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बुलंदशहर में याद किए जा रहे बाबूजी:जनसभा में कल्याण सिंह बोले थे, 'अलीगढ़ मेरी जन्मभूमि है और बुलंदशहर मेरी कर्मभूमि' और भावुक हो गए

बुलंदशहरएक वर्ष पहले
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लोगों से धर्म के  नाम पर फूट पैदा करने वाली राजनीति से दूर रहने की अपील करते हुए युवाओं को खरीद-फरोख्त की राजनीति से बचने की सलाह भी दी थी।  - Money Bhaskar
लोगों से धर्म के  नाम पर फूट पैदा करने वाली राजनीति से दूर रहने की अपील करते हुए युवाओं को खरीद-फरोख्त की राजनीति से बचने की सलाह भी दी थी। 

'अलीगढ़ मेरी जन्मभूमि है और बुलंदशहर मेरी कर्मभूमि' यह शब्द कल्याण सिंह ने 16 जुलाई 2016 को बुलंदशहर में आयोजित एक जनसभा के दौरान कहे थे, जिसके बाद सभा में एक उत्साह की लहर दौड़ गई थी। इस दौरान कुछ पल के लिए बाबू जी भावुक भी हो गए थे और राजनीति को अपना धर्म बताया। साथ ही, लोगों से धर्म के नाम पर फूट पैदा करने वाली राजनीति से दूर रहने की अपील करते हुए युवाओं को खरीद-फरोख्त की राजनीति से बचने की सलाह भी दी थी।

उत्तर प्रदेश में भाजपा का मुखड़ा कहे जाने वाले और प्रदेश में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बने कल्याण सिंह के निधन के बाद जनपद की जनता में भी शोक की लहर है। बुलंदशहर से उनके नाते को देखें तो उनका जन्म बेशक अलीगढ़ जनपद में हुआ था, लेकिन बुलंदशहर को वह अपनी कर्मभूमि बताते थे। यह बात वर्ष 2016 में जनपद में आयोजित एक जनसभा के दौरान खुद बाबूजी ने भी कही थी।

यही नहीं, जनपद में पूर्व मुख्यमंत्री के प्रभाव पर चर्चा करें तो वर्ष 1991 से अब तक बुलंदशहर लोकसभा सीट के आंकड़े इसकी बानगी पेश करते हैं। बाबू जी का आशीर्वाद पाने वाले प्रत्यााशी को ही बुलंदशहर लोकसभा सीट पर विजयश्री हासिल हुई। वर्ष 2004 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के मनाने पर बाबूजी ने एक बार फिर भाजपा का दामन थामा था और वर्ष 2002 में बनाई अपनी राष्ट्रीय क्रांति पार्टी का भाजपा में विलय किया था। पूर्व प्रधानमंत्री से हुई सुलह के बाद बुलंदशहर लोकसभा सीट से कल्याण सिंह ने चुनाव लड़ा और पहली बार देश के सर्वाेच्च सदन में अपनी आमद कराई थी।

कल्याण मतलब खिलता कमल
राम लहर शुरू होने के साथ ही अयोध्या मुद्दे पर भाजपा में हीरो साबित हुए कल्याण बुलंदशहर में खासतौर पर लोकसभा चुनावों में पार्टी के कर्णधार रहे। 1991, 1996, 1998 और 1999 में कल्याण सिंह के बल पर ही यहां कमल खिला और छत्रपाल सिंह देश की सबसे बड़ी पंचायत में पहुंचे। 2004 में कल्याण सिंह ने खुद ताल ठोकी और भाजपा की झोली में एक बार फिर से यह सीट डाली। 2009 में भाजपा ने उनकी पसंद के प्रत्याशी को टिकट नहीं देकर अशोक प्रधान को प्रत्याशी बना दिया। बाबू जी ने बगावत कर दी और कमल का साथ छोड़कर मुलायम सिंह की साइकिल को समर्थन दे दिया। उस दौरान बुलंदशहर सीट से सपा ने कमलेश वाल्मीकि को उतारा था, जिन पर बाबू जी का हाथ माना जाता था। पहली बार भाजपा से बाबू जी का आशीर्वाद हटा तो कमल यहां मुरझा गया और साइकिल दौड़ गई। उस समय भी राजनीतिक पंडितों का कहना था कि जहां कल्याण वहां बुलंदशहर का परिणाम।

