पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

तेंदुए की दहशत में जीने को मजबूर:रामसनेही घाट इलाके में तेंदुआ होने की सूचना से डरे लोग, कई दिनों बाद भी वन विभाग के हाथ खाली

रामसनेही घाटएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
रामसनेही घाट इलाके में तेंदुआ होने की सूचना से लोग डरे हुए हैं। - Money Bhaskar
रामसनेही घाट इलाके में तेंदुआ होने की सूचना से लोग डरे हुए हैं।

बाराबंकी जनपद के रामसनेही घाट इलाके में तेंदुआ देखे जाने से दहशत का माहौल है। कई दिन बीत जाने के बाद तेंदुए का कोई पता नहीं चल पाया है। पिंजरों को खाली वापस लौटा लिया गया है। वन विभाग की टीम उसे पकड़ने का प्रयास कर रही थी और लगातार वन विभाग द्वारा तेंदुआ को पकड़ने को लेकर काम किया जा रहा था। उसके बाद दरियाबाद इलाके में तेंदुआ देखने को मिला था।

इसी बीच लगभग 5 दिन पहले तेंदुए ने परसौल गांव में एक किसान पर हमला कर उसे घायल कर दिया था। वहीं कुछ ग्रामीणों ने तेंदुए को देखा भी था। वन विभाग की टीम गांव पहुंची, जहां पर कांबिंग के दौरान तेंदुए के पैर के निशान पाए गए। वन विभाग की टीम ने लोगों को आगाह किया था और पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने का प्रयास वन विभाग की टीम द्वारा जारी था। फिलहाल आज तक वन विभाग के हाथ खाली हैं और रामसनेहीघाट तहसील के भगवानपुर, कोटवा सड़क, सनौली समेत दर्जनों गांव के लोग दहशत में है।

क्षेत्र में तेंदुआ देखे जाने के बाद से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है, लोगों ने जल्द से जल्द तेंदुए को पकड़ने की अपील की है।
क्षेत्र में तेंदुआ देखे जाने के बाद से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है, लोगों ने जल्द से जल्द तेंदुए को पकड़ने की अपील की है।

ग्रामीणों ने बयां किया दहशत का दर्द
कोटवा सड़क की रहने वाली निशा बताती हैं कि तेंदुआ को लेकर गांव में दहशत है। खेत में काम करने जाने भी डर लगता है। वहीं पूरे चुरई गांव की रहने वाली कलावती बताती हैं कि तेंदुए की दहशत से लोग परेशान हैं। घर ठीक न होने के कारण तेंदुआ आने की दहशत बनी रहती है। वहीं पेंटिंग का काम करने वाले चांद बताते है की तेंदुआ देखे जाने के बाद से हम लोगो में दहशत बढ़ गई है। कोटवा सड़क के रहने वाले पाठक बताते हैं कि तेंदुआ को लेकर तरह तरह की चर्चाएं है। वन विभाग को उसे पकड़ लेना चाहिए, जिससे लोगो का भय समाप्त हो। वहीं रामसनेही घाट के क्षेत्रीय प्रभारी वन अधिकारी मोहित श्रीवास्तव का कहना है कि पिंजड़े हटाए नहीं गए हैं, जिन गांवों में तेंदुए का कोई पग चिन्ह या मूवमेंट नही मिला है, वहां से पिंजरा हटाकर उसको दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है। तेंदुआ को पकड़ने का प्रयास जारी है।

खबरें और भी हैं...