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नरेंद्र नन्द सरस्वती ने ज्ञानवापी मामले में दिया विवादित बयान:फतेहपुर में कहा- ओवैसी की सांसद सदस्यता हो खत्म, पागलखाने में कराया जाए भर्ती

फतेहपुरएक महीने पहले
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यूपी के फतेहपुर जिले में नरेंद्र नन्द सरस्वती ने विवादित बयान दिया है। उन्होंने ओवैसी के दिए गए बयान पर पलटवार किया है। नरेंद्र नंद सरस्वती ने कहा कि, ओवैसी की सांसद सदस्यता हो खत्म, पागलखाने में कराया जाए भर्ती। वह गाजीपुर थाना क्षेत्र के शाह के एक मंदिर में कार्यक्रम में शामिल हुए थे।

ज्ञानवापी मामले में कहा कि ज्ञानवापी में आज मंदिर का प्रतिक चिन्ह के रूप में शिवलिंग मिला है। उन्होंने कहा कि देश कानून से चलेगा संविधान से चलेगा। ओवैसी जैसे अनर्गल बयान देने वाले लोगों से देश चलने वाला नहीं है।

400 साल से कर रहे थे गंदा

ज्ञानवापी में सर्वे के दौरान मिले शिवलिंग पर शंकराचार्य ने कहा कि ईश्वर के मामले में प्रत्यक्ष नंदी प्रमाण था जो 400 साल से गन्दगी करते थे। उस स्थल का पानी हटाया गया। इसमें 12 फुट आठ इंच का शिवलिंग मिला है। माननीय न्यायलय ने भी उस स्थल को सीज किया है। सीआरपीएफ, डीएम और प्रमुख साक्ष्यों को यह आदेश दिया है कि उसे सीज कर अपने अंदर में ले लें लोगों का प्रवेश रोका जाए। इस शिवलिंग का भगवान् राम ने भी पूजा की थी। अहिल्याबाई होलकर, देवदास ने पूजा की थी।

उन्होंने कहा कि भगवान शिव का कोई आदि अंत नहीं है। कई वर्षों पुराना यह शिव स्थल था लेकिन 500 वर्ष से पूर्व औरंगजेब का जो फरमान है। आज भी वह कलकत्ता में सुरक्षित है। जिसे औरंगजेब ने तोड़ा था, लेकिन वह पूर्ण रूप से टूट नहीं पाया था। आज वहां श्रृंगार गौरी और कई शिवलिंग, जो नंदी के सामने 12 फिट 8 इंच का शिवलिंग है। वह सत्यमेव जयते सत्य की विजय हुई है।

जिस भी मस्जिद को खोदा जाएगा मिलेंगे सनातन धर्म के अवशेष

उन्होंने ताजमहल और कुतुबमीनार के मामले में कहा कि एक नहीं सन 82 में वन्दे मातरम् नाम की पत्रिका बनारस से छपती थी। इसमें 28 हजार 972 मंदिरों को तोड़कर मस्जिद बनाये जाने का जिक्र किया गया है। दिल्ली के पुरातत्व विभाग में एक स्थल है जिसको कुतुबमीनार कहते हैं। उसमें पुरातत्व के बोर्ड में स्पष्ट लिखा हुआ है कि यहां 27 हिन्दुओं और जैनियों के मंदिर को तोड़कर यह क़ुतुबमीनार बनाई गई है।

उन्होंने कहा कि भारत ही नहीं दुनिया के किसी भी देश में गर मस्जिदों में मूर्तियां न मिल जाए तो जो मुस्लिम समाज जो कहेगा हम स्वीकार कर लेंगे। लेकिन विश्व में भारत को छोड़ दें ईरान, ईराक में भी नहीं है, अफगानिस्तान में भी नहीं जो मुस्लिम देश है और जहां जहां मस्जिद खोदी जाएगी वहां सनातन धर्म का ही प्रतिक चिन्ह मिले हैं और भविष्य में मिलते रहेंगे।

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