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डीएम-एसपी ने गायघाट तटबंधरोधी निर्माण कार्य का किया निरीक्षण:बाढ प्रबंधन, जल जमाव सहित अन्य समस्याओं से रुबरु होने हेतु लगाई चौपाल, लोगों को किया जागरूक

रुद्रपुर (देविरया)3 महीने पहले
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जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा के साथ रुद्रपुर तहसील अन्तर्गत गायघाट तटबंधरोधी निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। वहीं अनंत आदर्श इंटर कालेज गनियारी में चौपाल लगा कर बाढ़, बाढ़ प्रबंधन, जल जमाव सहित अन्य समस्याओं की लोगों से जानकारी प्राप्त की। समस्याओं के समाधान के संबंध में लोगों से भी सुझाव लिए। आए सभी समस्याओं/सुझावों के प्रति एसडीएम रुद्रपुर संजीव उपाध्याय, अधिशासी अभियंता बाढ़ एन के जाडिया और खण्ड विकास अधिकारी रुद्रपुर को उत्तरदाई बनाते हुए उसका हर संभव समाधान कराए जाने का निर्देश दिया।

डीएम ने कटानरोधी कार्यों का लिया जायजा
जिलाधिकारी श्री सिंह गायघाट तटबंध पर बाढ नियंत्रण विभाग से चल रहे कटानरोधी कार्यों का जायजा लेने के दौरान उपस्थित ग्राम वासियों से भी कार्यो के संबंध पूछताछ किए। ग्रामवासियों द्वारा इस कटानरोधी कार्यों को शीघ्रता से कराए जाने और गांव को कटान से बचाए जाने की बात रखी गई। जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता बाढ़ को निर्देश दिया कि कार्यों को प्राथमिकता के साथ करायें, हर हाल में कटान को रोके। अधिशासी अभियंता और ठेकेदार द्वारा यह आशवस्त किया गया कि हर हाल में कटान से तटबंध व गांव को बचाने का कार्य किया जाएगा।

बाढ़ प्रबंधन ​​​​​​​को लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश
जिलाधिकारी इसके उपरान्त अनंत आदर्श इंटर कॉलेज गनियारी में उपस्थित क्षेत्रवासियों से बाढ़ प्रबंधन आदि से जुडे समस्याओं और सुझावों को दिए जाने को कहा। इसी क्रम में ग्राम सोनबह निवासी रविन्द्र यादव ने बारिश के पानी से जलजमाव होने से आवागमन में कठिनाई की समस्या रखी तथा सुझाव दिया कि मोटरपम्प की व्यवस्था तथा पुलिया को उंचा कर दिया जाए तो इससे इसका समाधान होगा। अधिशासी अभियंता बाढ़ द्वारा बताया गया कि गायघाट व पटवनिया के लिए मोटरपम्प का प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति उपरान्त इसकी स्थापना कराई जाएगी।

साफ सफाई सुनिश्चित कराने को दिए निर्देश
जिलाधिकारी ने जिला पंचायतराज अधिकारी उपराक्त समस्याओं के सन्दर्भ में निर्देशित किया कि पुलियां और नालों की साफ सफाई सुनिश्चित कराए। इससे संक्रामक रोग के नियंत्रण में भी लाभ मिलेगा व जल निकासी की भी व्यवस्था सुचारु बनी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि एमपी-3 मानक की पुलिया ही डाली जाए, जिससे आवागमन के समय पुलिया क्षतिग्रस्त नहीं होगी। मदनपुर से पौहरिया मार्ग में जलजमाव की समस्या उठाई गई, जिस पर जिलाधिकारी अधिशासी अभियंता पीडब्लूडी को निर्देश दिया कि इस पर तत्कालिक रुप में मिट्टी की भराई करा दें।

समस्याओं का होगा त्वरित निस्तारण
ग्राम भरोहिया निवासी नीरज चौबे द्वारा जल जमाव की बात रखी गई। जिलाधिकारी ने इससे जुड़े सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि आए सभी सुझावों और समस्याओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करते हुए जनसुविधाओं को विकसित करेगें। ताकि आमजन को बरसात व बाढ के समय कोई दिक्कत न हो। डीएम ने कहा कि सभी जुड़े अधिकारी हर संभव समस्याओं का समाधान करेगें।

पंचायत सचिव, लेखपाल सहित सभी ग्राम स्तरीय अधिकारी जन समस्याओं का प्राथमिक तौर पर जानकारी रखेंगे और उसका समाधान भी सुनिश्चित करेगें। यदि उच्च स्तर पर समस्याएं आएगी और उसकी जानकारी संबंधित ग्राम स्तरीय अधिकारियों/कर्मियो को नहीं होगी तो उसके लिए उन्हें उत्तरदायी माना जाएगा और कार्रवाई भी की जाएगी।पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा ने कहा कि बाढ सहित सभी समस्याओं में पुलिस जुड़े विभागों के साथ पूरे समन्वय के साथ तत्पर रहेगी।

आमजनमानस से योजनाओं के प्रति किया जागरुकता
तटबंधो की सुरक्षा से लेकर जन समस्याओं के समाधान में हर समय मुस्तैद रहने के साथ ही बीट पुलिसिंग की व्यवस्था भी विकसित की गई है, जो स्थानीय स्तर पर ही लोगों की समस्याओं की जानकारी रखेगी और उसका समाधान सुनिश्चित कराएगी। इस दौरान सीवीओ डॉ पीएन सिंह, डीपीआरओ अविनाश सिंह, प्रभारी चिकित्साधिकारी रुद्रपुर, अधिशासन अभियंता विद्युत, आपदा राहत, आपूर्ति निरीक्षक आदि के दौरान संचालित योजनाओं की जानकारी दी गई। आमजनमानस से योजनाओं के प्रति जागरुकता रखने व उसका लाभ उठाने की अपेक्षा की गई।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त और राजस्व नागेन्द्र कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी रुद्रपुर, अन्य जुड़े विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, क्षेत्रीय ग्राम प्रधान गण व आमजन आदि उपस्थित रहे।

डीएम ने मदनपुर पीएचसी का भी किया निरीक्षण
डीएम ने चौपाल के दौरान संज्ञान में लाया गया कि मदनपुर स्वास्थ्य केन्द्र में चिकित्सकों और स्टाफ की तैनाती नहीं है, जिससे लोगों को काफी असुविधा उठानी पड़ रही है, इस पर जिलाधिकारी ने इस स्वास्थ्य केन्द्र का जायजा लेने पहुंचे। बताया गया कि वर्ष 2001 में यह स्वास्थ्य केन्द्र निर्मित है। लगभग 03 एकड़ के परिसर में है। स्टाफ की तैनाती नहीं है, जिलाधिकारी ने इस पर आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया।

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