पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

फर्रुखाबाद में पूर्व सैनिकों ने सांसद से की मुलाकात:सुंदरीकरण के मास्टर प्लान का किया विरोध, कहा- बदलाव की है जरूरत

फर्रुखाबाद2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
सांसद से बात करते पूर्व सैनिक। - Money Bhaskar
सांसद से बात करते पूर्व सैनिक।

फर्रुखाबाद शहर के सुंदरीकरण के लिए लाए गए मास्टर प्लान 2031 के प्रारूप का शहर में विरोध लगातार जारी है । बृहस्पतिवार को पूर्व सैनिकों ने बड़ी संख्या में मास्टर प्लान के प्रारूप के विरोध में आईटीआई स्थित भाजपा सांसद के आवास का घेराव किया। उन्होंने मास्टर प्लान के विरोध में एक ज्ञापन उन्हें दिया।

पहले भी किया था प्रदर्शन
जिले में 17 जून को शहर के सुंदरीकरण के लिए जयपुर की एक निजी संस्था से बनवाए हुए मास्टर प्लान 2031 के प्रारूप का प्रदर्शन किया गया था। जिसमें सेंट्रल जेल चौराहा से पांचाल घाट तक के क्षेत्र को 60 मीटर तक अधिग्रहित करने की बात कही गई थी । जिसके विरोध में पूर्व सैनिकों के द्वारा बीते दिनों डीएम को भी ज्ञापन सौंपा गया था । वही बृहस्पतिवार को पूर्व सैनिकों ने एक बड़ी संख्या में आईटीआई चौराहा पर स्थित भाजपा सांसद के आवास का घेराव किया। उन्होंने प्रारूप में बदलाव किये जाने के लिए सांसद को ज्ञापन दिया।

सांसद प्रतिनिधि के साथ पूर्व सैनिकों की हुई नोकझोंक
सांसद को ज्ञापन देने आए पूर्व सैनिकों की किसी बात को लेकर सांसद प्रतिनिधि अनूप मिश्रा से जमकर तीखी नोकझोंक हो गई। जिसके बाद पुलिस कर्मियों के द्वारा बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को अलग किया गया ।

कहा-नहीं छोड़ेगे घर
पूर्व सैनिकों ने कहा कि बॉर्डर पर एक इंच नहीं छोड़ते देश की जमीन घर कैसे छोड़ देंगे। घर अगर तोड़े जाएंगे तो हमारी लाश के ऊपर ही तोड़ जाएंगे। किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे अपने घर, साथ ही पूर्व सैनिकों ने सांसद प्रतिनिधि के ऊपर भी गुस्सा निकालते हुए कहा कि सांसद के प्रतिनिधि को बात करने की तमीज नहीं है। सिर्फ वोट मांगने के दौरान तमीज आ जाती है।

सांसद ने अधिकारियों से बात करने की कही बात
ज्ञापन लेने के बाद फर्रुखाबाद से भाजपा सांसद मुकेश राजपूत ने कहा कि मास्टर प्लान 2031 के नक्शे को जारी करने के बाद जिला प्रशासन ने एक महीने तक आपत्ति व सुझाव मांगे हैं लोग आपत्ति व सुझाव दे रहे हैं । पूर्व सैनिकों के द्वारा सेंट्रल जेल चौराहा से पांचाल घाट तक 60 मीटर सड़क अधिग्रहण न किए जाने के संबंध में ज्ञापन दिया गया है व यह भी सुझाव दिया गया है कि पूर्व समय में 55 फुट सड़क निर्धारित है उसी के आधार पर कार्रवाई की जाए। संबंधित अधिकारियों के साथ जब मीटिंग होगी तो इस बात को रखा जाएगा ।