यह बोले सांसद और मंत्री
मेरे लिए, परिवार के लिए और हमारे समाज के लिए यह एक ऐसी क्षति है, जिसे कभी पूरा नहीं किया जा सकता। प्रभु से उनकी आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना करता हूं।

- भोला सिंह, सांसद बुलंदशहर

यह देश की और समाज की बहुत बड़ी क्षति है। एक मुख्यमंत्री के रूप में कुशल प्रशासक और महान हिंदू नायक को देश ने खोया है। ईश्वर से प्रार्थना है कि उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।

- अनिल शर्मा, राज्य मंत्री उत्तर प्रदेश व विधायक शिकारपुर

ये बोले, राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्ष...
बड़े युग का अंत हुआ है। यह व्यक्तिगत क्षति के साथ साथ जनपद के कार्यकर्ताओं की और जनता की क्षति है। उनके कार्य और उनके फैसले हमेशा सराहनीय रहेंगे।

- अनिल सिसोदिया, भाजपा जिलाध्यक्ष

कल्याण सिंह के निधन से गहरा दुख हुआ है। वह एक अच्छे नेता थे, हालांकि, वह अपने समाज को ही जोड़ पाए। अन्य समाज के लोगों को नहीं जोड़ पाए थे।

- अरुण चौधरी, जिलाध्यक्ष रालोद

यह बेहद दुखद है, वह समाज से जुड़े नेता थे। उनका व्यक्तित्व पार्टी से ऊपर था। हम सभी प्रभु से उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना करते हैं।

- सतीश सागर, बसपा जिलाध्यक्ष

उनका जाना समाज के लिए एक अपूर्णीय क्षति है। उन्होंने हमेशा जीवन में आमजन के लिए संघर्ष किया। उनका जाना बेहद दुखदायी है, पार्टी और जनपदवासी आहत हैं, उनके लिए श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।

- राहुल यादव, सपा जिलाध्यक्ष

पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का निधन दुखदपूर्ण है। वह एक सामान्य और सामाजिक नेतृत्व के धनी थे। उनके निधन पर पार्टी श्रद्धांजलि अर्पित करती है, साथ ही परिवार को इस दुख की घड़ी में ईश्वर संबल प्रदान करें।

- श्यौपाल सिंह, कांग्रेस जिलाध्यक्ष

यह बोले विधायक..

उनके निधन की खबर सुनकर स्तब्ध हूं। उनका आशीर्वाद हम पर हमेशा रहा है। उनकी उंगली पकड़ कर हमने राजनीति का ककहरा सीखा है। ऐसे महानायक को हम दिल से श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।

- बिमला सोलंकी, विधायक सिकंदराबाद

जन-जन के नेता, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री माननीय बाबूजी कल्याण सिंह जी ने अपना सारा जीवन धर्म-राष्ट्र की सेवा में दिया। मैं, मेरा परिवार और पूरा समाज उनके चरणों में अपनी अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। ईश्वर उनकी पवित्र आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।

- अनीता लोधी राजपूत, विधायक डिबाई

आदरणीय बाबूजी का जाना देश के लिए अपूर्णनीय क्षति है। उन्होंने एक साधारण ग्रामीण पृष्ठभूमि से उठकर निरंतर संघर्ष करते हुए पिछड़े और वंचितों के मसीहा के रूप में उठकर स्वयं को स्थापित किया था। उनके मूल्यों पर आधारित राजनीति व स्वाभिमान के लिए आने वाली पीढिय़ों के लिए प्रेरणा का काम करती रहेगी।

- संजय शर्मा, विधायक अनूपशहर

उत्तर प्रदशे के पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय बाबूजी कल्याण सिंह जी हम सभी कार्यकर्ताओं के मार्गदर्शक व प्रेरणास्रोत थे। उनका निधन भारतीय राजनीति और भाजपा के लिए अपूर्णीय क्षति है। हम उन्हें भावुक श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।

- विजेंद्र सिंह, विधायक खुर्जा

बाबू जी के निधन से मैं अत्यंत दुखी हूं। आज हमारे ऊपर से एक साया उठ गया है। बाबूजी कल्याण सिंह जी के जाने से पार्टी को अपूर्णीय क्षति हुई है।

- देवेंद्र सिंह लोधी, विधायक स्याना

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