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बिजली बिल भुगतान पंचायतों से कराना विकास में बाधा:ग्रामीणों को प्रधान से होती है अपेक्षाएं, बिजली बिलिंग प्रधान पर अतिरिक्त बोझ - प्रधान संघ अध्यक्ष

बैरिया, बलिया5 महीने पहले
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क्षेत्र के विकास खण्ड बैरिया के प्रधान संघ अध्यक्ष प्रतिनिधि ने पंचायत भवन,प्राथमिक विद्यालय और स्ट्रीट लाइट का बकाया बिजली बिल भुगतान को लेकर राजवित्त से जमा कराने के डीपीआरओ के आदेश पर कहा कि इससे ग्राम पंचायतों का विकास बाधित होगा।

बैरिया प्रधान संघ अध्यक्ष ममता यादव के पति/प्रधान संघ अध्यक्ष प्रतिनिधि अरुण यादव ने बताया कि पंचायत भवन व प्राथमिक विद्यालयों के पुराना बकाया बिल जमा करने का जो आदेश जारी हुआ है वह ग्राम पंचायत के विकास में बाधा है। बताया कि पिछले कई पंचायत कार्यकाल में विद्यालयों व पंचायत भवनों का बिजली बिल जमा ही नहीं हुआ, जो हजारों में है। उसे जमा करने का आदेश जारी कर दिया गया है।

ऐसे में यदि ग्राम प्रधान राजवित्त के धन को बिजली बिल के परिपेक्ष में जमा कर दें तो ग्राम पंचायत के अन्य विकास कार्य को कैसे और कहाँ से किया जायेगा। अरुण यादव ने कहा कि गाँव की गरीब जनता को ग्राम प्रधान से शौचालय व आवास काफी अपेक्षा रहती है। 25 मई 2021 को शपथ ग्रहण करने के बाद प्रधान को यह अधिकार ही नहीं मिला है कि वह किसी ग्रामीण को शौचालय व आवास स्वीकृत करा दें। अभी तो पिछली सूची का ही लक्ष्य पूरा करना है। ऐसी स्थिति में बिजली बिलिंग एक अतिरिक्त बोझ पंचायतों पर आ गया। हर ग्राम प्रधान परेशान है। उन्होने बताया कि वर्ष में एक बार कार्य योजना बनती है।

बीच में जो कार्य योजना बनती है वह तत्कालिक योजना बनती है। जैसे सड़क,नाली,मिट्टी भरवाना,नालियों पर पट्टी डलवाना,हैण्ड पम्प रिबोर कराना आदि कार्य होते हैं। ये सारे कार्य तत्कालिक कार्य हैं। इसमें भी समस्या होती है। इन्हीं कार्यों के लिए संगठन पाचास हजार प्रधान कोष के लिए मांग कर रहा है। जो विकास को गति देने के लिए आवश्यक है। मनरेगा से मिट्टी कार्य की समस्या गाँवों में बनी हुई है। इसको लेकर अध्यक्ष प्रतिनिधि ने सांसद व विधायक से मांग की है कि समस्या को सदन में उठाकर मनरेगा नियमों में संशोधन कराकर, यह नियम बनाया जाए कि मिट्टी उपलब्ध न होने पर दूसरी जगह से मिट्टी क्रय कर कार्य कराया जाए।

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