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लिंगानुपात में पिछड़ा चंदौली:राष्ट्रीय स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 में घटी महिलाओं की संख्या, 2015 के सर्वे में थी ज्यादा

चंदौली2 महीने पहले
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पुरूषों के मुकाबले महिलाओं की संख्या घटी। - Money Bhaskar
पुरूषों के मुकाबले महिलाओं की संख्या घटी।

बहुत पिछड़े जिलों में शामिल चंदौली इस बार लिंगानुपात में भी पिछड़ गया है। केंद्र सरकार के परिवार और कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 के अनुसार जिले के एक हजार पुरूषों पर मात्र 986 महिलाएं ही हैं।

जबकि 2015 में हुए सर्वे के अनुसार एक हजार पुरूषों पर 1005 महिलाएं थीं। तब महिलाओं की संख्या पुरूषों से ज्यादा दी। एक हजार पुरूषों के सापेक्ष में 19 महिलाएं कम हो गई हैं। यह चिंता का विषय है। वहीं जन्म लेने वाले बच्चों में लड़कियों की संख्या बढ़ी है।

लड़कियों की जन्म दर बढ़ी

केंद्र सरकार के परिवार और कल्याण मंत्रालय ने राष्ट्रीय परिवार सर्वेक्षण-5 की रिपोर्ट जारी कर दी है। रिपोर्ट में जिले का लिंगानुपात पिछली ‌रिपोर्ट के अनुसार काफी कम हुआ है। जहां 2015 में प्रति एक हजार पुरूषों पर महिलाओं की संख्या 1005 थी। वहीं 2021 के सर्वेक्षण में घटकर 986 हो गई है। जन्म लेने वाले प्रति एक हजार बालकों के सापेक्ष 877 बालिकाओं का जन्म हुआ। जो 2005 के सर्वेक्षण में 839 था।

सुधरी बिजली, पानी और स्वच्छता की व्यवस्था

राष्ट्रीय परिवार सर्वेक्षण-5 की रिपोर्ट के अनुसार पांच वर्षों में घरों में बिजली के साथ रहने वाली जनसंख्या 73.7 से बढ़कर 91.9 प्रतिशत हो गई है। वहीं बेहतर पेयजल स्रोत वाले घरों में रहने वाली जनसंख्या 91.1प्रतिशत से बढ़कर 97.5 हो गई है। बेहतर स्वच्छता सुविधा का उपयोग करने वाले घरों में रहने वाले लोगों का प्रतिशत 32.5 से बढ़कर 66.7 और खाना पकाने के लिए स्वच्छ ईंधन का उपयोग करने वाले परिवारों का प्रतिशत 21.8 से बढ़कर 42.3 हो गया है।

सात फीसदी बढ़ी स्कूल जाने वाली बा‌लिकाओं की संख्या

सर्वेक्षण रिपोर्ट में 10 साल से अधिक उम्र की बालिकाओं की स्कूल जाने का प्रतिशत सात फीसद बढ़ा है। 2005 में यह 40.2 फीसद था जो अब 47.2 हो गया है। वहीं स्कूल वर्ष 2019-20 के दौरान प्री-प्राइमरी स्कूल में भाग लेने वाले 5 वर्ष की आयु के बच्चे 12.6 फीसद हैं। महिलाओं की साक्षरता जिले में 70 फीसद है। वहीं 20-24 साल की महिलाओं की शादी 18 साल की उम्र से पहले मात्र 17.2 फीसद ही हुआ है जो पहले 33.7 फीसद था।

एक फीसद पुरूषों की हुई नसबंदी

राष्ट्रीय परिवार सर्वेक्षण-5 की रिपोर्ट में यह चौकाने वाला तथ्य सामने आया है। जिसमें जिले में एक फीसदी भी पुरूषों ने नसबंदी नहीं कराई है। मात्र 0.2 फीसदी पुरूषों ने ही नसबंदी कराई है। वहीं 34.9 फीसद महिलाओं ने नसबंदी कराई है। परिवार नियोजन के लिए सबसे ज्यादा 48 फीसदी लोगों ने आधुनिक तरीके अपनाए हैं। इनमें सबसे ज्यादा 7.4 फीसद लोगों ने कंडोम का उपयोग किया है। वहीं संस्थागत प्रसव 86.2 फीसदी हुआ है।

सीएमओ ने बताया आगामी रणनीति

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ बीपी द्विवेदी ने बताया कि राष्ट्रीय परिवार कल्याण मंत्रालय के द्वारा सवेक्षण-5 की रिपोर्ट को जारी किया गया है। जिसमें चंदौली जनपद का रिपोर्ट पिछले वर्ष से कुछ खराब है। जागरूकता और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के संचालन में योजनाबद्ध ढंग से विस्तार करना होगा। आगे से योजनाओं की रणनीति के तहत मॉनिटरिंग किया जाएगा।

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