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बबेरू में नशा मुक्ति को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा:भगवती मानव कल्याण संगठन ने कहा- प्रदेश में बंद हो शराब, नव युवक होते है बरबाद

बबेरूएक महीने पहले
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बांदा जनपद के बबेरू तहसील पर पहुंचकर भगवती मानव कल्याण संगठन के तहसील अध्यक्ष की अगुवाई पर पदाधिकारियों ने उप जिलाधिकारी के माध्यम से नशा मुक्ति को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजा है।

भगवती मानव कल्याण संगठन की मांग प्रदेश में बंद हो शराब

मामला बबेरू तहसील परिसर का है, जहां पर भगवती मानव कल्याण संगठन के तहसील अध्यक्ष राम प्रसाद राजपूत की अगुवाई में पदाधिकारियों ने उप जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन भेजा है। कहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा होमो बार लाइसेंस देने का फैसला बहुत ही दुखद किया है। शराब पीने वाला व्यक्ति सिर्फ शराब नहीं पीता मां की खुशी पत्नी का सुकून और बच्चों के सपने पिता की प्रतिष्ठा सब एक ही घूंट में पी जाता है।

प्रदेश की जनता से बढ़कर कुछ नही

सरकार द्वारा आबकारी विभाग से राजस्व कमाने का लक्ष्य भी तय कर दिया है। प्रदेश में 25 करोड़ की जनता की जिंदगी से बढ़कर कुछ नही है। यह निर्णय उत्तर प्रदेश को पूर्ण नशा मुक्त प्रदेश घोषित करने का वादा उत्तर प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी किया जाए, तभी राम राज्य की स्थापना हो पाएगी। वहीं उत्तर प्रदेश सरकार से नशा मुक्त के लिए शराब पर पाबंदी लगाई जाए, जिससे नव युवक लोग शराब के आदी होते चले आ रहे हैं। अगर शराब बंद हो जाएगी तो लोग पीना बंद कर देंगे और उत्तर प्रदेश सड़क नशा मुक्ति हो जाएगा।

शराब पीने से होते हैं ज्यादातर एक्सीडेंट

शराब पीने के बाद लोग वाहन चलाते हैं और 90% शराब पीने के बाद जब एक्सीडेंट होते हैं तो 50% लोगों की मौत हो जाती है। जिससे शरीर की कहानी और आर्थिक हानि भी होती है, इसलिए शराब बंद करने को लेकर उप जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है, औऱ नशा मुक्त के लिए शराब बंद की जाए इस मौके पर गुलाब चंद कुशवाहा, जियालाल धुरिया, सीताराम राजपूत, पंकज शिवहरे, चंद्र बदन प्रजापति, प्रताप सिंह सचान, संतोष कुमार यादव, सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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