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फर्रुखाबाद में डीएम के आदेशों का नहीं हो रहा पालन:लोगों ने बना ली थी सीएमओ के फर्जी आदेश की कॉपी, 21 दिन बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

फर्रुखाबाद2 महीने पहले
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फतेहगढ़ स्थित सीएमओ कार्यालय। - Money Bhaskar
फतेहगढ़ स्थित सीएमओ कार्यालय।

फर्रुखाबाद में स्वास्थ्य विभाग में मलाईदार पटल हथियाने के लिए अफसरों में होड़ मची है। आलम यह है सीएमओ के फर्जी आदेश तक जारी कर दिए गए। पिछले दिनों फर्जी आदेश से जुड़ा मामला सामने आया तो हड़कंप मच गया। प्रभारी सीएमओ ने एक जून को कमेटी गठित कर जांच शुरू करा दी। यह जांच तक ठंडे बस्ते में चली गई है। विभाग में मची उठापटक से झोलाछाप की मौज है।

कमाई वाले पद कब्जाने की मची है होड़

मई में सीएमओ के सेवानिवृत्त होने से पहले कार्यालय में मलाईदार पटल कब्जाने के लिए अधिकारियों में घमासान मचा रहा। भुगतान से लेकर पटलो के चार्ज को लेकर आदेश भी खूब हुए। 31 मई को सेवानिवृत्त से पहले तत्कालीन सीएमओ डॉ सतीश चंद्रा ने 18 मई को आदेश जारी कर पटलों का विभाजन कर दिया था। इसमें डिप्टी सीएमओ डॉ अनुराग वर्मा को निजी स्वास्थ्य इकाइयों के पंजीकरण, एसीएमओ डॉ सर्वेश यादव को झोलाछाप उन्मूलन और एसीएमओ डॉ रंजन गौतम को अल्ट्रासाउंड सेंटरों का नोडल अधिकारी नामित किया था। जबकि यह तीनों पटल डिप्टी सीएमओ डॉक्टर अनुराग वर्मा देख रहे थे।

26 मई को फर्जी हस्ताक्षर का आदेश हुआ था जारी

26 मई को सीएमओ के फर्जी हस्ताक्षर से संशोधित आदेश जारी हुआ। इसमें झोलाछाप पटल डिप्टी सीएमओ डॉ अनुराग वर्मा के नाम था। इसी के बाद खींचतान शुरू हो गई। एक जून को प्रभारी सीएमओ डॉ दलवीर सिंह ने एसीएमओ डॉ उमेश चंद वर्मा, डिप्टी सीएमओ डॉ दीपक कटारिया की तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी। तीन दिन में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन 21 दिन बीतने के बाद भी जांच पूरी नहीं हो पाई। जबकि डीएम ने एक जून को झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अब तक कोई कार्यवाही नहीं हो पाई है।

प्रभारी सीएमओ डॉक्टर दलवीर सिंह ने बताया फर्जी हस्ताक्षर के मामले में जांच चल रही हैं। वही झोलाछाप के खिलाफ करवाई कराई जाएगी।