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आंगनबाड़ी के ठेकेदार को किया ब्लैकलिस्ट:तेंदुही में आंगनबाड़ी भवन में मिली अनियमितता, जेई पर कार्रवाई के आदेश

देवरिया3 महीने पहले
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बैतालपुर विकास खंड के तेंदुही ग्राम पंचायत में बने आंगनबाड़ी का डीएम ने निरीक्षण में अनियमितता पाए जाने पर आंकलन के लिए जांच टीम गठित की थी। - Money Bhaskar
बैतालपुर विकास खंड के तेंदुही ग्राम पंचायत में बने आंगनबाड़ी का डीएम ने निरीक्षण में अनियमितता पाए जाने पर आंकलन के लिए जांच टीम गठित की थी।

देवरिया के तेंदुही ग्राम पंचायत में आंगनबाड़ी बनाने वाले ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। आंगनबाड़ी भवन का निर्माण खराब गुणवत्ता और मानक अनुसार नहीं मिलने पर कार्रवाई की गई है। डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने जेई ग्रामीण जितेंद्र पाल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संस्तुति भी की है।

जिलाधिकारी ने बैतालपुर ब्लॉक के तेंदूही ग्राम पंचायत में बने आंगनबाड़ी भवन का निरीक्षण किए थे, जिसमें भारी अनियमितता मिली थी। उन्होंने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता को परियोजना के ठेकेदार-सप्लायर राजेश कुमार सिंह को ब्लैक लिस्ट करते हुए कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
जिलाधिकारी ने जांच के लिए 4 सदस्यीय टीम का किया गठन, मांगी रिपोर्ट
जिलाधिकारी ने यह निर्देश अधिशासी अभियंता (सिंचाई) दुर्गेश गर्ग, जिला कार्यक्रम अधिकारी कृष्णकांत राय, बीडीओ अवनींद्र कुमार पांडेय और सहायक अभियंता आरईडी श्वेता मौर्या की सदस्यता वाली जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर दिया है।

प्रवेश द्वार की दीवार और खिड़की पर मिलीं दरारें
जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि भवन के मुख्य कक्ष के प्रवेश द्वार की दीवार और खिड़की पर गहरी दरारें मिली हैं। यह दरारें कमरे के अंदर और बाहर दोनों ओर हैं। भवन के बाहर किए गए प्लास्टर उखड़े हुए मिले, जिससे स्पष्ट होता है कि मानक के अनुरूप सामग्री का प्रयोग नहीं किया गया है।

मेजरमेंट बुक में दर्ज खिड़कियों की मोटाई और मौके पर मिली खिड़की की मोटाई में भी अंतर पाया गया।आंगनबाड़ी भवन के अंदर और बाहर बरामदे में लगाई गई टाइल्स भी मानक विट्रिफाइड फ्लोर टाइल्स के आधार पर नहीं लगाई गई।

टाइल्स के नीचे केवल 6 सेमी थिकनेस में ड्राई ब्रिक ब्लास्ट डालकर ऊपर से 5 सेंटीमीटर की सैंड फिलिंग की गई है। 1:4 के स्थान पर 1:6 का मसाला बनाकर जुड़ाई का काम किया गया है।

इस प्रकार वास्तविक उपयोग की गई मात्रा से अधिक दर्शाते हुए सीमेंट का भुगतान किया गया है। परियोजना के संबंध में खरीदी गई सामग्री का ब्योरा प्रस्तुत नहीं करने पर भी जांच समिति ने आपत्ति जताई है।

रिपोर्ट पर जिलाधिकारी ने कार्रवाई की संस्तुति की
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर अवर अभियंता और ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की गई है। शासन की जीरो टॉलरेंस की नीति के अनुसार शासकीय धन की बंदरबांट करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है।