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यूपी बोर्ड 12वीं के 2 टॉपर्स का इंटरव्यू:दिव्यांशी बोली- 6 घंटे की पढ़ाई की, योगेश ने कहा- PM की नीतियां पसंद, लेकिन अग्निपथ कबूल नहीं

फतेहपुर, बाराबंकी2 महीने पहले
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यूपी बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में फतेहपुर की दिव्यांशी ने स्टेट टॉप किया है। उन्होंने 95.4% अंक हासिल किए। बाराबंकी के योगेश स्टेट में दूसरे नंबर पर हैं। योगेश को 95% अंक मिले हैं। रिजल्ट आने के बाद दैनिक भास्कर की टीम टॉपर्स से बात की। दिव्यांशी ने अपनी सफलता के पीछे का एक कारण सीएम योगी की सख्ती को बताया। वह कहती हैं कि प्रदेश में नकल नहीं हुई। इसलिए वह टॉप रैंक स्कोर कर पाईं। पढ़िए दोनों टॉपर्स के इंटरव्यू।

पहले बात स्टेट टॉप करने वाली दिव्यांशी की

प्रोफेसर बनना चाहती हैं दिव्यांशी 12वीं में प्रदेश टॉप करने वाली दिव्यांशी कहती हैं, ‘वे प्रोफेसर बनना चाहती हैं। देश में पढ़ाई के सिस्टम में सुधार लाना चाहती हैं।’ दिव्यांशी ने बताया कि वे स्कूल टाइम में पढ़ाई के अलावा घर पर भी 6 घंटे की सेल्फ स्टडी करती हैं। उनका पसंदीदा विषय मैथ और केमिस्ट्री है, जिसकी वे रोजाना प्रैक्टिस करती थीं।

दिव्यांशी ने बताया कि उसका हाईस्कूल में यूपी में 13वां स्थान आया था।
दिव्यांशी ने बताया कि उसका हाईस्कूल में यूपी में 13वां स्थान आया था।

रिजल्ट देखा तो यकीन नहीं हुआ
दिव्यांशी कहती हैं, "रिजल्ट देखकर मुझे यकीन नहीं हो रहा था। घर में सब बहुत खुश हैं। मैं भी बहुत खुश हूं। मैं आज सीएम योगी की वजह से टॉप कर पाई हूं। उन्होंने नकल पर सख्ती दिखाई, जिससे नकलबाज नकल नहीं कर पाए और हम लोगों को जीत मिली।''

दिव्यांशी कहती हैं, "हाईस्कूल में यूपी में मेरा 13वां स्थान था। तब मैंने सोच लिया था कि इंटर में और मेहनत करूंगी। आज मुझे मेहनत का फल मिल गया है। मैं स्कूल के साथ 6 घंटे की पढ़ाई घर में करती थी। वो मेरे लिए बहुत थी। सारे सेट को हल करती थीं। मैंने फिजिक्स, केमेस्ट्री और मैथ यानी पीसीएम सब्जेक्ट से इंटर किया है। मैथ मुझे बहुत पसंद है। उसी से आगे की भी पढ़ाई करूंगी।"

अब बात स्टेट के सेकंड टॉपर योगेश की...

कभी भी कोचिंग नहीं गए योगेश
12वीं में प्रदेश के सेकंड टॉपर योगेश ने कहा, "उनके पिता की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, वो कभी भी कोचिंग नहीं गए। किताब से खुद के नोट्स तैयार किए।" योगेश कहते हैं, "मेरा सपना आईएएस बनकर देश की सेवा करना है।" योगेश दिल्ली यूनिवर्सिटी से मैथ से बीएससी करना चाहते हैं। योगेश के पिता गांव में खेती किसानी करते हैं। मां गृहिणी हैं। योगेश 10 भाई-बहनों में चौथे नंबर पर हैं। फिलहाल, वे बाराबंकी में अपने चाचा के साथ रहकर पढ़ाई कर रहे थे।

योगेश के घर की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। उन्होंने कभी भी किसी भी विषय की कोचिंग नहीं की। हमेशा खुद से पढ़ाई की।
योगेश के घर की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। उन्होंने कभी भी किसी भी विषय की कोचिंग नहीं की। हमेशा खुद से पढ़ाई की।

केमिस्ट्री कमजोर थी तो ऑनलाइन पढ़ाई की
योगेश ने कहा,"एग्जाम बहुत अच्छा हुआ था क्योंकि वो रोज 6 घंटे पढ़ाई करते थे। सफलता में सबसे ज्यादा योगदान उनके शिक्षकों का रहा है। उनकी केमिस्ट्री वीक थी, इसलिए इसी सब्जेक्ट पर ज्यादा फोकस किया। इसके अलावा डेढ़-ड़ेढ घंटा हर विषय के लिए बांट रखा था। अंग्रेजी और हिंदी को 2 घंटे में पढ़ लेते थे। केमिस्ट्री के टीचर ने उनकी बहुत हेल्प की। मैंने केमिस्ट्री की ऑनलाइन क्लास भी अटेंड की।"

पीएम मोदी की नीतियां पसंद, लेकिन अग्निपथ कबूल नहीं
योगेश ने आगे कहा कि उनको प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीतियां पसंद हैं। वहीं, सेना भर्ती से जुड़ी अग्निपथ योजना पर उन्होंने कहा कि सरकार को यह फैसला वापस लेना चाहिए और पहले की तरह भर्तियां करनी चाहिए।इसके अलावा, योगेश ने बताया कि उन्हें क्रिकेट खेलना बहुत पसंद है। उनके पसंदीदा खिलाड़ी विराट कोहली हैं। योगेश खाली टाइम में क्रिकेट ही खेलते हैं।

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