीत हासिल की थी। इसके बाद 1962 के चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के भगवान दास जीते। वर्ष 1967 व 1969 में निर्दलीय प्रत्याशी राजाराम ने जीत दर्ज की। वर्ष 1974 में मुस्लिम लीग से मोहम्मद अयूब ने लोगों का विश्वास जीता। वर्ष 1977 में जनता पार्टी के रघुवर दयाल वर्मा ने जीत दर्ज की। वर्ष 1980 में कांग्रेस पार्टी से गुलाब नबी जीते।

वर्ष 1985 में रघुवर दयाल वर्मा ने जनता पार्टी और 1989 में जनता दल के टिकट पर जीत दर्ज की। इस सीट पर भाजपा को पहली जीत वर्ष 1991 में राम किशन ददाजू के रूप में मिली, लेकिन 2 वर्ष बाद सरकार गिरने पर दोबारा चुनाव हुए। वर्ष 1993 में सपा के शेख नसीरुद्दीन, वर्ष 1996 में सोशल एक्शन पार्टी से रघुवर दयाल वर्मा ने चौथी बार विधानसभा जाने का मौका मिला। पिछले 4 चुनाव की बात करें तो वर्ष 2002 में सपा से अजीम भाई, वर्ष 2007 में बसपा से शेख नसीरुद्दीन ने जीत हासिल की। वहीं वर्ष 2012 और 2017 में भाजपा प्रत्याशी के रूप में मनीष असीजा विधानसभा पहुंचे।

2012 और 2017 के चुनावी आंकड़े

2012 में मनीष असीजा सदर सीट पर चुनाव जीतकर पहली बार विधायक बने। उन्होंने समाजवादी पार्टी के अजीम भाई को चुनाव में शिकस्त दी थी। मनीष असीजा को 74,878 और अजीम को 72,863 वोट मिले थे। वहीं वर्ष 2017 में मनीष असीजा ने दूसरी बार जीत दर्ज की। उन्हें 1,02,654 वोट मिले। दूसरे नंबर पर सपा प्रत्याशी अजीम भाई को 60,927 वोट ही मिले।

सीट का जातिगत समीकरण

  • मुस्लिम- 1.25 लाख
  • वैश्य- 80 हजार
  • ब्राह्मण- 35 हजार
  • शंखवार- 40 हजार
  • राठौर- 35 हजार
  • जाटव- 32 हजार
  • यादव- 20 हजार
  • कुशवाहा, प्रजापति, सविता- 30 हजार
  • अन्य जाति- 25 हजार
  • ( सभी आंकड़े अनुमानित हैं)

फिरोजाबाद सीट के कुल मतदाता- 4,20,771

  • पुरुष मतदाता- 2, 26,181
  • महिला मतदाता- 1,94,543
  • थर्ड जेंडर- 47

इन ट्रेनों का नहीं है ठहराव

मरूधर, शताब्दी, टूंडला-रेली का फिरोजाबाद पर ठहराव, शिकोहाबाद फरक्का को फिरोजाबाद पर रोकने की मांग, अपलाइन की नीलांचल एक्सप्रेस, पूर्वा, वैशाली, लिच्छवी, जयपुर-प्रयागराज, कोटा-पटना, नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस, जोधपुर हावड़ा ट्रेनों का ठहराव करने की मांग की है।

खबरें और भी हैं...