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सरकारी जमीन पर बने घरों को खाली करने की नोटिस:पीड़ित परिवारों ने बेघर होने के डर से डीएम लगाई गुहार, जांच के आदेश

फतेहपुरएक महीने पहले
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फतेहपुर में सरकारी जमीनों पर अवैध रूप से मकान बनाकर रह रहे लोगों को नोटिस जारी कर घर खाली करने का आदेश जिला प्रशासन के निर्देश पर भेजा जा रहा, जिसको लेकर बेघर हो रहे पीड़ित परिवारों ने कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर डीएम से न्याय की गुहार लगाई है। कहा कि जिस जगह को सरकारी बताई जा रही वह जगह आबादी में दर्ज है। उसके बाद भी हम लोगो को घर खाली करने का नोटिस दिया जा रहा।

लोगों ने डीएम से लगाई गुहार।
लोगों ने डीएम से लगाई गुहार।

जगह को खाली कर दो, नहीं तो ढहा दी जाएगी
कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे पीड़ित परिवारों के लोगो ने डीएम को प्रार्थना पत्र दिया और कहा कि जिले के खागा नई बाजार के रहने वाले हैं। वन विभाग ने हम लोगों को 24 दिसंबर 2019 में और उसके बाद 13 मार्च 2022 को नोटिस जारी किया। जिसमें कहा गया कि वन विभाग के जमीन पर मकान बना है। उसको खाली कर दो, नहीं तो जेसीबी मशीन से गिरा दिया जाएगा, जबकि जिस जमीन को लेकर नोटिस दी रही है। उस पर आबादी दर्ज है लेकिन चकबंदी विभाग ने बिना नापजोख के वन विभाग की जमीन दर्ज कर दिया।

पीड़ित परिवार में पुष्पा देवी, राजेन्द्र सिंह, उमाकांत,गजराज सिंह, हीरालाल साहू व सुशील कुमार ने बताया कि 16 फरवरी 2022 को हाई कोर्ट ने स्टे आदेश दिया है, जो आज तक प्रभावी है, जिसकी एक कॉपी वन विभाग को दिया जा चुका है। उसके बाद भी घरों को जबरन गिरने की नोटिस भेजी जा रही। हम लोगों ने डीएम से मिलकर इस मामले में सही जांच कराने की मांग किया, क्योंकि चकबंदी विभाग के गलती से तीन सौ परिवार बेघर हो जायेगा।

वन विभाग अधिकारी बोले- जमीन को जल्द खाली कराया जाएगा
इस मामले में वन विभाग के अधिकारी रामानुज त्रिपाठी ने बताया कि सरकारी जमीन में अवैध रूप से मकान बनाकर कुछ लोग रह रहे थे, जिनको जमीन खाली कराने को नोटिस 24 दिसंबर 2019 में और 13 मार्च 2022 को दिया गया था। जमीन वन विभाग की है, जिसको जल्द खाली कराया जायेगा।

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