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बांग्लादेशी महिला घुसपैठिया की जांच मिलिट्री इंटेलिजेंस कर रही:दलाल के गठजोड़ से बना था पासपोर्ट; बरेली में 7 साल से रह रही थी

बरेली2 महीने पहले
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बांग्लादेशी महिला घुसपैठिया विंसी मंडल पुलिस कस्टडी में। - फाइल फोटो - Money Bhaskar
बांग्लादेशी महिला घुसपैठिया विंसी मंडल पुलिस कस्टडी में। - फाइल फोटो

बरेली के अलीगंज से गिरफ्तार की गई बांग्लादेशी घुसपैठिया विंसी विवा मंडल उर्फ विनीता मामले में खुफिया विभाग ने जांच शुरू की है। बांग्लादेशी घुसपैठिया ने बरेली से पासपोर्ट जारी कराया है। इसके लिए पुलिस, एलआईयू और इंटेलिजेंस को चकमा दिया गया। मिलिट्री इंटेलिजेंस भी इसकी जांच कर रही है। ये मामला शासन तक पहुंचा है। विंसी विवा मंडल की 15 दिन से अलीगंज पुलिस गोपनीय जांच कर रही है। बांग्लादेशी घुसपैठिया होने पर गुपचुप तरीके से मुकदमा दर्ज किया। उसे उठाकर पूछताछ की। तो पता चला कि उसके पति समरेंद्र को उसके बांग्लादेशी होने का पता था। उससे शादी के बाद जब वह बरेली आई तो पति की मदद से ही उसने बरेली का वोटर आईडी कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड के साथ ही यहां से हाई स्कूल भी कर लिया था।

पुलिस ने पति को भी गिरफ्तार किया
जिसके बाद पुलिस ने उसके पति समरेंद्र को भी दोषी मानते हुए गिरफ्तार कर लिया। समरेंद्र ने अपना पता पुलिस को बंगाल बताया है। पुलिस के साथ ही अब खुफिया ईकाइयों को शक है कि कहीं समरेंद्र तो बांग्लादेशी नहीं है। जिसके चलते अब पुलिस उसके द्वारा बंगाल में बताए गए पते ठिकाने को तस्दीक कर रही है। इसके लिए एक टीम भी गठित की गई है।

दलालों से बना था पासपोर्ट
सूत्रों की माने तो बांग्लादेशी महिला घुसपैठिया विंसी मंडल ने दलालों से पहले राशन कार्ड फिर वोटर लिस्ट में नाम डलवाने के साथ ही आधार और पैन कार्ड बनवाया था। जिसे बनवाने के लिए उसने रुपये भी खर्च किए थे। इसके बाद पासपोर्ट के लिए आवेदन करने के बाद जब उसका जिम्मेदारों द्वारा कागजात के वैरिफिकेशन और भौतिक सत्यापन होने थे तो उस दौरान भी उसने रुपये खर्च किए थे। जिसके चलते उसका पासपोर्ट बड़ी आसानी से बन गया था। सभी विभागों ने उसके निवास का भौतिक सत्यापन किए बिना ही शायद रिपोर्ट पॉजिटिव लगाई थी। जिससे अब उनकी कार्य प्रणाली पर भी सवाल उठ रहा है।

ये था मामला
बरेली के अलीगंज थाना क्षेत्र निवासी विंसी मंडल उर्फ विनीता पति समरेंद्र मंडल के साथ चोरी से रह रही थी। विंसी बांग्लादेशी घुसपैठिया थी। उसने अलीगंज में ही फर्जी कागजातों के आधार पर आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी कार्ड बनवा लिया था। इसी के माध्यम से गलत तरीके से पासपोर्ट बनवा लिया था। बीते महीने वह बांग्लादेश जाने के लिए बार्डर पर पहुंची तो जांच के दौरान संदिग्ध मिलने पर बार्डर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की थी।

उसके बाद से छोड़ दिया गया लेकिन बार्डर पुलिस ने संदिग्ध और कागजात फर्जी होने की गोपनीय रिपोर्ट अलीगंज पुलिस को सौंप दी थी। जिसके बाद अलीगंज पुलिस ने विंसी मंडल को उठाया तो वह बांग्लादेशी घुसपैठिया निकली। इसी दौरान पता चला कि फर्जी कागजात और गलत तरीके से पासपोर्ट बनवाने में उसके पति का भी हाथ था तो पुलिस ने उसका भी मुकदमे में नाम खोला और दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

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