पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Market Watch
  • SENSEX57684.791.09 %
  • NIFTY17166.91.08 %
  • GOLD(MCX 10 GM)47590-0.92 %
  • SILVER(MCX 1 KG)61821-0.24 %

इटावा में डिरेल हुई मालगाड़ी:दिल्ली से कानपुर जा रही मालगाड़ी के 44 से अधिक डिब्बे पलटे, एक बच्चे की मौत, तीन घायल; एक महीने में दूसरी बार हुआ हादसा

इटावा2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
इटावा में डिरेल हुई ट्रेन।

इटावा में डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर वैदपुरा थाना क्षेत्र के महोला गांव के पास एक मालगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। लगभग 25 फीट ऊपर से मालगाड़ी के डिब्बे नीचे गिर गए। अचानक हुए इस हादसे में पास में ही खेत पर बकरी चरा रहे एक 10 वर्षीय मासूम की मालगाड़ी के मलबे के नीचे दबने से मौत हो गई। हादसे में दो बच्चे सहित एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि 40 से अधिक बकरियों के भी मलबे में दबे होने की आशंका है। हादसे के बाद मलबा हटाने पहुंचे रेल कर्मी अंधेरा होने के कारण काम शुरू नहीं कर पाए। वहीं रेलवे ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

राहत एवं बचाव कार्य में जुटा प्रशासन

बता दें कि सोमवार को वैदपुरा थाना क्षेत्र के महोला गांव के पास से गुजरे डीएफसीसी ट्रैक पर दिल्ली से कानपुर गिट्टी लेकर जा रही मालगाड़ी शाम 5 बजे अचानक पटरी से उतर गई। मालगाड़ी के 44 से अधिक डिब्बे पटरी से उतर कर नीचे खेत की ओर जा गिरे। हादसा इतना भयानक था कि कई किलोमीटर तक धमाके की आवाज सुनाई पड़ी। इस बीच खेतों में बकरी चरा रहे कुछ बच्चे मलबे की चपेट में आ गए। राहत एवं बचाव काम में जुटे प्रशासन ने मौके से जैतियापुरा गांव के रहने वाले 10 वर्षीय सचिन का शव बरामद किया, जबकि हादसे में घायल अनुराग, गौरव और महिला सुमन को सैफई मेडिकल कॉलेज इलाज के लिए भेजा।

राहत एंव बचाव कार्य में जुटा पुलिस प्रशासन।
राहत एंव बचाव कार्य में जुटा पुलिस प्रशासन।

40 से अधिक बकरियों के भी दबे होने की आशंका

प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो घटना के समय बच्चे बकरी चरा रहे थे। अचानक हादसे के बाद डिब्बे खेत की ओर पलट गए। वहीं 40 से अधिक बकरियों के भी दबे होने की आशंका व्यक्त की गई है। सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। फिलहाल राहत एवं बचाव काम के लिए टूंडला से रिलीज गाड़ी को बुलाया गया है। इसके साथ ही डीएफसीसी प्रबंधन ने भी मामले में जांच के आदेश दे दिए है। वहीं पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर जुटे रहे। एसएसपी बृजेश कुमार सिंह, सैफई एसडीएम एन राम, एएसपी ग्रामीण ओमवीर सिंह, फायर विभाग अधिकारी तबारक हुसैन फायर रेस्क्यू टीम के साथ, सीएमओ भगवान दास समेत कई थानों का फोर्स को मौके पर तैनात किया गया है।

तीन परिवारी जनों ने पुलिस से किया संपर्क

इटावा एएसपी ग्रामीण ओमवीर सिंह ने बताया कि फिलहाल तीन परिवारी जनों ने पुलिस से संपर्क कर बच्चों के लापता होने की जानकारी दी है, जिनमें से एक सचिन का शव बरामद किया गया है, जबकि दो बच्चे अनुराग और गौरव को चोट आने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे में एक सुमन नाम की महिला भी गंभीर रूप से घायल हुई है, जिसे अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है।

44 से अधिक मालगाड़ी के डिब्बे पटरी से उतरे।
44 से अधिक मालगाड़ी के डिब्बे पटरी से उतरे।

एक माह में दूसरा हादसा

इटावा जिले में डीएफसीसी पर एक महीने के अंदर यह दूसरा बड़ा हादसा है। इससे पहले जसवंतनगर के राजपुर के पास मालगाड़ी पलटने से डेढ़ किलोमीटर रेलवे ट्रैक उखड़ गए थे। हादसे के कारण पांच दिन ट्रैक बंद करना पड़ा था, जिसके चलते न सिर्फ रेलवे को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा था बल्कि मालगाड़ी व यात्री गाड़ी के रूट में भी परिवर्तन करना पड़ा था। वहीं एक बार फिर से बड़ा हादसा होने के बाद डीएफसीसी ट्रैक पर परिचालन पूरी तरीके से ठप हो गया है। फिलहाल डीएफसीसी प्रबंधन की ओर से मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं। साथ ही मलबा हटाने का काम अब तक शुरू नहीं हो सका है। इस बार हादसे में रेलवे ट्रैक के ओएचई को भी भारी नुकसान हुआ है। ऐसे में एक बार फिर से रेलवे को करोड़ों रुपए के नुकसान की आशंका व्यक्त की गई है।

खबरें और भी हैं...