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किसान क्रेडिट कार्ड कैंप:कृषि विभाग न कैंप लगाकर किसानों को किया जागरूक, ई केवाईसी पर दिया जोर

भाटपाररानी, देवरिया4 महीने पहले
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बनकटा विकास खंड के ग्राम पंचायत प्रताप छापर के खोराबार गांव में कृषि विभाग की तरफ से किसानों को निःशुल्क किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए कैम्प लगाकर जागरूक किया गया।

कैम्प में जानकारी देते हुए प्राविधिक सहायक हरिनाथ निगम ने बताया कि सरकार किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से किसानों को बहुत ही ब्याज पर ऋण उपलब्ध करवाती है। समय से ऋण चुकता करने पर इसका सीधा लाभ किसान भाइयों को होता है। साथ ही सभी किसानों से अतिशीघ्र बैंक में आधार लिंक करने, ई केवाईसी करने पर विशेष जोर दिया गया।

क्या है किसान क्रेडिट कार्ड

किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) किसानों के लिए शुरू की गई एक कल्याणकारी योजना है। इसे भारत सरकार ने साल 1998 में शुरू किया था। केसीसी के माध्यम से किसानों को पर्याप्त मात्रा में और आसानी से लोन उपलब्ध हो जाता है। इससे वह कृषि से संबंधित चीजों जैसे-खाद, बीज, कीटनाशक इत्यादि की खरीद कर सकते हैं। नाबार्ड और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने मिलकर इस योजना की शुरुआत की थी। इसे किसी भी को-ऑपरेटिव बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण या पब्लिक सेक्टर के किसी भी बैंक से हासिल किया जा सकता है।

ब्याज दरों में मिलती है छूट

फसल बेचने के बाद किसान केसीसी के लोन्स चुका सकता है। एक साल के अंदर ही लोन चुकाने पर ब्याज दर में 3 प्रतिशत की छूट भी मिलती है। केसीसी के तहत किसान 5 साल में 3 लाख तक का अल्पकालिक लोन ले सकते हैं।

इस दौरान रमेश यादव, श्रीराम पासवान, चुन्नी खातून,चंन्दभूषण पान्डेय, दुर्गावती देवी, अल्गु चौधरी, राजेश यादव,आदि लोगों की उपस्थिति रही।

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