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देवरिया में नए जिलाधिकारी के आते ही काम में तेजी:ज्वाइन करने के अगले दिन ही विकास कार्याें का किए थे निरीक्षण

देवरिया2 महीने पहले
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 जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह - Money Bhaskar
 जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह

देवरिया में जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह के आते ही पेंडिंग काम तेजी से शुरू हाे गए हैं। कार्यभार संभालते ही निर्माण और विकास कार्यों के औचक निरीक्षण किया। कमियों और अनियमितता बरतने वालों पर कार्रवाई की थी। जहां निर्माण कार्य में कमियां थी,उन्हें सुधारा जाने लगा है।

निर्माण में भ्रष्टाचार पकड़े जाने पर मिटाने लगे साक्ष्य
कटियारी गांव में पर्यटन विभाग 35 लाख की लागत से काली मंदिर और शिव मंदिर का सुंदरीकरण करा रहा है। जिलाधिकारी ने निरीक्षण किया था। इसके बाद घटिया और मानक विहीन कराए गए निर्माण को गिराकर नए सिरे से बनवाना शुरू कर दिया। जिलाधिकारी के निरीक्षण के बाद बिना किसी सक्षम अधिकारी के अनुमति के कार्य दायी संस्था द्वारा ऐसा करना भी साक्ष्य मिटाने का प्रयास है। यह कार्य भी अनियमितता और आपराधिक श्रेणी के अन्तर्गत ही आता है।

डीएम के निरीक्षण में गड़बड़ी पाए जाने के बाद निर्माण एजेंसी ने भ्रष्टाचार के साक्ष्य मिटाने शुरू कर दिए।
डीएम के निरीक्षण में गड़बड़ी पाए जाने के बाद निर्माण एजेंसी ने भ्रष्टाचार के साक्ष्य मिटाने शुरू कर दिए।

16 अप्रैल को जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने कार्यभार ग्रहण किया। 17 अप्रैल को उन्होंने नगर में जलभराव से बचाव के लिए बनाए जा रहे कुरना नाला परियोजना की जांच की। कार्य की गति धीमी पाए जाने पर निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नोडल अधिकारी इसकी प्रतिदिन मॉनिटरिंग कर रिपोर्ट करेंगे। 25 अप्रैल को दोबारा निरीक्षण के बाद डीएम ने धीमी प्रगति पर ठेकेदार से मजदूरों की संख्या बढ़ाने के लिए कहा। 4 मई को डीएम ने कार्य प्रगति धीमी पाए जाने पर दिन रात दोनों शिफ्टों में काम करने का आदेश दिया।

कुरना नाले का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी
कुरना नाले का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी

21 मई को डीएम ने मझौली राज के गोशाला का निरीक्षण किया। गड़बड़ी पाए जाने पर नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी का वेतन रोका और जिला पशु चिकित्सा अधिकारी को डांट लगाई। घटिया ईंट और डिजाईन के विपरीत निर्माण पर कमेटी गठित कर रिपोर्ट मांगी। रिपोर्ट्स पर डीएम ने कार्यदाई संस्था को ब्लैक लिस्ट करने की संस्तुति की और आर्थिक वसूली के निर्देश दिए।

मझौली राज स्थित निर्माणाधीन गौ आश्रय स्थल का निरीक्षण करते जिलाधिकारी
मझौली राज स्थित निर्माणाधीन गौ आश्रय स्थल का निरीक्षण करते जिलाधिकारी

3 जून को बैतालपुर ब्लॉक के तेंदुही गांव में डीएम के निरीक्षण में आंगनबाड़ी और पंचायत भवन के निर्माण में भारी गड़बड़ी मिली। आठ कमरों के पंचायत भवन के बजाय 3 कमरे और हाल मिला। टूटी फूटी टाइल्स और प्लास्टर उखड़े मिले। 3 लाख से अधिक लागत से बनने वाले आंगनबाड़ी के निर्माण में भी भ्रष्टाचार मिला। डीएम ने तकनीकी टीम से जांचकर रिपोर्ट देने को कहा। 7 जून को तकनीकी टीम ने रिपोर्ट दी, जिसमें सरकारी धन के बन्दर बांट की जानकारी दी। डीएम ने आरोपों के बाबत पंचायत सचिव को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। डीपीआरओ को तत्कालीन ब्लॉक प्रमुख और ग्राम प्रधान के विरूद्ध मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।

ग्राम सचिवालय का निरीक्षण करते जिलाधिकारी
ग्राम सचिवालय का निरीक्षण करते जिलाधिकारी

जांच रिपोर्ट से पहले ही कार्यदाई संस्था जुटी मरम्मत में
डीएम द्वारा गठित टीम की रिपोर्ट देने के पूर्व ही कार्यदाई संस्था ने अनियमिततापूर्ण किये गये कार्यों के साक्ष्य मिटाने के लिए निर्माण को तोड़ना शुरू कर दिया है।

डीएम ने लिया संज्ञान
डीएम ने इस प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए कहा है कि कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल द्वारा किया गया कार्य आपत्तिजनक और अनियमिततापूर्ण है। इसमें संलिप्त कोई भी अधिकारी, कर्मचारी बख्शा नही जायेगा, जांच रिपोर्ट में गंभीर लापरवाही पर उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

जिलाधिकारी के कार्यशैली की आमजन में चर्चा
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान जहां भी कार्यों में धांधली पकड़ी है। सभी पर कार्रवाई हुई है। ग्राम तेन्दुई, ग्राम सेमरौना में पंचायत भवन एवं आंगनबाड़ी केन्द्र, अंत्येष्टि स्थल, नौतन हथियागढ में आयुर्वेदिक चिकित्सालय निर्माण, मझौलीराज में बृहद गौ आश्रय केन्द्र निर्माण में मिली अनियमितता में शामिल अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई हुई है। जिलाधिकारी के सख्त और पारदर्शी तेवर की जन सामान्य में खूब चर्चा है।

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