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एटा में 100 साल पुरानी दरगाह पर चला बुलडोजर:दरगाह से सटे मकान के अवैध कब्जे को हटाने गई थी टीम, अब कुछ भी बोलने से बच रहे अधिकारी

एटाएक महीने पहले
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कार्रवाई के बाद दरगाह के पास मौजूद मलवा। - Money Bhaskar
कार्रवाई के बाद दरगाह के पास मौजूद मलवा।

एटा में रविवार को अवैध कब्जे को तोड़ने पहुंची टीम ने 100 साल पुरानी बाबा मुल्लेशाह की दरगाह को जमींदोज करा दिया। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि दरगाह को तोड़ने के पहले कोई नोटिस भी नहीं दिया गया था। अब अधिकारी इस मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं।

अतिक्रमण हटाने गई टीम बाबा मुल्लेशाह की दरगाह को जमींदोज कर दिया।
अतिक्रमण हटाने गई टीम बाबा मुल्लेशाह की दरगाह को जमींदोज कर दिया।

मामला एटा के सिविल लाइन इलाके का है। यहां पर पालिका टीम डीएम के पूर्व ड्राइवर रहे प्रेमपाल के मकान के अवैध कब्जे को तोड़ने गई थी। अतिक्रमण तोड़ने के दौरान टीम ने बुलडोजर के जरिए मकान से सटी बाबा मुल्लेशाह की दरगाह को भी तोड़ दिया। इस दौरान एडीएम प्रशासन आलोक कुमार मौके पर मौजूद थे।

रविवार को डीएम के पूर्व ड्राइवर रहे प्रेमपाल के मकान के अवैध कब्जे को गई थी टीम
रविवार को डीएम के पूर्व ड्राइवर रहे प्रेमपाल के मकान के अवैध कब्जे को गई थी टीम

एडीएम के आश्वासन के बाद भी तोड़ा

ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान लोगों ने मजार को नुकसान होने के बारे में सवाल पूछा था। इस पर उन्होंने कहा था कि दरगाह को कोई नुकसान नहीं होगा, बावजूद इसके, टीम ने दरगाह को जमीदोंज कर दिया। इससे स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। अब दरगाह के जमीदोंज के बाद एडीएम प्रशासन भी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।

अतिक्रमण तोड़ने के पहले कुछ इस तरह से थी बाबा मुल्लेशाह की दरगाह।
अतिक्रमण तोड़ने के पहले कुछ इस तरह से थी बाबा मुल्लेशाह की दरगाह।

मुस्लिमों के साथ हिंदुओं की भी आस्था

बाबा मुल्लेशाह मुस्लिमों से ज्यादा हिंदुओं में लोकप्रिय है। गुरुवार को श्रद्धालु मजार में चादरपोशी के आते हैं। शादी विवाह या कोई भी उत्सव होता है तो उसका पहला प्रसाद बाबा मुल्लेशाह की दरगाह में ही चढ़ाया जाता है। 100 साल पुरानी दरगाह जमीदोंज करने को लेकर स्थानीय लोगों में भी काफी नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक बाबा मुल्लेशाह की लगभग 100 साल पुरानी दरगाह है। दरगाह का ध्वस्तीकरण प्लेसेज ऑफ वरशिप एक्ट 1991 का भी उल्लंघन है।

1985 में पास कराया गया था नक्शा

प्रेमपाल के बेटे भवन स्वामी सोनू कुमार ने बताया कि 1983 में इस जमीन का बैनामा कराया था। 1985 में इसका नक्शा भी पास करवाया था। यह मामला सिविल न्यायालय और हाईकोर्ट में विचाराधीन है। रविवार को मकान पर बुलडोजर चलाने के पूर्व किसी भी प्रकार का नोटिस नही दिया गया। अचानक से आकर मकान खाली करवाया गया। मजबूरी में घर से सामान निकालकर सड़क पर रखा है। एटा के अपर जिलाधिकारी प्रशासन आलोक कुमार ने बताया कि यह मकान नगर पालिका परिषद की जमीन पर कब्जा करके बनाया गया था। यह नगर पालिका की भूमि है। इसका नक्शा कैसे पास हो गया है। यह जांच का विषय है।