पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Market Watch
  • SENSEX57276.94-1 %
  • NIFTY17110.15-0.97 %
  • GOLD(MCX 10 GM)48432-0.52 %
  • SILVER(MCX 1 KG)62988-1.1 %

कृषि कानून वापसी पर भाकियू (भानु) का बयान:एटा में प्रदेश अध्यक्ष ने कहा- किसानों की भलाई के लिए देश में किसान आयोग का गठन करे सरकार

एटा2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
कृषि कानून वापसी पर भाकियू (भानु) का बयान। - Money Bhaskar
कृषि कानून वापसी पर भाकियू (भानु) का बयान।

तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद जहां अलग-अलग किसान संगठनों के अलग-अलग सुझाव आ रहे हैं तो वहीं एटा में भारतीय किसान यूनियन (भानु) की मांग है कि सरकार को किसानों की भलाई के लिए देश में एक किसान आयोग का गठन करे।

किसानों का भला होने वाला नहीं

भानु गुट का कहना है कि कृषि कानूनों को वापस लेने से देश के किसानों का कोई भला नहीं होने वाला है। हमारी बहुत पुरानी मांग है कि सरकार किसान आयोग का गठन करे और किसान आयोग ही फसलों की कीमत और अन्य व्यवस्थाएं निर्धारित करने का काम करे।

कृषि कानून का किया था समर्थन

उल्लेखनीय है कि भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने शुरू में तीनों कृषि कानूनों का विरोध किया था और बॉर्डर पर धरना-प्रदर्शन भी किया था, लेकिन बाद में ये सरकार के समर्थन में खुल कर आ गए थे और कृषि कानूनों का समर्थन करने लगे थे। हालांकि कल जब अचानक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा की तो ये भी आश्चर्यचकित रह गए।

इस संबंध में आज भारतीय किसान यूनियन (भानु) के प्रदेश अध्यक्ष योगेश प्रताप सिंह ने कृषि कानूनों को वापस लेने पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि कृषि कानून वापस करने से किसानों भला नहीं होगा। इसके लिए सरकार को किसान आयोग का गठन करना होगा, तभी देश के किसानों का भला होगा।

कृष कानून में संशोधन होना चाहिए था

योगेश प्रताप सिंह ने मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसान आयोग का गठन करें। उन्होंने कहा कि कृष कानून में संशोधन होना चाहिए था। तीनों कृषि कानून वापस लेने से किसानों को कोई भी फायदा होने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि जैविक खेती को सरकार बढ़ावा दे, जिससे शुद्ध खाद्य पदार्थों की किसान पैदावार कर सकें।

किसान आयोग के गठन के लिए सौंपा मांग पत्र

योगेश प्रताप सिंह ने कहा कि हमने 3 अक्टूबर को इमिलिया में किसान महापंचायत के दौरान प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा को देश में एक किसान आयोग के गठन का मांग पत्र सौंपा है। यदि जल्द ही किसान आयोग का गठन न किया गया तो किसान यूनियन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।