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यूपी टॉपर्स का 'विजयपथ':किसी के पिता ने पेट काटकर पढ़ाया तो किसी के पास पढ़ाने के लिए पैसे नहीं, ऑफिसर बनना बेटों का सपना

बाराबंकी, फतेहपुर2 महीने पहले
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यूपी बोर्ड के 10वीं और 12वीं के नतीजे घोषित कर दिए हैं। बोर्ड परीक्षाओं में टॉप करने वाले छात्रों घरों में खुशी की लहर देखी गई। इनमें से कुछ टॉपर्स ऐसे निकले, जिनके मां-बाप ने गरीबी का दंश झेलते हुए बच्चों की शिक्षा को जरूरतों की लिस्ट में पहले नंबर पर रखा। मां-बाप के संघर्ष के फलीभूत उनके बच्चों ने पूरे प्रदेश में अपनी मेधा का डंका बजा दिया। यह सक्सेस स्टोरी हाईस्कूल के स्टेट टॉपर प्रिंस पटेल और 12वीं में लड़कों में स्टेट टॉपर योगेश प्रताप सिंह की।

प्रिंस के पिता बोले- पेट काट सकते हैं पढ़ाई नहीं
दैनिक भास्कर की टीम हाईस्कूल में यूपी टॉप करने वाले प्रिंस के गांव इब्राहिमपुर नवाबाद पहुंची। इस गांव में आजादी के 75 साद बाद भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। प्रिंस के पिता अजय कुमार ने बताया कि सड़कें इतनी खराब हैं कि गांव के अंदर तक वाहन नहीं आ पाते। प्रिंस का पढ़ने-लिखने में मन लगता था, वह बचपन से जुझारू था। सेना में जाना उसका सपना है। बेटे को सपने को पूरा करने के लिए उसे घर से दूर रखकर अच्छी शिक्षा दिलवा रहे हैं।

यह प्रिंस के पिता अजय कुमार हैं, जो गांव में रहकर किसानी करते हैं।
यह प्रिंस के पिता अजय कुमार हैं, जो गांव में रहकर किसानी करते हैं।

पढ़ाई में 4 हजार रुपये महीने का खर्चा आता है
अजय ने बताया कि प्रिंस की पांचवीं तक की पढ़ाई गांव के पास सठिगवा स्थित प्राइवेट स्कूल सुपर मांटेसरी में हुई। इसके बाद छठवीं से दसवीं तक की पढ़ाई अनुभव इंटर कॉलेज में पूरी हुई। इस आवासीय स्कूल में पढ़ाई में लगभग 4 हजार रुपये महीने का खर्चा आता है, जो बड़ी मुश्किल से जुटा पाते हैं। अजय कुमार ने बताया कि प्रिंस की पढ़ाई को हमने हमेशा जरूरतों की लिस्ट में पहले स्थान पर रखा। उन्होंने कहा, 'अपना पेट काटा जा सकता है, लेकिन बच्चे की पढ़ाई नहीं काटी जा सकती।'

प्रिंस की पढ़ाई कानपुर के घाटमपुर के स्कूल अनुभव इंटर कॉलेज में चल रही है। प्रिंस हॉस्टल में रह कर पढ़ाई करते हैं। प्रिंस पटेल ने ने 600 में 586 यानी 97.67% अंक हासिल किए हैं। प्रिंस के पिता अजय कुमार स्नातक पास हैं, जो नौकरी न मिलने के कारण किसानी करते हैं।

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पिता के पास पढ़ाने के लिए पैसे नहीं, बेटा बनना चाहता है IAS
इसके बाद टीम इंटर में यूपी टॉप करने वाले सेकेंड रैंक हासिल करने वाले योगेश प्रताप सिंह के घर रामसनेहीघाट के बारीमबाग गांव पहुंची। यहां ग्रामीणों ने बताया कि उनका परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। पिता खेती-बाड़ी करते हैं, माता गृहिणी हैं। योगेश 10 भाई-बहनों में चौथे नंबर पर हैं। परिवार का खर्च ठीक ढंग नहीं चल पता। गांव वालों ने कहा कि योगेश ने अपनी पढ़ाई कठिन हालात में की। पढ़ाई में योगेश की रुचि बचपन से थी, जिसे देखते हुए उसके चाचा उसे बाराबंकी ले गए। वही उसकी पढ़ाई लिखाई का खर्च उठाते हैं।

दूसरा स्थान हासिल करने के बाद योगेश ने दैनिक भास्कर से बात की। उन्होंने अपनी सफलता का मंत्र बताया
दूसरा स्थान हासिल करने के बाद योगेश ने दैनिक भास्कर से बात की। उन्होंने अपनी सफलता का मंत्र बताया

इससे पहले योगेश ने बताया कि उसका सपना आईएएस बनकर देश सेवा करने का है। यह सपना वह बचपन से देख रहे हैं। इसके लिए वह अभी से तैयारी भी कर रहा है। यह सपना वह बचपन से देख रहे हैं। इसके लिए वह अभी से तैयारी कर रहे हैं। योगेश ने बताया कि उन्हें मैथ और सांइस पढ़ने में मजा आता है। योगेश ने आगे कहा कि उनको प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीतियां पसंद हैं। वहीं, सेना भर्ती से जुड़ी अग्निपथ योजना पर उन्होंने कहा कि सरकार को यह फैसला वापस लेना चाहिए और पहले की तरह भर्तियां करनी चाहिए। योगेश खपेड़ाबाग स्थित श्री साईं इंटर कॉलेज में पढ़ाई करते हैं। उन्होंने 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 95 फीसदी अंक हासिल किए।

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