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चंदौली में लोकतंत्र रक्षक सेनानियों को किया गया सम्मानित:BJP प्रदेश मंत्री बोली- आपातकाल में आवाज उठाना गुनाह था, देश के लिए था संकटकाल

चंदौली2 महीने पहले
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चंदौली जिला मुख्यालय स्थित भाजपा कार्यालय में सम्मान समारोह आयोजित हुआ। इसमें भाजपा की प्रदेश मंत्री एवं जिला प्रभारी मीना चौबे ने जिले के लोकतंत्र रक्षक सेनानियों को अंग वस्त्र प्रदान करके सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के द्वारा लगाए गए आपातकाल के दौरान लोगों को आवाज उठाना गुनाह था। लोकतंत्र को खत्म करने की साजिस रचने वाली कांग्रेस खुद अस्तीत्व बचाने का संघर्ष करती नजर आ रही है।

उन्होने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधा के द्वारा वर्ष 1975 में देश में आपातकाल लगाया गया था। जो लगभग दो वर्षो तक देश के लोगों पर थोपा गया। इस दौरान कांग्रेस सरकार की नीतियों का विरोध करने और आपातकाल हटाने की मांग करने वालों को जेल में ठूंस दिया गया। जहां उन्हें तमाम प्रकार की यातनाओं को सहन करना पड़ा।

लोकतंत्र के रक्षक सेनानियों को सम्मानित किया गया।
लोकतंत्र के रक्षक सेनानियों को सम्मानित किया गया।

आपातकाल लोकतंत्र और राजनीति की सबसे दुखद घटना
आज के लोगों ने उसी कांग्रेस को खारिज कर दिया है। मुगलसराय विधायक रमेश जायसवाल ने कहा कि आपातकाल लोकतंत्र और राजनीति की सबसे दुखद घटना है। इसके काले अध्याय को पार्टी के द्वारा हर साल मनाया जाता है। जिसमें आपातकाल के दौरान संघर्ष करने वाले सेनानियों का सम्मान होता है। कहा कि वर्तमान की केंद्र और प्रदेश की सरकारों ने लोकतंत्र को ज्यादा मजबुत किया है। समाज के अंतिम व्य‌क्ति तक सरकार की योजनाएं पहुंच रही है।

भाजपा कार्यालय में सम्मान समारोह आयोजित हुआ।
भाजपा कार्यालय में सम्मान समारोह आयोजित हुआ।

ये लोग रहे मौजूद ​​​​​​​
​​​​​​​इस को मूलमंत्र मानते हुए भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता आगे बढ़ रहा है। इस दौरान शमशेर बहादुर सिंह, राणा प्रताप सिंह, अनिल तिवारी, उमाशंकर सिंह, शिवराज सिंह, राम नगीना यादव, हरिवंश सिंह, काशीनाथ सिंह, तेज प्रताप लाल, आशीष रघुवंशी, प्रीतम सिंह, जैनेंद्र कुमार, जयकुमार, सुषमा गिरी, अविनाश आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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