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देवरिया में पोषण और संवर्धन विषयों पर कार्यशाला आयोजित:1 जुलाई-30 सितम्बर 2022 तक चलेगा संभव अभियान

देवरिया2 महीने पहले
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कार्यशाला को संबोधित करते सीडीओ - Money Bhaskar
कार्यशाला को संबोधित करते सीडीओ

देवरिया में कुपोषण की रोकथाम में सबसे बड़ी चुनौती समाज परिवार और व्यक्ति के स्तर पर पोषण सम्बन्धी मौजूदा व्यवहारों, धारणाओं और मिथकों में परिवर्तन लाना है। इसी उद्देश्य से शासन ने 'सम्भव अभियान' एक नवाचार के रूप में प्रारम्भ किया गया है। इसी क्रम में जनपद में दिनांक एक जुलाई से 30 सितम्बर तक 'सम्भव अभियान' आयोजित किया जा रहा है।

मुख्य विकास अधिकारी ने कार्यशाला को संबोधित किया
इस आयोजन के पूर्व अभियान के शत-प्रतिशत सफलता के दृष्टिगत मुख्य विकास अधिकारी रवींद्र कुमार की अध्यक्षता में सम्भव अभियान, पोषण एवं संवर्धन की ओर विषय पर सैम, मैम गम्भीर अल्प वजन के बच्चों के चिन्हांकन आदि विषयों पर कार्यशाला का आयोजन हुआ। कार्यशाला में यूनिसेफ की अधिकारी सहित विभाग द्वारा नामित प्रशिक्षकों ने इस बारे में में प्रशिक्षित किया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री और मुख्य सेविका जमीनी स्तर पर शत-प्रतिशत जन्म से 5 वर्ष के बच्चों का वजन लेते हुए पोषण ट्रैकर में डाटा अपलोड करेंगी ताकि उनके संवर्धन एवं स्तर उठने की कार्रवाई की जा सके।बाल विकास परियोजना अधिकारी कम से कम 20 प्रतिशत आंगनबाड़ी केन्द्रों पर अपलोडेड डाटा का सत्यापन सुनिश्चित करें।

कार्यशाला में भाग लेती आंगनबाड़ी कार्यकत्री
कार्यशाला में भाग लेती आंगनबाड़ी कार्यकत्री

जिला कार्यक्रम अधिकारी ने कहा
जिला कार्यक्रम अधिकारी कृष्ण कान्त राय ने कार्यशाला में प्रतिभागियों को लम्बाई के सापेक्ष वजन और उम्र के सापेक्ष वजन के आधार पर कमशः चिन्हांकन सैम,मैम और गम्भीर रूप से कम वजन के बच्चों के पहचान की प्रक्रिया बताते हुए शत-प्रतिशत बच्चों का वजन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि जुलाई महीने में स्तनपान प्रोत्साहन अभियान आयोजित किया जायेगा। इस माह के प्रथम सप्ताह में गर्भावस्था के आखिरी जन्म त्रैमास में स्तनपान प्रोत्साहन, द्वितीय सप्ताह में जन्म के समय कम वजन के बच्चे की देखभाल, तृतीय सप्ताह में कंगारु मदर केयर तथा चतुर्थ सप्ताह में स्तनपान तकनीकी जुड़ाव तथा स्थिति जानी जायेगी। इसी प्रकार माह अगस्त में ऊपरी आहार तथा सितम्बर माह में पोषण माह जिसमें प्रथम सप्ताह में दस्त से बचाव, द्वितीय सप्ताह में साफ, सफाई व स्वच्छता का पोषण में महत्व आदि सप्ताह आयोजित होगा।
जुलाई- सितंबर में चलेगा व्यापक अभियान
जुलाई-सितम्बर में बृहद डोर टू डोर जागरूकता अभियान चलाते हुए कुपोषित बच्चों के घरों में खान-पान, स्वास्थ्य जांच और उपचार, साफ सफाई संबंधी व्यवहार की जानकारी, पुरुषों की सहभागिता तथा सुपोषण को एक उत्सव के रूप में आयोजित करने की गतिविधियां आयोजित की जायेंगी।इन्हें मनरेगा योजना के अन्तर्गत परिवार के कम से कम एक सदस्य को रोजगार, खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा पात्रता के अनुसार राशन कार्ड, पशुपालन विभाग द्वारा आवश्यकतानुसार गाय एवं उद्यान विभाग द्वारा पोषण वाटिका के स्थापना हेतु फलदार सब्जियों के बृक्ष एवं बीज उपलब्ध कराए जाएंगें।

कार्यशाला में रहे मौजूद
इस अवसर पर सुरेश तिवारी मण्डलीय समन्वयक, यूनिसेफ गोरखपुर मण्डल गोरखपुर एवं प्रशिक्षकों सहित जनपद के समस्त बाल गोरखपुर एवं प्रशिक्षकों सहित जनपद के समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारीगण, समस्त मुख्य सेविकागण एवं प्रत्येक बाल विकास परियोजना की तीन-तीन आँगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त किया गया।