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फर्रुखाबाद में 'अमृत महायोजना' पर विवाद:सामूहिक पलायन की तैयारी, 200 मकानों पर लगे हैं मकान बिकाऊ के पोस्टर

फर्रुखाबाद2 महीने पहले
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फर्रुखाबाद में 'अमृत महायोजना 2031' में मकान चले जाने की आशंका से परेशान करीब 200 लोगों ने मकान बिकाऊ के पोस्टर लगा दिए हैं। उन्होंने कहा, सामूहिक पलायन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। जनप्रतिनिधि कोई मदद नहीं कर रहे हैं। बीते गुरुवार को वह लोग सांसद के सामने विरोध दर्ज करवा चुके हैं।

बता दें, बरेली-इटावा राजमार्ग के पांचाल घाट से सेंट्रल जेल तक चौड़ाई 60 मीटर रखी गई है। इससे मार्ग के दोनों ओर के सैकड़ों मकान और दुकान उसकी जद में आ गए हैं। कई दशकों से मकानों में रह रहे लोगों ने योजना का विरोध किया।

गुरुवार रात में ही करीब 200 मकानों के बाहर अमृत महायोजना से प्रताड़ित सामूहिक पलायन मकान बिकाऊ के पोस्टर चस्पा कर दिए गए। विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय धर्म प्रसार प्रमुख दिनेश तोमर ने कहा कि सांसद को ज्ञापन दिया जा चुका है। सदर विधायक को कई बार फोन किया, मगर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला रहा।

ऐसे में पलायन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा। पोस्टर लगाने वालों में मनीष दीक्षित, महेश सिंह तोमर, सीमांत चौहान, उमाशंकर बाथम, अरुण मिश्रा, लोकेश, देवसिंह सहित 200 लोगों के यहां पोस्टर लगे हैं। वहीं, यह पूछे जाने पर कि अब मकान कौन खरीदेगा, तो लोगों ने कहा कि बाहरी खरीदार आकर ले सकते हैं। साथ ही, कुछ लोगों ने मांग न मानी जाने पर उग्र विरोध की चेतावनी दी।

बाग लकूला निवासी प्रमोद कुमार ने बताया, उनके पैतृक खेत है। पीडब्ल्यूडी के लिए निर्धारित 55 मीटर के बाद मकान बनाया। यदि मकान चला गया तो कहां जाएंगे। सरकार पर्याप्त मुआवजा उपलब्ध कराए, तभी मकान की जगह दी जाएगी।

सेना से रिटायर्ड बालेश्वर सिंह ने बताया, वर्ष 1997 में हाईवे किनारे जगह खरीदी थी। अब पूरा मकान जा रहा है। उन्होंने कहा, डीएम को भी लिखित दे चुके हैं। कैप्टन श्यामवीर ने कहा, अब सामूहिक पलायन करना मजबूरी है। सरकार जबरन मकान ले रही है। डीएम स्तर से समस्या का समाधान नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री के पास जाएंगे।

कमलेश चंद्र शुक्ला ने कहा, हमारी खरीदी हुई जमीन है। जीवन भर की कमाई लगा दी। अब बेघर किया जा रहा है। घर बचाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेंगे। एडीएम सुभाष चंद्र प्रजापति ने बताया, सुबह 10 से शाम 5 बजे तक आपत्तियां ली जा रही हैं। उसकी रिसीविंग भी दी जा रही है। आपत्तियों का निस्तारण होगा, तभी महा योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। ऐसे पोस्टर लगाना गलत है। यदि कोई आपत्ति है तो कलेक्ट्रेट में दर्ज करवा सकते हैं।