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अमन, शांति और मोहब्बत बने भारत की पहचान:बाराबंकी पहुंचे राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के मार्गदर्शक, बोले- यहां पत्थर और आगजनी न हो

बाराबंकी2 महीने पहले
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक के संगठन राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के मार्गदर्शक डॉ इंद्रेश कुमार सिंह ने सोमवार को देवास स्थित हजरत हाजी वारिस अली शाह की दरगाह की जियारत की। जियारत के बाद उन्होंने कहा कि अमन, शांति और मोहब्बत भारत की पहचान है। यह बनी रहनी चाहिए। उन्होंने जनता राजनेता और धर्मगुरुओं से अपील की कि वह आपसी भाईचारे को मजबूत करने की कोशिश करें।

दूसरों के मजहब का सम्मान करें

देवा दरगाह की जियारत के बाद डॉक्टर इंद्रेश कुमार ने कहा कि हिंदुत्व सनातन और हिंदुस्तान की हिंदुस्ता नियत का यही पैगाम है कि हम अपने धर्म पर अमल करें। उसको माने और दूसरों के मजहब का सम्मान करें। उसमें दखल अंदाजी ना करें। उन्होंने कहा कि हो सके तो हम एक दूसरे के कार्यक्रमों में शिरकत करें। ताकि एक हिंद अखंड हिंद जय हिंद बन सके। बापू सुभाष और पटेल को चुनते तो यह बटवांरा नहीं होता।

भारत शांति का मुल्क है

उन्होंने सभी राजनेताओं धर्मगुरुओं से आग्रह किया कि वह भारत में भाईचारा बनाकर रखें। धर्म के नाम पर और नौकरी के नाम पर होने वाली हिंसा को खत्म करें। भारत को भारत बनाकर रखें। भारत को शांति और भाईचारे का मुल्क बनाकर रखें। उन्होंने आगे कहा कि यहां से पत्थर न चले और आगजनी ना हो। भारत भूखे को खाना देने वाला है। जिसका कोई नहीं है उसको गला लगाने वाला बने। इसलिए यहां का पैगाम मोहब्बत ही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत शांति भाईचारे का मुल्क है, वह बना रहना चाहिए।

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