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बिन्दकी... पानी के आस में प्यासे सैकड़ो ग्रामीण:तीन गांव के परिवार शुद्ध पेयजल के लिए बूंद-बूंद तरस रहे

बिन्दकीएक महीने पहले
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एक तरफ भीषण गर्मी में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार चल रहा है। दूसरी तरफ पानी की किल्लत ग्रामीणों को बेहाल कर रखा है। वैसे तो सरकार हर घर टोटी से जल पहुंचाने के लिए करोड़ रुपये का भारी भरकम बजट खर्च करके गांवों में पानी की टंकी बनवा रही है ताकि हर घर तक आसानी से पानी पहुंच सकें।

गांवों में लगी पानी की टंकी बनी शोपीस
गांवों में लगी पानी की टंकी बनी शोपीस

फतेहपुर में भी 2024 तक प्रत्येक ग्रामपंचायत में पानी की टंकी बनवाकर टोटी से जल देने का लक्ष्य रखा है और अधिकारियों को काम मे तेजी लाने का निर्देश भी दिया है। लेकिन जिन गांवों में करोड़ो की लागत से पानी टंकी बन चुकी है अधिकतर सिर्फ शोपीस खड़ी हैं।

मामला मालवा ब्लॉक के ग्राम पंचायत मीरमऊ का है जिसके अंतर्गत चार गांव मीरमऊ, पैगम्बर पुर, डुबकी, चाचीखेड़ा आता है। इन चारों गांवों में पिछले लगभग एक वर्ष से पानी की सप्लाई नहीं हुई है। टंकी तैयार होने के बाद पाइप लाइन डाली गई थी और महज एक माह की सप्लाई हुई थी इसके बाद आपूर्ति पूरी तरह से ठप हैं।

पानी के लिए भटकते ग्रामीण
पानी के लिए भटकते ग्रामीण

मीरमऊ में नीर निर्मल परियोजना के तहत हर घर जल पहुंचाने के लिए दो करोड़ 24 लाख की लागत से आकर्षक पानी की टंकी व अन्य व्यवस्थाएं की गई थी ताकि ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति हो सके। लेकिन तब से पानी की आस में बैठें ग्रामीण एक- एक बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। और अब ग्रामीणों ने तो टोटी से पानी मिलने की आस भी छोड़ दी हैं।

वही पार्वती, राजाराम, सुखेन लोधी, ननकी, रजोले, संतोष, राजेश समेत अन्य ग्रामीणों का कहना है कि जब से पानी टंकी बनकर तैयार हुई तो कुछ दिन तक गांव में पानी की सप्लाई की गई। इसके बाद पूरी तरह से ठप हो गई। जिससे पेयजल आपूर्ति की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई।

भीषण गर्मी में पानी की परेशानी से बूंद बूंद के लिए तरस रहे हैं क्योंकि सरकारी हैंडपंप दूर-दूर लगें हुए है।इसके बावजूद जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों ने आपूर्ति शुरू कराये जाने की सुध नही ली और न ही कोई स्थाई हल निकाला।

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