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भदोही में जमीन के लिए ग्रामीण की हत्या:7 लोगों ने घेरकर लाठी-डंडे और फरसे से किया हमला, 7 महीने से चल रहा विवाद

औराई्एक महीने पहले
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भदोही में जमीन के विवाद में लाठी-डंडे और फरसे से पीट-पीटकर ग्रामीण की हत्या कर दी गई। बीच-बचाव के लिए पहुंचे 3 लोगों को भी हमलावरों ने घायल कर दिया है। मामले में पुलिस ने 5 आरोपियों को हिरासत में लिया है।

जिले के औराई कोतवाली इलाके के बेजवां गांव में ओमप्रकाश जायसवाल (50) परिवार के साथ रहते हैं। उनका काफी समय से गांव के प्रजापति जायसवाल से दरवाजे के पास की जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। शुक्रवार की सुबह वह हैंडपंप पर पहुंच गए, इस दौरान विपक्षी पहुंच गए। वे कहने लगे कि जमीन उनकी है, वे इस पर निर्माण कराएंगे। ओमप्रकाश ने इसका विरोध किया। इसके बाद विरोध वहां से चले गए और कुछ ही देर में लाठी-डंडे और फरसे लेकर पहुंच गए। इसके बाद हमला कर दिया।

पुलिस ने गांव में पहुंचकर परिवार से जानकारी जुटाई, फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस ने गांव में पहुंचकर परिवार से जानकारी जुटाई, फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

दबंगों के सिर पर सवार था खून, परिवार को भी पीटा

बेटे अंकित जायसवाल के अनुसार दबंगों के सिर पर खून सवार था। पिता पर हमला होते देख वे, भाई शुभम और चचेरी बहन प्रीति पिता को बचाने के लिए पहुंचे तो दबंगों ने उन्हें पीटकर घायल कर दिया। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने बीच-बचाव कराया। इसके बाद दबंग वहां से फरार हो गए।

ट्रामा सेंटर में ​​​​​​​लेकर पहुंचे परिवार के लोग

परिवार के लोग गंभीर रूप से घायल ओमप्रकाश को लेकर बीएचयू के ट्रामा सेंटर लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। अंकित जायसवाल ने सात नामजद आरोपियों के खिलाफ कोतवाली औराई में हत्या समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। परिवार के लोगों ने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

कोतवाली प्रभारी अजय कुमार सेठ ने बताया कि वारदात में 7 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है, जबकि 5 को हिरासत में लिया गया है। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जल्द ही वारदात का पर्दाफाश किया जाएगा।

जमीन के 3 टुकड़ों के लिए बहाया खून

जिस जमीन को लेकर ओमप्रकाश की हत्या की गई, वह 3 अलग-अलग टुकड़ों में है। ये जमीनें 3 से 4 फीट की ही हैं। परिवार के अनुसार 7 महीने पहले भी विवाद हुआ था। उस दौरान दोनों पक्षों में समझौता हो गया था। इसके बाद फिर से विपक्षी मनमानी पर उतर आए।

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