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बलिया में फर्म पर लगा 3.92 लाख जुर्माना, टेंडर निरस्त:कटहल नाले की सफाई में मिली थी गड़बड़ी, डीएम ने की कार्रवाई

बलिया6 महीने पहले
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बलिया में फर्म पर लगा 3.92 लाख जुर्माना, टेंडर निरस्त - Money Bhaskar
बलिया में फर्म पर लगा 3.92 लाख जुर्माना, टेंडर निरस्त

बलिया में कटहल नाले के सफाई कार्य में लापरवाही पर जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल के सख्त रुख करने के बाद सिंचाई विभाग ने संबंधित फर्म पर बड़ी कार्रवाई की है। सिंचाई खण्ड के अधीक्षण अभियंता ने मेसर्स प्रताप कंस्ट्रक्शन पार्टनर राणा प्रताप सिंह (निवासी फरीदपुर पचखोरा) पर 3 लाख 92 हजार 204 रुपये का अर्थदंड लगाया है। इसके साथ ही अनुबंध भी समाप्त कर दिया गया है।

50 प्रतिशत पूरा हो चुका है काम

अधीक्षण अभियंता ने बताया कि अनुबंध के अनुसार कटहल नाला के 1.800 किमी से 4.600 किमी तथा 13.900 से 18.600 किमी के बीच सिल्ट-सफाई कार्य किया जाना था। इसी बीच चार जून को अधिशासी अभियंता ने पत्र के माध्यम से बताया कि ठेकेदार द्वारा 2 जून से 16 जुलाई 2021 तक लगभग 50 प्रतिशत कार्य किया जा चुका है। शेष कार्य कराने में असमर्थता जाहिर की जा रही है। इसका कारण नाले तक मशीनों की पहुंच नहीं हो पाना बताया जा रहा था।

काम की रफ्तार मिली थी बेहद धीमी

इसी बीच पहुंची जिलाधिकारी ने कटहल नाले में हो रहे सिल्ट-सफाई कार्य का बकायदा निरीक्षण कर दिया और धीमी प्रगति पर सिंचाई विभाग से जिम्मेदार अफसरों से सवाल किया। इसके बाद अधीक्षण अभियंता ने मेसर्स प्रताप कंस्ट्रक्शन के ऊपर अनुबंधित लागत के सापेक्ष पांच प्रतिशत, यानी 3 लाख 92 हजार 204 रुपये का अर्थदंड की कार्रवाई करते हुए अनुबंध को समाप्त कर दिया है।

बढ़ाई गई मशीनों की संख्या

वर्तमान में सुधा एसोसिएट्स द्वारा कटहल नाले के सिल्ट सफाई का कार्य किया जा रहा है। पहले एक बड़ी मशीन से सफाई का कार्य हो रहा था लेकिन अब तीन और मशीनें लगा दी गई है। पहले के ठेकेदार ने परमानंदपुर के पास मशीनें न पहुंच पाने की दिक्कत बताई गई थी लेकिन डीएम के निरीक्षण के बाद तहसील कर्मियों और ग्राम प्रधान जलालुद्दीन के सहयोग से मशीनों की पहुंच नाले तक करवा दी गई है। जिससे अब नाले की सफाई का कार्य जारी है। शहर के लिए लाइफ-लाइन का काम करने वाला कटहल नाला अफसरों और ठेकेदारों के लिए दुधारु गाय बन गया था। सफाई के नाम पर हर साल कागजी कोरम पूरा कर पैसे का बंदरबांट हो जाता था। इसका नतीजा यह हुआ कि बरसात के दिनों में शहर जलमग्न होने लगा। इसके निदान के लिए नाले की सफाई को जरुरी बताया गया। यही कारण है कि इसको लेकर इस बार डीएम गंभीर हैं।