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ग्रामीण पी रहे दुषित पानी:बस्ती में डेढ़ करोड़ खर्च होने के बाद भी पूरी नहीं हो पाई पेयजल परियोजना, 8 माह से ठप पड़ा है कार्य

बस्ती5 महीने पहले
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जल जीवन मिशन के तहत पानी टंका क� - Money Bhaskar
जल जीवन मिशन के तहत पानी टंका क�

बस्ती जिले के गौर ब्लॉक के महुआ डाबर गांव में डेढ़ करोड़ की पेयजल परियोजना अधर में लटकी हुई है। दो साल पहले यहां जल जीवन मिशन योजना के तहत ओवर हेड टैंक का निर्माण शुरू कराया गया था। इसके तहत तीन ग्राम पंचायतों में करीब 18 हजार किलोमीटर पाइप लाइन बिछाकर ग्रामीणों को शुद्ध पेजजल उपलब्ध कराया जाना है। लेकिन करीब आठ माह पहले कार्यदायी संस्था जल निगम ने निर्माण कार्य बंद कर दिया है। ग्रामीणों को परियोजना के पूरा न हो पाने के कारण इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है, वे दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। जल निगम के अवर अभियंता का कहना है कि यह परियोजना सितंबर 2021 में जल निगम (ग्रामीण) संतकबीरनगर को हस्तांतरित कर दिया गया है। अब इस परियोजना को पूरा कराने की जिम्मेदारी उसकी है।

जल जीवन मिशन के तहत हो रहा था निर्माण

महुआडाबर ग्राम पंचायत में जल जीवन मिशन के तहत ओवर हेड टैंक का निर्माण 2018-19 में शुरू कराया गया था। परियोजना के तहत तीन ग्राम पंचायतों में करीब 18 किलो मीटर पाइप लाइन बिछाकर ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराए जाने की योजना थी। 2021 में इस परियोजना को पूरा करना था, लेकिन इस परियोजना का कार्य करीब आठ माह पहले कार्यदायी संस्था जल निगम ने बंद कर दिया। परियोजना के तहत जल निगम करीब 1.5 करोड़ रुपए खर्च कर चुके हैं, लेकिन ग्रामीण शुद्ध पेयजल पाने से वंचित हैं।

आठ माह से बंद है निर्माण कार्य

ग्राम पंचायत महुआडाबर में निर्माणाधीन इस परियोजना के तहत दो नलकूपों की बोरिंग का कार्य पूरा ‌कर लिया गया है। ओवरहेड टैंक का निर्माण पूरा हो चुका है। महुआडाबर, सरनागी, गड़हा दल्थम्मन, रामापुर, कोठवा, पुरुषोत्तमपुर आदि गांवों में पाइप लाइन भी बिछाई जा चुकी है। लेकिन इसके बाद से काम ठप पड़ा है।

संत कबीर नगर जल निगम को हस्तांतरित हुआ कार्य

बताया जाता है कि पहले परियोजना के तहत जल निगम बस्ती काम करा रहा था। अब यह परियोजना संतकबीरनगर जल निगम को हस्तांतरित कर दी गई है। यही कारण है कि करीब आठ माह से निर्माण कार्य बाधित है। ग्रामीणों का कहना है कि शुद्ध पेयजल परियोजना अधर में लटकी होने के कारण ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। कई बार इसकी शिकायत की गई, लेकिन पानी आपूर्ति को लेकर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

जल निगम के अवर अभियंता सुनील मौर्य ने बताया कि परियोजना के तहत करीब दो सौ परिवारों को कनेक्शन दिया गया है। इस परियोजना पर अब तक 1.30 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। यह परियोजना सितंबर 2021 में जल निगम (ग्रामीण) संतकबीरनगर को हस्तांतरित कर दिया गया है। अब इस परियोजना को पूरा कराने की जिम्मेदारी उसकी है।

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