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बांदा में जल संरक्षण कर रहे किसान:200 बीघा से अधिक भूमि पर बनाए मेड़, रोका जाएगा बारिश का पानी

बांदा2 महीने पहले
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बांदा  में जल संरक्षण कर रहे किसान - Money Bhaskar
बांदा में जल संरक्षण कर रहे किसान

बांदा में जल संचय मिशन के तहत गांव का पानी गांव मे खेत का पानी खेत में बारिश की एक एक बूंद को गांव मे रोकने के लिए ग्राम पंचायत अधांव के किसानों द्वारा 200 बीघा से अधिक भूमि पर किसानों द्वारा अपनी लागत से ट्रैक्टर द्वारा मेड़बंदी कर जल संचय करने का प्रशंसनीय कार्य किया जा रहा हैं गांव को खुशहाल और पानी दार बनाने के लिए किसान बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।

भूजल का बढ़ेगा स्तर
जल संरक्षण संवर्धन हेतु बारिश की एक-एक बूंद को गांव में रोकने के लिए यहां के किसानों द्वारा इस वर्ष भी 200 बीघा से अधिक भूमि में किसानों ने अपनी लागत से ट्रैक्टर के माध्यम से खेत पर मेड बनवाने का कार्य किया हैं और लगातार मेडबन्दी का कार्य जारी है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के शोध छात्र और अधांव गांव निवासी रामबाबू तिवारी का कहना है कि बुंदेलखंड में हमेशा सूखा अतिथि की तरह आता है बुंदेलखंड को पानीदार बनाने के लिए गांव में एक एक बूंद बारिश का पानी रोकना होगा तभी गांव का भूजल का स्तर बढ़ेगा, गांव में सूखा नहीं पड़ेगा, खेतों में आएगी,उत्पादन बढ़ेगा, हमारा गांव पानीदार बनेगा, गाँव खुशहाल बनेगा, खेत का पानी खेत में

पानी की कीमत जान गए लोग
गांव का पानी गाँव मे मिशन की सराहना पिछले वर्ष 27 जून 2021 को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने मन की बात में इस अभियान की सराहना कर चुके हैं। मन की बात गांव के किसानों द्वारा छोटे से प्रयाग को जिक्र करने से गांव के किसान भाइयों मे उत्साह बढ़ा हैं। साल भर छोटे-छोटे प्रयास करके जल संरक्षण संवर्धन का कार्य यहां के गांव वासी करते हैं। गांव के किसान देव गुलाम यादव का कहना है कि गांव में खेत मे मेड बनाने के लिए किसानों को सरकार द्वारा सब्सिडी भी प्रदान की जानी चाहिए जिससे किसान में अतिरिक्त बोझ न आए।

प्रधानमंत्री ने मन की बात में की थी अभियान की सराहना
वही गांव की किसान ब्रज राघव दीक्षित का कहना है कि गांव में मोटे अनाजों का उत्पादन किया जाता है जिससे भूजल का दोहन न किया जा सके अधांव गांव के लोग पानी की कीमत जान गए हैं और पानी का प्रयोग बहुत ही शालीनता और सम्मान के साथ करते हैं पानी का दुरुपयोग यहां एक भी नहीं होता है ऐसे ही अन्य गांव किसानों को अधांव गांव किसानों से सीख लेनी चाहिए। इस साल जिन किसानों ने अपने खेतों मे मेड बन्दी कराई है वह इस प्रकार से देव नाथ गर्ग, राम जी तिवारी,विपिन यादव, राजेश राजेंद्र, गोरेलाल पासवान, अंकित पांडे, आदि मौजूद रहे।