पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

चोरी की बिजली से चार्ज हो रहे 3.50 हजार ई-रिक्शा:किसी ने भी ई-रिक्शा चार्ज करने के लिए कॉमर्शियल कनेक्शन नहीं लिया

बलिया2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

बलिया में 3.50 हजार ई-रिक्शा चल रहे हैं। इनमें से एक भी ई-रिक्शा चालक ने कॉर्मिशियल बिजली कनेक्शन नहीं लिया है। सभी चोरी की बिजली से अपना ई-रिक्शा चार्ज करते हैं। बिजली विभाग के अफसर इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। विजली विभाग का हर दिन लगभग 22 हजार रुपये का नुकसान हो रहा है।

परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक वर्तमान समय में करीब साढ़े तीन हजार ई-रिक्शा रजिस्टर्ड हैं। एक ई-रिक्शा की बैट्री दो से ढाई घंटे में फुल चार्ज होती है। एक ई-रिक्शा की बैट्री की चार्जिंग पर करीब दो यूनिट बिजली की खपत होती है। बिजली की दर करीब साढ़े छह रुपये प्रति यूनिट है। ऐसे में ई-रिक्शा चार्ज करने पर हर दिन तकरीबन 22 हजार रुपये की बिजली चोरी होती है। बिजली विभाग के एक्सईएन मनोज सिंह ने बताया कि ई-रिक्शा चार्जिंग के लिए कॉर्मिशियल बिजली का कनेक्शन होना आवश्यक है, लेकिन ई-रिक्शा चालक घरेलू अथवा अवैध कनेक्शन से ही चार्ज करते हैं। विभागीय रिकार्ड में ई-रिक्शा चार्जिंग के लिए पूरे जिले में किसी ने ई-रिक्शा चार्ज करने के लिए कनेक्शन नहीं लिया है।
ई-रिक्शा पॉर्किंग में जार्च होते हैं
ई-रिक्शा संचालक शहर के अलावा आसपास के इलाकों के रहने वाले हैं। पूरे दिन वह कमाई करने के बाद शाम को ई-रिक्शा को पार्किंग में खड़ा कर घर लौट जाते हैं। पार्किंग संचालक पूरी रात ई-रिक्शा को चार्ज करते हैं। इसके एवज में संचालकों को सौ से डेढ़ सौ रुपये प्रतिदिन देना होता है। कुछ दिनों पहले शहर से सटे अमृतपाली में अवैध ई-रिक्शा पार्किंग में चार्जिंग के दौरान लगी आग में दर्जनों ई-रिक्शा जल गये थे। बताया जाता है कि यह अवैध कार्य बिजली विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से अवैध तरीके से हो रहा है।