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फर्रुखाबाद जेल हिंसा:डेंगू से मरे कैदी संदीप का सामने आया लेटर, लिखा- 10 दिन से बीमार था, जेल में इलाज नहीं मिला

फर्रुखाबाद2 महीने पहले
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फर्रुखाबाद जेल हिंसा में एक नया मोड़ आ गया है। जिस बंदी संदीप यादव की डेंगू से सैफई मेडिकल कॉलेज में मौत हुई थी, उसका एक लेटर सामने आया है। कहा जा रहा है कि लेटर कैदी ने मरने से पहले लिखा था। उसने जेल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। इस लेटर के सामने आने के बाद उसके छोटे भाई पिंटू यादव का कहना है कि भाई की मौत की जांच होनी चाहिए। साथ ही दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।

बताते चलें कि रविवार को डेंगू से पीड़ित बंदी संदीप यादव की मौत के बाद कैदी आक्रोशित हो गए थे। जिसके बाद लगभग 3 घंटे तक कैदियों ने जेल को अपने कब्जे में रखा। डिप्टी जेलर को पीटा भी गया। जेल के अंदर आगजनी भी हुई है। जिसमे कई बंदी और 30 से ज्यादा सिपाही भी घायल हुए थे।

वहीं फर्रुखाबाद जेल में हुई हिंसा के दौरान बंदी शिवम की मौत के बाद आधी रात को उसका पोस्टमार्टम कराया गया। सुबह प्रशासन ने आनन-फानन में उसका अंतिम संस्कार भी करा दिया है। वहीं आधी रात को ही मृतक बंदी शिवम सहित 27 बंदियों के खिलाफ हिंसा को लेकर मुकदमा भी दर्ज किया गया है।

क्या लिखा है संदीप यादव ने लेटर में
मृतक कैदी संदीप के भाई पिंटू ने बताया कि जब हम भाई की ख़राब तबीयत के बारे में जानने सैफई पहुंचे तो उसकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टर ने कहा कपड़े में जो हो उसे निकाल लो। हमने कपड़े देखे तो उसमे तंबाकू और यह लेटर मिला। जिसे हमने अपनी जेब में रख लिया। लेटर जिलाधिकारी के नाम पर है। जिसमें लिखा है कि हमारी तबीयत 28 अक्टूबर से ख्रराब है। जिसके बारे में डिप्टी जेलर शैलेश सोनकर को बताया लेकिन उन्होंने एक टैबलेट खाने को दे दी। जिससे बिलकुल भी आराम नहीं है। इसके बारे में हमने जेलर और डिप्टी जेलर को अन्य बंदियों के साथ बताया तो उन्होंने सबको धमकाकर वापस भेज दिया। संदीप ने अपने लेटर में लिखा है कि वह 28 अक्टूबर से न खाना खा पा रहा है न ही बोल पा रहा है। संदीप ने बाहर अस्पताल में इलाज की गुहार लगाईं थी लेकिन वह पूरी नहीं हुई।

संदीप ने बाहर अस्पताल में इलाज की गुहार लगाईं थी लेकिन वह पूरी नहीं हुई।
संदीप ने बाहर अस्पताल में इलाज की गुहार लगाईं थी लेकिन वह पूरी नहीं हुई।

बंदी शिवम का कराया गया अंतिम संस्कार

फर्रुखाबाद जेल हिंसा में गंभीर रूप से घायल बंदी शिवम को सैफई इलाज के लिए रेफर किया गया था। रास्ते में ही शिवम की मौत हो गई थी। देर रात उसका पोस्टमार्टम कराया गया। सूत्रों के मुताबिक उसकी मौत गोली लगने के कारण हुई है। हालांकि, पुलिस प्रशासन अभी इस मामले में चुप्पी साधे हुए है।

मृतक बंदी शिवम का पोस्टमार्टम होने के बाद भारी संख्या में पुलिस बल उसके शव को लेकर जैनापुर स्थित उसके घर आ गया। पहले परिजनों ने शव को जलप्रवाह करने को कहा लेकिन बाद में परिजन उसका दाह संस्कार करने की बात करने लगे। इस दौरान पुलिस से परिजन लगातार पोस्टमार्टम रिपोर्ट मांगते रहे लेकिन पुलिस प्रशासन सिर्फ आश्वासन ही देता रहा। फ़िलहाल सुबह 5 बजे के आसपास अंतिम संस्कार कर दिया गया।

