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बलरामपुर पहुंची राज्य महिला आयोग की सदस्य:मरीजों से पैसे वसूलने की शिकायत पर तीन स्टाफ नर्सों को वेतन रोकने का दिया निर्देश

बलरामपुर2 महीने पहले
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बलरामपुर के संयुक्त जिला अस्पताल में बुधवार को राज्य महिला आयोग सदस्य सुनीता बंसल ने निरीक्षण किया। सुनीता डॉक्टरों की और स्टाफ नर्स की व्यस्तता के कारण भटकते मरीजों को देख भड़क गईं। वहीं मरीजों को जांच और दवाई बाहर से लिखे जाने की सूचना पर उन्होंने तीन महिला चिकित्सक समेत नेत्र सर्जन को फटकार लगा दी। उन्होंने अस्पताल में मरीजों से वैसे वसूलने की शिकायत पर प्रभारी सीएमएस को तीन स्टाफ नर्सों का वेतन रोकने का निर्देश दिया है। आयोग सदस्य सुनीता ने जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देने की बात कही है।

खाली चैंबर मिले तो जताई नाराजगी
खगईजोत में चौपाल लगाने के बाद राज्य महिला आयोग सदस्य दोपहर करीब साढ़े 12 बजे जिला अस्पताल पहुंचीं। उनके यहां पहुचंने पर सर्जन, बाल रोग विशेषज्ञ व महिला चिकित्सक का चैंबर खाली मिला। अस्पताल कर्मियों ने बताया कि सभी चिकित्सक व स्टाफ नर्स सीएमओ कार्यालय में एक प्रशिक्षण में व्यस्त हैं। आयोग सदस्य ने नाराजगी जताते हुए सीएमओ डा. सुशील कुमार को बुलाया। प्रभारी सीएमएस डा. एनके बाजपेई एवं डाॅ. एके यादव भी पहुंच गए।

चिकित्सकों को लगाई फटकार
अस्पताल आई राम कुमारी, सुनीता, नीलम, विमल कुमार ने बताया कि महिला सर्जन डाॅ. उम्मे खतीजा, स्त्रीरोग विशेषज्ञ डा. मेधावी सिंह व डा. नैनसी त्रिपाठी अस्पताल की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट व जांच को सही नहीं मानती हैं। बाहर की जांच व दवा लिखती हैं। स्टाफ नर्स कल्पना त्रिपाठी, दीपा सिंह व दीपा पांडेय प्रसव कक्ष एवं वार्ड में वसूली करती हैं। आयोग सदस्य ने चिकित्सकों को बुलाकर फटकार लगाई।

नेत्र सर्जन डा. सुनील कुमार को भी बाहरी दवा लिखने पर फटकार लगाई। डा. नैनसी ने बाहरी जांच व दवा लिखने की बात स्वीकार करते हुए माफी मांगी। महिला सर्जन डा. उम्मे खतीजा ड्यूटी पर नहीं थीं। लोगों ने बताया कि उनकी रात में ड्यूटी थी। सीएमओ ने प्रसव कक्ष से उपस्थिति पंजिका मंगवाई, जिसमें रात में महिला सर्जन की ड्यूटी का ब्योरा नहीं था। आयोग सदस्य ने जांच कर महिला सर्जन के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश सीएमओ को दिया।

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