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रुधौली में ऑनलाइन गोष्ठी पर परिवार का महत्व बताया:सोचो कैसे होते हम सब यदि होता ना परिवार, कैसे समझते रिश्ते कैसे लेता यह आकार

रुधौली, बस्तीएक महीने पहले
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रुधौली स्थित राजकीय महाविद्यालय मे विश्व परिवार दिवस के उपलक्ष्य में ऑनलाइन संगोष्ठी का आयोजन हुआ। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार शर्मा ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। महाविद्यालय की छात्रा गीता और रेनू ने मां सरस्वती की वंदना प्रस्तुत किया। विश्व परिवार दिवस के उपलक्ष में छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया।

आचार्य डॉ. नसीर हसन ने कहा कि विश्व परिवार दिवस मनाने मकसद लोगों को परिवार का महत्व मनाया। समाजशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. जगदीश प्रसाद ने कहा कि कोरोना काल में परिवार की महत्ता हम सबके समझ में आई थी। परिवार के करीब रहने उसको समझने का एक अवसर भी हमें मिला था। यह भी समझ में आया कि किस प्रकार परिवार सुख-दुख में हमारा सहारा बनता है।

कार्यक्रम का सफल संचालन महाविद्यालय के हिंदी विभाग की विभागाध्यक्ष और अमृत महोत्सव की नोडल डॉक्टर शैलजा ने कहा संबंधों की समझ हमें परिवार से ही मिलती है। अपनी एक कविता -सोचो कैसे होते हम सब यदि होता ना परिवार, कैसे समझते रिश्ते कैसे लेता यह आकार , अंगुली पकड़कर चलना हम कैसे सीख पाते। कैसे भला समझते हम संबंधों का संसार। कविता को पढकर समाज को परिवार से जुड़े रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय की छात्रा निकिता सिंह ने सब के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम में शांति, रिंका, उर्मिला, बरखा, शिवम, रूद्रेश, शिवांश और अबरार अहमद सहित तमाम छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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