फर्रुखाबाद पुलिस ने शाहजहांपुर बॉर्डर पर राम गंगा किनारे मृतक बंदी शिवम का अंतिम संस्कार कराया है।
फर्रुखाबाद पुलिस ने शाहजहांपुर बॉर्डर पर राम गंगा किनारे मृतक बंदी शिवम का अंतिम संस्कार कराया है।

मृतक बंदी शिवम सहित 27 पर एफआईआर

फर्रुखाबाद जेल हिंसा में जिला जेल के जेलर अखिलेश कुमार ने फतेहगढ़ कोतवाली में तहरीर दी है। जेलर ने मृतक बंदी शिवम सहित 27 लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया है। अखिलेश कुमार ने अपनी तहरीर में बताया है कि बीते रविवार को सुबह लगभग 8 बजे उनके साथ ही डिप्टी जेलर शैलेष कुमार सिंह सोनकर जिला कारागार फतेहगढ़ के कार्यालय में बैठे थे।

मरीज संदीप यादव की सैफई में इलाज के अभाव में मौत की अफवाह फैलाकर बंदियों ने आगजनी और तोड़फोड़ शुरू कर दी। जब मना किया तो आक्रोशित होकर जान से मारने की नियत से गाली गलौच करते हुये अपने-अपने हाथों में सरिया व ईटों के टुकड़े धारदार चम्मच लेकर हम दोनो एवं डूयटी पर लगे बंदी रक्षको पर यह कहते हुये कि जान से मारो कोई बचने न पाये और जान से मारने की नियत से दौड़ा लिया। हमारे साथ मारपीट की और मेरा सरकारी नम्बर-9454418254 वाला मोबाइल फोन छीन लिया।

सीसीटीवी कैमरे चक्र कार्यालय, आरओ प्लांट, ट्राली, कुर्सी मेजें व बैरक-1 की संवेदनशील कोठरी का गेट ध्वस्त कर दिया। आरओ प्लांट में लगी बैटरियों में आग लगा दी। जिसमें बड़ा धमाका हुआ व अन्य सम्पतियों का लाखों रूपये का भारी नुकसान कर दिया है। आपसी गुटबाजी के कारण बंदियों के अलग अलग गुटों के बीच मार-पीट हुई और बैरक नं-2 में एक बंदी गंभीर रूप से घायल हुआ। जिसके पेट में गंभीर चोटें आई हैं।

तहरीर में बताया गया कि आपसी गुटबाजी के कारण बंदियों के अलग अलग गुटों के बीच मार-पीट हुई और बैरक नं-2 में एक बंदी गंभीर रूप से घायल हुआ। जिसके पेट में गंभीर चोटें आई हैं।
तहरीर में बताया गया कि आपसी गुटबाजी के कारण बंदियों के अलग अलग गुटों के बीच मार-पीट हुई और बैरक नं-2 में एक बंदी गंभीर रूप से घायल हुआ। जिसके पेट में गंभीर चोटें आई हैं।

तलाशी में मिला जेल में तमंचा

हिंसा के बाद शाम को पुलिस और जिला प्रशासन की तलाशी के दौरान जेल के भीतर से तमंचा बरामद किया गया। यह तब मिला जब जेल के मुख्य द्वार से लेकर भीतर तक कई चरणों में सुरक्षा रहती है। तलाशी भी ली जाती है। उसके बाद भी जेल के भीतर तमंचा कैसे पंहुच गया। इसका जवाब अभी जेल प्रशासन के पास नहीं है। जानकारी के अनुसार हिंसा में तकरीबन 8-10 बंदी घायल हुए जिन्हें जेल में ही भर्ती किया गया है। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने बताया कि तलाशी में एक तमंचा बरामद हुआ है।

कब क्या हुआ ?

  • सुबह 8:30 बजे बैरक नंबर 9 में डिप्टी जेलर शैलेश सोनकर पर हमला हुआ।
  • सुबह 8:45 बजे कैदियों ने बैरक, अस्पताल और आरओ प्लांट में आग लगाई।
  • सुबह: 8:55 बजे फतेहगढ़ कोतवाली पुलिस मय फोर्स जेल पहुंची।
  • सुबह 9:50 बजे एसपी अशोक मीणा एसओजी टीम के साथ पहुंचे।
  • सुबह 11:30 बजे पुलिस ने बंदियों को काबू में कर लिया।