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देवरिया में मानसून की दस्तक से ही सड़कें खस्ताहाल:जलभराव से टूटी सड़कों पर जान जोखिम में डालकर यात्रा करना मजबूरी

देवरियाएक महीने पहले
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देवरिया में मानसून की हल्की दस्तक से ही जिला प्रशासन के बारिश से निपटने के मंसूबों की पोल खुल गई है। हल्की बारिश से जहां मुख्य मार्गों पर घुटने भर जल जमाव हो गया है। वहीं जलभराव से टूटी सड़कों से गुजर रहे राहगीर रोज चोटिल हो रहे हैं।

देवरिया-पैकौली मुख्य मार्ग पर भरा पानी
देवरिया-पैकोली मुख्य मार्ग पर सुरौली से लेकर पैकौली होते हुए पकड़ी-बराव मार्ग पर जगह-जगह बड़े गड्ढे हैं, जिसमें बारिश का पानी जमा होने से आवागमन में स्थानीय लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। पैकौली निवासी सामाजिक कार्यकर्ता वैभव शाही बताते हैं कि अभी तो बारिश की शुरुआत है। घुटनों तक पानी में होकर लोगों को जिला मुख्यालय जाना पड़ रहा है।

शहर के करीब होने से नौकरी पेशा, पढ़ने वाले बच्चे और इलाज के लिए जाने वाले सैकड़ों लोगों को हर समय पानी भरे गड्ढे में गिरने का भय बना रह रहा है। अभिमन्यु गोड़, वीरेंद्र कुमार और राजेन्द्र जायसवाल ने बताया कि पैकौली कुटी सिद्ध स्थान होने के नाते सैकड़ों श्रद्धालु आते हैं। टूटी सड़क में जलभराव होने से यहां आने वाले श्रद्धालुओं को भी काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है।

पैकौली कुटी सिद्ध स्थान।
पैकौली कुटी सिद्ध स्थान।

20 करोड़ 67 लाख रुपए की लागत से बने लार बाईपास पर डॉ. विभा सिंह के वैष्णवी हॉस्पिटल के सामने प्रत्येक वर्ष पानी जमा हो जाता है। इस वर्ष अभी बरसात के शुरुआत में ही सड़क पर पानी जमा हो गया है। यहीं पास में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है, जहां इलाज के लिए गड्ढे में भरे पानी से होकर जाना मजबूरी है। हिंदू युवा वाहिनी के नेता अरुण कुमार सिंह ने बताया कि प्रशासन की अदूर दर्शिता से यहां हर वर्ष पानी जमा हो जाता है। अधिकारियों और टाउन एरिया के अधिशासी अधिकारी से भी इस संबंध में ध्यान दिलाया, लेकिन किसी को जनता के हित से कोई लेना-देना नहीं है।

उप नगर भाटपाररानी में भी बारिश से नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मदन मोहन मालवीय पीजी कॉलेज के पीछे टीचर कॉलोनी में पहली ही बारिश में जल जमाव ने टाउन एरिया की तैयारियों की पोल खुल गई है। स्थानीय डॉ. के एन ठाकुर, अभिनव सिंह, शिक्षक संजीव मिश्र ने बताया कि अभी तो मानसून की दस्तक में यह हाल है। आगे क्या होगा, आप सहज अंदाजा लगा सकते हैं। ब्लॉक संसाधन केंद्र पर जल जमाव से जहां पढ़ने आने वाले छात्र-छात्राओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं शिक्षकों को भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

भाटपाररानी टीचर कॉलोनी में पहली ही बारिश में ही जल जमाव हो गया।
भाटपाररानी टीचर कॉलोनी में पहली ही बारिश में ही जल जमाव हो गया।

​​​​​​​​​​​​​​उत्तर प्रदेश-बिहार सीमा के नजदीक सोहनपुर बाजार होकर हजारों वाहन रोज यूपी और बिहार जाते हैं। सलेमपुर-मैरवा (बिहार) मुख्य सड़क बुरी तरह टूट गई है, जिससे लोगों का आना-जाना मुश्किल हो गया है। स्थानीय व्यापारी नवीन बरनवाल बताते हैं कि गड्ढे में गिरने से दर्जनों राहगीर चोटिल हो चुके हैं। सड़क खराब होने से व्यापारियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

सलेमपुर-मैरवा (बिहार) मुख्य सड़क बुरी तरह टूट गई है।
सलेमपुर-मैरवा (बिहार) मुख्य सड़क बुरी तरह टूट गई है।