पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Market Watch
  • SENSEX57107.15-2.87 %
  • NIFTY17026.45-2.91 %
  • GOLD(MCX 10 GM)481531.33 %
  • SILVER(MCX 1 KG)633740.45 %

फिरोजाबाद…मेडिकल कॉलेज में डेंगू के लिए एलाइजा टेस्ट अनिवार्य:किट की जांच रिपोर्ट को नहीं मान रहे डॉक्टर्स, वायरल बुखार बताकर कर रहे इलाज

फिरोजाबाद2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
फिरोजाबाद मेडिकल कॉलेज में डेंगू के लिए एलाइजा टेस्ट अनिवार्य। - Money Bhaskar
फिरोजाबाद मेडिकल कॉलेज में डेंगू के लिए एलाइजा टेस्ट अनिवार्य।

फिरोजाबाद वासियों को डराने के लिए 'डेंगू' शब्द ही काफी है। इस बीमारी से अब तक जिले भर में करीब 240 की मौत हो चुकी हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े कुछ और ही बता रहे हैं। डेंगू की जांच में भी अब स्वास्थ्य विभाग खेल कर रहा है। बाजार में डेंगू जांच किट में आने वाले डेंगू के मामले को मेडिकल कॉलेज में वायरल बुखार बताकर इलाज शुरू किया जाता है। जब तक मरीज की एलाइजा जांच रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि न हो जाए तब तक वह डेंगू नहीं मानते हैं।

एलाइजा जांच से घर रही मरीजों की संख्या

शहर के मेडिकल कॉलेज में अब डेंगू की जांच किट को नहीं माना जा रहा है। एक सप्ताह से किट से जांच पूरी तरह बंद कर दी गई है। सौ शैय्या अस्पताल में भर्ती मरीजों की डेंगू की पुष्टि के लिए एलाइजा जांच की जा रही है। इस फार्मूले से मेडिकल कॉलेज में डेंगू मरीजों की संख्या घटी है। हालांकि निजी अस्पताल डेंगू किट से पॉजिटिव आने पर ही मरीज का इलाज शुरू कर रहे हैं।

जांच रिपोर्ट आने में लगता है समय

जिले में डेंगू का कहर शुरू हुए करीब डेढ़ माह बीत गया है। सौ शैय्या अस्पताल में एक दिन में एक हजार तक सैंपल संकलित किए जा रहे थे। इसमें किट से ही डेंगू की जांच हो रही थी। 30 से 40 फीसदी तक मरीज डेंगू पॉजिटिव निकल रहे थे। शासन से लगातार मॉनिटरिंग हो रही थी। अब सौ शैय्या अस्पताल में किट से जांच बंद हो गई है। डेंगू के नाम पर सिर्फ एलाइजा जांच की जा रही है। इसमें 91 सैंपल का रिजल्ट आने में तीन से चार घंटे का समय लग जाता है।

किट के स्थान पर एलाइजा की जांच रिपोर्ट बेहतर

मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों की संख्या करीब 245 ​है। इनमें अधिकतर वायरल बुखार के बताए जा रहे हैं। प्राइवेट अस्पतालों में आज भी हालात बेकाबू हैं। अस्पतालों में डेंगू किट की रिपोर्ट को ही मान्य किया जा रहा है। डेंगू फैलने के 10 दिन बाद तक एलाइजा जांच सौ शैय्या अस्पताल में शुरू नहीं हुई थी। उस समय मेडिकल कॉलेज में किट की रिपोर्ट को माना जा रहा था। इस मामले को लेकर मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या डॉ. संगीता अनेजा का कहना है कि एलाइजा जांच से डेंगू की स्थिति स्पष्ट हो जाती है। किट के स्थान पर एलाइजा की जांच रिपोर्ट बेहतर है। हालांकि मरीजों की संख्या पहले से कम हुई है।

खबरें और भी हैं...