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फतेहपुर में राम भरोसे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र:3 स्टाफ के भरोसे चलता है स्वास्थ्य केंद्र, हर जगह फैली मिली गंदगी; नहीं रहती है बिजली

फतेहपुरएक महीने पहले
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प्रखंड मुख्यालय फतेहपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुद बीमार है। मूलभूत सुविधा के अभाव में इस स्वास्थ्य केंद्र में लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया नहीं हो पा रही है। प्रखंड के पांच से छह पंचायतों के लोगों के इलाज का दारोमदार इस स्वास्थ्य केंद्र पर है, लेकिन समुचित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं रहने के कारण स्थानीय लोग को ग्रामीण चिकित्सकों व झोलाछाप के भरोसे अपना इलाज कराना पड़ रहा है।

कुल 6 लोगों का स्टाफ,उपस्थित मिले 3,वार्ड बॉय
चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मियों का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एमबीबीएस सहित डॉक्टर सहित कुल 06 पद सृजित है। वर्तमान में यहां मात्र दो चिकित्सकों की नियुक्ति है। एमबीबीएस चिकित्सक की नियुक्त ही नहीं हैं। आयुर्वेद के चिकित्सक,एएनएम एक फार्मासिस्ट की नियुक्ति है। लेकिन वार्ड बॉय और स्वीपर की अभी तक यहां पर नियुक्ति ही नहीं हो पाई। प्राइवेट स्वीपर के भरोसे सफाई होती है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छेदा राम भरोसे चल रहा है। एक भी महिला चिकित्सक नहीं होने के कारण महिला रोगियों को काफी परेशानी हो रही है। मात्र एक एंबुलेंस ही पीएचसी को उपलब्ध कराया गया है।

बेकार पड़ा है पंखा
बेकार पड़ा है पंखा

अस्प्ताल परिसर में मिली गंदगी, खुले में पड़े मिले इंजेक्शन
दरअसल, बाराबंकी के छेदा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अस्पताल परिसर में जब दैनिक भास्कर संवाददाता ने जायजा लिया तो वहां के वार्ड रूम में मरीजों के बेड पर उपयोग किए हुए इंजेकशन खुले में पड़े मिले। हालांकि उसवक्त वार्ड रूम में एक भी मरीज उपस्थित नहीं था। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कुल 6 बेड का अस्पताल है, लेकिन एक भी बेड सही हालात में नहीं है, किसी के फोम उधड़े पड़े हैं, तो किसी पे गंदगी फैली हुई है।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुद बीमार
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुद बीमार

शौचालय में लटकता मिला ताला,बदहवास मिला शौचालय
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों के उपयोग के लिए बनाए गए महिला और पुरुष शौचालय में ताला लटकता हुआ मिला है। जब ताला खुलवाकर करके शौचालय के अंदर का जायजा लिया गया तो बदहवास शौचालय टूटा-फूटा मिला। शौचालय उपयोग के लायक ही नहीं था। अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी से जब जानकारी की गई तो उन्होंने बताया कि यहां पर स्वीपर की तैनाती न होने के कारण साफ सफाई नहीं हो पाती है इसलिए शौचालय बंद रहता हैं।

खराब पड़ा शौचालय
खराब पड़ा शौचालय

क्या कहते हैं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजर्ष त्रिपाठी ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लोगों को हर संभव सुविधा मुहैया कराने की कोशिश की जाती है। चिकित्सकों की कमी से परेशानी होती है। इसको लेकर विभाग का ध्यान आकृष्ट कराया गया है। सीमित संसाधन में समुचित चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने की कोशिश की जाती है।

क्या कहते हैं विधायक
स्थानीय विधायक सकेंद्र प्रताप वर्मा ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छेदा की दयनीय स्थिति पर चिता जाहिर करते हुए कहा कि सरकार सबसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य क्षेत्र पर ध्यान दे रही है। लेकिन डॉक्टरों की लापरवाही उदासीनता के चलते सुविधाएं पूरी नहीं हो पा रही है। उन्होंने अभी तक न विभाग को कोई पत्र लिखकर जानकारी दी। ना हमें आपके द्वारा जानकारी प्राप्त हुई है। कार्रवाई की जाएगी। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में गरीब वर्ग के लोग ही इलाज कराने जाते हैं। उनकी सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।

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