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  • After 75 Years, Roshan Etta's Nagla Tulayi On Diwali: Administration Installed Generators For Lights, Villagers Said Electricity Will Come In The Village Only Then Will Be Free

एटा के 127 गांवों में दिवाली पर रहेगा अंधेरा:सिर्फ एक गांव जनरेटर से होगा रोशन, आजादी के 75 साल बाद भी बिजली नहीं

एटा3 महीने पहले
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UP में एटा जिले के 128 गांव आज दिवाली के दिन अंधेरे में रहेंगे। इन गांवों में आजादी के 75 साल बाद भी बिजली नहीं है। यह हालात जिले के 8 ब्लॉकों में हैं। अलीगंज ब्लॉक के दो, अवागढ़ के 8, जैथर के 51, जलेसर के 5, मारहरा के 26, निधौली कला के 17, सकीट के 3 और शीतलपुर के 15 गांवों में बिजली नहीं है।

इसे लेकर नगला तुलयी गांव के लोगों ने हंगामा किया। हालांकि, हंगामे के बाद जिला प्रशासन ने नगला तुलयी में जनरेटर लगाकर 2 दिन पूरे गांव में रोशनी की व्यवस्था की है। जबकि 127 गांव दिवाली पर भी अंधेरे में ही हैं।

मामला अलीगंज के ग्राम पंचायत राजा का रामपुर देहात से लांगे छोटे से गांव नगला तुलई का है। गांव के रहने वाले अर्जुन सिंह ने बताया कि जनरेटर लगाकर थोड़ी सुविधा कर दी है, लेकिन हम तो तब खुश होंगे जब यहां पूरी तरह से बिजली आएगी। जब लठ्ठा पर खींचकर बिजली आ जाएगी, तब मैं आजाद होऊंगा और भी अच्छी तरह से दिवाली मनाएंगे।

पिछड़ेपन की वजह से नहीं होती शादी
गांव के पिछड़ेपन और लाइट न होने की वजह से इन गांवों में लोग अपनी लड़कियों की शादी नहीं करते हैं। मोबाइल चार्ज करने के लिए गांव से 2 किलोमीटर दूर रामपुर में जाना पड़ता है। कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई के चलते बच्चों की पढ़ाई-लिखाई भी पूरी तरह से बंद हो गई थी।

कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई के चलते बच्चों की पढ़ाई-लिखाई भी पूरी तरह से बंद हो गई थी।
कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई के चलते बच्चों की पढ़ाई-लिखाई भी पूरी तरह से बंद हो गई थी।

मोमबत्ती और दीपकों से होती रोशनी
128 गांवों के रहने वाले लोग रोज अंधेरा होने पर मोमबत्ती और सरसों के तेल के दीपकों से रोशनी करते हैं। साथ ही इसी की रोशनी में घर के जरूरी काम से लेकर बच्चे पढ़ाई भी करते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, लाइट के लिए उन्होंने जनप्रतिनिधि से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों तक चक्कर लगाए, लेकिन कहीं पर सुनवाई नहीं हुई।

अब वह इसे अपनी किस्मत मानकर थक हार कर बैठ गए हैं। वह रात का खाना दिन में ही बना लेते हैं। साथ ही अंधेरा होने से पहले सो भी जाते हैं।

सौभाग्य योजना का भी नहीं मिला फायदा
केंद्र सरकार देश के प्रत्येक राज्यों में सौभाग्य बिजली योजना चला रही है। इसके अंतर्गत सरकार का हर घर बिजली पहुंचाने का लक्ष्य है। इसके बावजूद ग्रामीणों को योजना का फायदा भी नहीं मिल पा रहा है। सौभाग्य योजना के तहत इन गांवों के विद्युतीकरण का प्रस्ताव भेजा गया था, पर वो अप्रूव नहीं हो सका।

इसके बाद ऐसे छोटे गांवों में विद्युतीकरण करने के लिये सौभाग्य एक्सटेंशन योजना लागू की गई, लेकिन उसमें भी इन गांवों का विद्युतीकरण नहीं हो सका। अभी हाल ही में विद्युतीकरण की रिवैंप योजना आई है। अधिकारियों के अनुसार इसकी डीपीआर अभी बन रही है।

128 में से सिर्फ एक गांव नगला तुलई 2 दिन के लिए जनरेटर से प्रशासन ने किया रोशन।
128 में से सिर्फ एक गांव नगला तुलई 2 दिन के लिए जनरेटर से प्रशासन ने किया रोशन।

विधायक बोले- सर्वे करने वाली कंपनी से छूटे गांव
अलीगंज विधानसभा के भाजपा विधायक सत्यपाल सिंह राठौर का कहना है कि नगला तुलयी के अतिरिक्त उनकी विधानसभा में तीन अन्य गांव नगला नानकार, नगला ढीपा, नगला गुजरयी में अभी तक कई बार अधिकारियों से कहने के बाद भी विद्युतीकरण नहीं हुआ है। ये गांव सर्वे करने वाली कंपनी से छूट गए थे। उन्होंने बताया कि ऊर्जा मंत्री और मुख्यमंत्री को भी लिखकर दिया है। इससे पहले भी अधिकारियों से लगातार कहते रहे हैं। उनको उम्मीद है कि शीघ्र ही छूटे हुए गांवों में भी विद्युतीकरण हो जाएगा।

अधिकारी बोले- प्रपोजल भेजा है, जल्द बिजली आएगी
अलीगंज के एसडीओ आफताब आलम ने बताया कि इसका प्रपोजल हमने भेजा है, जैसे ही अप्रूवल आएगा उसके बाद हम लोग करवा देंगे। सबसे प्रॉपर्टी पर वहीं काम होगा। उन्होंने कहा कि जब ग्रामीणों की शिकायत हमारे पास पहुंची तो हमने प्रपोजल बनाकर ऊपर अधिकारियों को भेज दिया है। खंड विकास अधिकारी कुलदीप कुशवाह ने बताया कि मैंने आज ही विकासखंड अलीगंज का चार्ज लिया है। मामला मेरे संज्ञान में आया है। बिजली विभाग को अवगत कराऊंगा।

अधीक्षण अभियंता राज कुमार ने बताया कि नगला तुलयी सहित बचे हुए 128 मजरों को रिवैंप स्कीम के तहत विद्युतीकरण के लिए भेज दिया गया है। सभी गांवों को रिवैंप स्कीम के तहत शामिल कर लिया गया है जब स्वीकृत होकर आ जाएगा तब तुरंत काम स्टार्ट हो जाएगा।

इंजीनियर बोले- रिवैंप स्कीम में शामिल करके भेजा गया है
एटा के सुप्रीटेंडेंट इंजीनियर विद्युत वितरण मंडल राज कुमार के अनुसार, मामला संज्ञान में आने के बाद सभी 128 बचे हुए मजरों और गांवों को रिवैंप स्कीम(24 घंटे मिले बिजली) में शामिल करके भेज दिया है। जब स्वीकृत होकर आ जाएगा, तब तुरंत काम स्टार्ट हो जाएगा। उन्होंने बताया कि एटा जनपद के सभी 128 गावों को जिनमें विद्युतीकरण नहीं हुआ है। उनको रिवैंप स्कीम में शामिल कर लिया गया है।