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अतर्रा के तरसुमा गांव में चकबंदी निरस्त करने की मांग:किसानों ने दी सामूहिक आत्महत्या की धमकी, एसडीएम ने कहा- रोकी जाएगी प्रक्रिया

अतर्रा, बांदा3 महीने पहले
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बांदा जनपद के अतर्रा तहसील क्षेत्र के तरसुमा गांव के ग्रामीणों ने बुधवार को गांव में कराई जा रही चकबंदी का विरोध किया है। ग्रामीण चकबंदी के विरोध में अब सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन की बात कही है। उप जिलाधिकारी व तहसीलदार को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उनके गांव की भूमि ऊबड़- खाबड़, नदी व नाला से युक्त होने के कारण चकबंदी लायक नहीं है। गांव में खुली बैठक के दौरान निरस्तीकरण का प्रस्ताव भी पारित किया।

मनमाने तरीके से कराया आवंटन

कहा कि ग्राम पंचायत में दो नदियां बहती हैं। लोग किसी प्रकार जीवन यापन कर रहे हैं। चकबंदी होने से उनके परिवार भुखमरी के कगार पर आ जाएंगे। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत की भौगोलिक स्थिति ठीक नहीं है। ग्राम प्रधान नत्थू यादव का आरोप है कि चकबंदी के लिए गांव से प्रस्ताव नहीं मांगा गया। विभाग मनमाने ने तरीके से चक आवंटन कर आकार पत्र 23 का प्रकाशन करा दिया।

गांव में खुली बैठक के दौरान मौजूद अधिकारी।
गांव में खुली बैठक के दौरान मौजूद अधिकारी।

बैठक कर प्रस्ताव किया पारित

आक्रोशित ग्रामीणों ने कहा कि यदि चकबंदी प्रक्रिया नहीं रोकी गई तो किसान सामूहिक आत्महत्या कर लेंगे। तरसुमा गांव में ग्राम पंचायत की खुली बैठक का ग्रामीणों ने आयोजन कर चकबंदी प्रक्रिया को निरस्त करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया था। उपजिलाधिकारी अतर्रा ने ग्रामीणों के विरोध पर चकबंदी प्रकिया निरस्त कराने का आश्वासन दिया है।

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